Bihar Elections Opinion Poll 2020: बिहार में नीतीश का नहीं मोदी का बोलबाला

देश में चुनाव का माहौल चल रहा है. राजनीतिक गलियारों में किसी के नाम की जयजयकार हो रही है, तो किसी का नाम बदनाम हो रहा है. कोई देश में विकास लाने की बात कर रहा है, तो कोई देश की नारियों पर अभद्र टिपणी कर उन्हें आइटम बोल रहा है. देश की जनता को किंगमेकर कहा जाता है क्योंकि वो किसी की भी सरकार बना सकती है, और किसी की भी गिरा सकती है. इसलिए कोई भी राजनेता चुनाव के वक्त जनता की जी हुज़ूरी करने से पीछे नहीं हटता. लेकिन जनता भी समझदार हो गई है.

वह भली-भांति जानती है कि कौन देश में विकास कर रहा है और कौन देश को विनाश की राह पर ले जा रहा है. अब बिहार चुनाव की वोटिंग से पहले ओपिनियन पोलों की भरमार दिख रही है. ओपिनियन पोलों में एक बात तो साफ हो गई है कि अभी भी मोदी का जादू बरकरार है. आइये अब आपको बताते हैं, कि ओपिनियन पोल के आकड़ें क्या कहते हैं?

दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव के लिए Times Now-CVoter  के साथ-साथ ABP न्यूज़ चैनल ने भी ओपिनियन पोल के आंकड़े पेश किए हैं. इस ओपिनियन पोल में लगभग 30 हजार से अधिक लोगों पर सर्वे किया गया और 60 हजार से अधिक लोगों की राय शामिल की गई. जिसमें शामिल लोगों से सवाल पूछा गया की ‘सीएम नीतीश के प्रदर्शन से आप कितने संतुष्ट हैं?’ और ‘पीएम मोदी के प्रदर्शन से आप कितने संतुष्ट हैं?’

इन सवालों के जवाब के मुताबिक नीतीश कुमार के प्रदर्शन से 27.43% लोग बेहद खुश हैं. जबकि 31.54 प्रतिशत कुछ कम संतुष्ट हैं. और 40.42% लोग नीतीश कुमार ने संतुष्ट नहीं है. वहीं पीएम मोदी के प्रदर्शन से 47.06% लोग बहुत संतुष्ट थे, 28.45% थोड़े कम संतुष्ट थे. वहीं 24.29% लोग पीएम मोदी के प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं थे. इन आकड़ों में साफ़-साफ़ देखा जा सकता है, कि बिहार की जनता के मन में मोदी के नाम की ज्योति जल रही है.

सर्वे के मुताबिक जब बिहार की जनता से पूछा गया, कि वो किसे बिहार का मुख्या मंत्री बनाना चाहेंगे? तो वही जनता ने बताया, कि अभी भी 29.5 प्रतिशत लोगों की पहली पसंद नीतीश कुमार ही हैं. जबकि चिराग पासवान को 13.8 प्रतिशत लोग सीएम के रूप में देखना चाहते हैं. वहीं तेजस्वी यादव को 19.9 प्रतिशत और सुशील मोदी को 9.9 लोग सीएम के रूप में देखना चाहते हैं.

जब ओपिनियन पोल में पूछा गया कि बिहार में कौन सी पार्टी सबसे बेहतर मुद्दों को संभाल सकती है? इस सवाल के जवाब में लोगों की पहली पसंद एनडीए ही है. जी हां लगभग 31.33 प्रतिशत लोगों की पहली पसंद एनडीए है. जबकि यूपीए के लिए 20.98 फीसदी लोगों ने वोट किया. वहीं 47.69 प्रतिशत लोगों की मानना है कि बिहार के मुद्दों को कोई नहीं संभाल सकता है.

अगर देखा जाए तो जिन मुद्दों को लेकर बिहार में विधानसभा का चुनाव लड़ा जा रहा है. उनमें बेरोजगारी का मुद्दा सबसे ऊपर है. 54.03 फीसदी लोगों ने बेरोजगारी को बड़ी समस्या  माना तो 19.87 लोगों ने अन्य, मुद्दों को अहम बताया, जबकि 10.04 प्रतिशत लोगों ने कोरोना के असर को 5.11 प्रतिशत लोगों ने भ्रष्टायचार को बड़ा मुद्दा माना.

बता दें कि बिहार में तीन चरणों में विधानसभा का चुनाव होना है. पहले चरण के लिए 28 अक्टूबर को मतदान होगा. जबकि दूसरे चरण के लिए 3 नवबंर, तीसरे और आखिरी चरण के लिए 7 नवबंर को मतदान होगा. 10 नवबंर को मतगणना होगी और पता चल जाएगा कि बिहार में किसकी सरकार बनेगी. इन आकड़ों में भले ही नीतीश और मोदी के बीच कोई भी जीते लेकिन इस पोल में जनता की वोट के मुताबिक बिहार में बीजेपी के जीतने के आसार ज्यादा है. अब देखना होगा की चुनाव के बाद 10 अक्टूबर को क्या परिणाम निकलेगा और बिहार की जनता किसे अपने सिर पर बिठाकर बिहार का मुख्यमंत्री बनाती है और किसे धुल चटाती है.

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