J&K : सेंट्रल यूनिवर्सिटी में राष्ट्रगान का अपमान, VIDEO वायरल 

भारत सरकार एक तरफ जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत की बात करती है। लेकिन कश्मीर में कुछ ऐसे संगठन और गुमराह लोग हैं जिन्हें शायद इन शब्दों के पीछे की भावना के बारे में पता नहीं है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी श्रीनगर में कुछ ऐसा हुआ जो न केवल शर्मसार करती है बल्कि कुछ सवाल भी उन लोगों से पूछती है जो आजादी के दिवास्वप्न देख रहे हैं।

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर भारत का ताज है। लेकिन इस ताज पर अलग अलग ढंग से कुछ गुमराह लोग निशाना साधते रहते हैं। शायद वो इस बात को भूल जाते हैं कि संविधान के दायरे में भारत का हर एक शख्स बंधा हुआ है। हर एक शख्स को भारत की गौरवगाथा और प्रतीकों का सम्मान करना अनिवार्य है। लेकिन श्रीनगर के सेंट्रल यूनिवर्सिटी में कुछ छात्रों ने ऐसा कुछ किया जो गुनाह-ए-अजीम है।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह में राष्ट्रगान का हुआ  अपमान

श्रीनगर की सेंट्रल यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह के दौरान राष्ट्रगान के अपमान का मामला सामने आया है। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रगान के दौरान कुछ छात्र अपनी सीटों पर बैठे रहे। इस संबंध में छात्रों ने ही वीडियो बनाया है जिसमें देखा जा सकता है कि कुछ छात्र राष्ट्रगान के दौरान अपनी सीटों पर बैठे हुए हैं।

इस संबंध में गृहमंत्रालय की तरफ से स्पष्ट दिशानिर्देश है कि किसी कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान के बजने या बजाए जाने के दौरान मौजूद हर एक शख्स को सम्मान में अपनी सीट से खड़ा होना होगा। लेकिन ये बात अलग है कि जम्मू-कश्मीर के शिक्षा के मंदिर में कुछ छात्रों का शायद ये पता नहीं था या वे जानबूझकर भारत की शान में खड़ा न होने की गुस्ताखी कर रहे थे।

हाल ही में सिनेमा हॉल में पिक्चर के शुरू होने से पहले राष्ट्रगान को बजाना अनिवार्य कर दिया गया था। इसके साथ ही दर्शकों के लिए राष्ट्रगान के दौरान अपनी सीट पर खड़ा होना अनिवार्य था। लेकिन अब उसमें ढील दी गई है। दरअसल इसे लेकर विरोध भी हो हुआ था।लेकिन वो मुद्दा अलग था।

कश्मीर में ये देखा गया है कि भारत विरोधी तत्व इस तरह की हरकतों में संलिप्त रहे हैं। अक्सर ये देखा जाता है कि आतंकियों के जनाजों में गुमराह संगठन और कुछ युवा भारत विरोधी राग अलापते हैं। हाल ही में हम सबने देखा है कि जब कुछ आतंकियों को मार गिराया गया था तो उनके समर्थन में कुछ संगठनों ने श्रीनगर के लाल चौक पर विरोध किया था।

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