VIDEO : प्रोफेसर का दावा : नारियल का तेल है “जहर”….

नई दिल्‍ली: कोकोनेट आयल को लेकर अब तक तमाम  स्टडी हो चुकी है और हर बार इसके फायदे ही गिनाए गए हैं, लेकिन इस बार हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने चौंकाने वाले दावे किए हैं जिनमें कोकोनट ऑयल का ज्यादा यूज खतरनाक बताया गया है।

रिसर्च में बताया गया है कि कोकोनट ऑयल सेहत के लिए वैसे ही नुकसानदायक है जैसे कि वनस्पति घी और रिफाइंड। इस तेल को प्योर प्‍वॉइजन का नाम दिया गया है।

यह तेल जहर से कम नहीं 
हार्वर्ड के प्रोफेसर का दावा है कि ये प्योर तो है लेकिन जहर से कम नहीं। प्रोफेसर करिन मिचएल्स का कहना है कि कोकोनट सबसे वर्स्ट फ़ूड है जिसे खाया जाता है क्योंकि ये सैचुरेटेड फैटी एसिड से ज्यादातर बनता है और ये सीधे चर्बी बनाने का खतरा पैदा करता है।

बैड कैलेस्ट्रोल, हाई बीपी और हार्ट की बीमारी
केवल हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ही नहीं बल्कि अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने भी पहले ये दावा किया था कि ज्यादा कोकोनट आयल का यूज एलडीएल और बैड कैलेस्ट्रोल को बढ़ाता है।

दिल की बीमारियों का खतरा
कैरिन अपनी इस बात की पुष्टि के लिए कहती हैं कि नारियल तेल में सैच्युरेटेड फैट की मात्रा बहुत अधिक होती है जो शरीर में LDL कलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ाने के लिए जाना जाता है और इसलिए दिल से जुड़ी बीमारियों के बढ़ने का खतरा भी अधिक होता है। नारियल तेल में 80 प्रतिशत से अधिक सैच्युरेटेड फैट होता है। नारियल तेल को खाने में शामिल करने के खिलाफ चेतावनी जारी करते हुए ब्रिटिश न्यूट्रिशन फाउंडेशन ने कहा, ‘नारियल तेल को खाने में इस्तेमाल करना सेहत के लिए फायदेमंद है इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।’

नारियल तेल में मक्खन से 1/3 अधिक फैट
ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन की सीनियर डायटिशन विक्टोरिया टेलर कहती हैं, नारियल के तेल में 86 प्रतिशत सैच्युरेटेड फैट हो ता है जो मक्खन में मौजूद सैच्युरेटेड फैट से एक तिहाई ज्यादा है। इस बारे में भी कुछ विचार व्यक्त किए गए हैं कि नारियल तेल में मौजूद सैच्युटरेटेड फैट दूसरी चीजों में मौजूद सैच्युरेटेड फैट की तुलना में हमारे शरीर के लिए अच्छा है, लेकिन इस बात को साबित करने के लिए अब तक कोई ठोस रिसर्च नहीं की गई है।

ऐसे में एक बात अब ये ध्यान में रखने की है कि आप कोकोनट आयल को सेफ समझ कर खाते रहने की सोच को बदल लें। खास कर साउथ इंडियंस को अपनी डाइट्री हैबिट में बदलाव करना होगा। वर्ना हाई बीपी, कैलेस्ट्रोल, हार्ट डिजीज जैसी बीमारी के पीछे कोकोनट आयल ही दोषी होगा।

ऐसा दावा है कि जब ये आयल आलू, मूंगफली, केले, अंडा या अन्य कार्बोहाइड्रेट या फैटी चीज़ों के साथ मिलता है तो इसका असर और खतरनाक होता है। इस ऑयल का यूज़ बहुत कम मात्रा में करना ही सही माना गया है।

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