बाराबंकी : एसडीएम की सूझ बूझ से टला विवाद, भूमाफियाओं को हवालात का रास्ता दिखाया

रामसनेहीघाट बाराबंकी। तहसील रामसनेहीघाट के सिल्हौर पुल के निर्माण एवम सड़क मार्ग के लिए अधिकृत भूमि राज्यपाल के नाम बैनामा करने आया भू स्वामी को गांव के ही कुछ लोगो द्वारा बैनामा रोके जाने पर उपजिलाधिकारी वा तहसीलदार ने पुलिस को बुलाकर उसे हवालात भेजवा दिया।

तहसील क्षेत्र के सिल्हौर के गोमती नदी में बन रहा पुल के अगल बगल सरकार द्वारा भूमि को अधिग्रहण कर टेंडर जारी कर दिया था उक्त भूमि को गांव के ही कुछ दबंग भूमाफियाओं ने दलित की जमीन जो कि सेतु निर्माण निगम द्वारा अधिग्रहित की है उसके मुवावजे को हड़पने के लिए तहसील रजिस्ट्री में बैनामा रोके जाने को लेकर काफी हंगामा किया। वहां पर मौजूद उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम के जे ई जे एस तिवारी वा अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अरविंद मिश्रा ने उप जिलाधिकारी रामसनेहीघाट अवगत कराया की राज्यपाल के नाम होने जा रही रजिस्ट्री को सिल्हौर गांव के कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से रोकी जा रही है मामले को गंभीरता से लेते हुए। एस डी एम ने अपनी सूझ बूझ दिखाते हुए पुलिस को बुलाकर भूमाफियाओं को हवालात का रास्ता दिखा दिया।

बता दें कि मामला ग्राम पूरे खाले पोस्ट सिल्हौर जिला बाराबंकी का है जंहा गया प्रसाद मिश्र,धारानाथ मिश्र,रामकुमार मिश्र आदि लोगो ने कृष्ण राज रावत की भूमि को अपना बता कर रोक रहे थे उन लोगो का कहना था की उक्त भूमि का मुकदमा राजस्व परिषद प्रयाग राज में विचाराधीन है जिसे रोका जाय।उक्त भूमि जो दर्ज अभिलेख कृष्ण राज के नाम दर्ज है जिसका बैनामा आज सेतु निर्माण निगम द्वारा कराया जा रहा था तभी उसको रोकने के लिए रामकुमार मिश्र, मोहित मिश्र आदि ने आकर तहसील में हंगामा करना शुरू कर दिया। सेतु निर्माण निगम के कर्मचारियों के आग्रह करने पर एस. डी. एम.विजय कुमार त्रिवेदी रामसनेही घाट वा तहसीलदार ज्ञानेंद्र सिंह ने अपनी सूझ बूझ दिखाते हुए पुलिस को बुलाकर रामकुमार मिश्र, मोहित मिश्र आदि को पुलिस के हवाले कर दिया।

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