मृत्यु का सबसे बड़ा कारण हृदय रोग और पक्षघात है : प्रोफेसर डा. ऋषि सेठी

उत्तर प्रदेश में लागू होगा हृदयाघात प्रबंधन कार्यक्रम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हृदयाघात प्रबंधन कार्यक्रम लागू होगा। इसमें किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के चिकित्सक सहयोग करेंगे। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चल रहे स्टेमी इंडिया अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन 2018 के दूसरे दिन केजीएमयू विशेषज्ञ प्रोफेसर डा. ऋषि सेठी ने कहा कि मृत्यु का सबसे बड़ा कारण हृदय रोग और पक्षघात है।

हृदय रोग से होने वाली असामयिक मृत्यु दर और रुग्णता में गिरावट आती है

डा. ऋषि सेठी ने कहा कि हृदय रोग प्रबंधन कार्यक्रम को लागू करने से हृदय रोग से होने वाली असामयिक मृत्यु दर और रुग्णता में गिरावट आती है। स्टेमी इंडिया 2018 का एक प्रमुख उद्देश्य रहा कि उत्तर प्रदेश में हार्ट अटैक टीम की मदद से दिल का दौरा हृदयाघात प्रबंधन कार्यक्रम प्रदेश में लागू हो। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के हृदय रोग विभाग के प्रमुख और स्टेमी इंडिया 2018 के कोर्स डायरेक्टर प्रोफेसर डा.वीएस नारायण ने कहा कि स्टेमी दिल का दौरा जानलेवा हो सकता है.

परन्तु यदि इसका अविल ब और उचित इलाज किया जाए तो मरीज की जान बचायी जा सकती है। इसीलिए स्टेमी दिल के दौरे के लिए विशेष मॉडल को लागू करने की जरूरत है जिससे कि बिना विल ब समय रहते सही चिकित्सकीय सेवा जरूरतमंद लोगों को मिल सके। प्रोफेसर ऋ षि सेठी ने बताया कि भारत देश के जिन राज्यों में स्टेमी केयर मॉडल नहीं है उनमें से उत्तर प्रदेश पहला राज्य होगा। जहां आने वाले एक साल में स्टेमी दिल के दौरे के प्रबंधन के लिए मॉडल को लागू हो जायेगा।

एक साल बाद उत्तर प्रदेश में लागू हुए स्टेमी केयर मॉडल के मूल्यांकन से अन्य राज्य भी लाभान्वित होंगे। डा. अक्षय प्रधान ने कहा कि स्टेमी इंडिया ने हृदयाघात प्रबंधन हेतु तमिलनाडू में एक अनूठे मॉडल ऑफ केयर को विकसित किया है। जिसके कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकारों निर्धन रोगियों के लिए स्वास्थ्य बीमा सेवाओं और राजकीय ए बुलेंस सेवाओं में परस्पर सहयोग आवश्यक है।

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