बरेली: निजी स्कूल अभिभावकों पर बना रहे हैं दवाब

इमरान खान

बरेली। कोरोना वायरस की महामारी के बीच देश में किए गए लॉकडाउन को देखते हुए अभिभावकों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो चुकी है इस बीच अभिभावक शासन से लगातार फीस माफ़ी की गुहार लगा रहे है। इस दौरान यूथ पावर वेलफेयर सोसाइटी डीआईओएस डॉ अमरकांत वर्मा को 11सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को रखा। इस बीच उन्होंने कहा कि  सरकार की जिम्मेदारी है कि वह आम आदमी का ध्यान रखे। पूरे देश में लोगों के कारोबार बंद हैं, लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, लोगों को परिवार चलाने का संकट है, ऐसे मुश्किल वक्त में स्कूलों के मालिक अभिभावकों से फीस के लिए मेसेज भेजकर दबाव बना रहे हैं जो कि गलत है।

सोसायटी के अध्यक्ष गौरव सक्सेना ने कहा कि अभिभावकों को स्कूल वाले तीन श्रेणियों में बांट कर उनके साथ भेदभाव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभिभावकों केवल आर्थिक रूप से तीन वर्गों में ना बांटा जाये। उन्होंने कहा फीस माफी मात्र ही एक विकल्प है क्योंकि तीन महीने लॉक डाउन होने बाद स्कूल बंद रहे स्कूल में कोई भी खर्च नहीं हुआ वरना हर माह अभिभावकों ने गर्मी की छुट्टियों में छात्रों की फीस भरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि शुल्क विनिमय अधिनियम 2018 के अनुसार जो विद्यालय 20,000 से अधिक फीस ले रहे हैं। उसकी अभी तक जांच नहीं कराई गई है उसकी जांच कराई जाए। इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में बंटी ठाकुर,  प्रेम शर्मा, शिवकुमार पाठक, शिवम सक्सेना,  मोहम्मद सैफ अंकित मक्क्ड़ आदि मौजूद रहे

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