Congress Membership : कांग्रेस का सदस्य बनना है तो 10 बातों का रखना होगा ध्यान

Congress membership : कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President) का चुनाव अगले साल होना है। इससे पहले पार्टी सदस्यता (Membership of Congress) अभियान चलाएगी। उसके बाद स्थानीय स्तर के सांगठनिक चुनाव होंगे। अब देश की सबसे पुरानी पार्टी ने अपने सदस्यता फॉर्म में बड़ा बदलाव किया है। यानि किसी को अगर कांग्रेस पार्टी की सदस्यता हासिल करनी है तो इस फॉर्म में उसे 10 व्यक्तिगत बातों को लेकर सेल्फ डिक्लरेशन देना होगा।

कांग्रेस पार्टी के सांगठनिक चुनाव (Congress Sangathan Chunav) से पहले चलने वाले सदस्यता अभियान की शुरुआत इस साल 1 नवंबर को होगी। सदस्यता अभियान अगले साल 31 मार्च तक जारी रहेगी। नए कांग्रेस अध्यक्ष के लिए चुनाव अगले साल 21 अगस्त से 20 सितंबर के बीच होगा। 

बता दें कि हाल ही कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस वर्किंग कमिटी (Congress Working Committee) में इस फैसले पर मुहर लगाई गई है। नए फॉर्म के मुताबिक, सदस्यता लेते समय नए सदस्यों को घोषणा करनी होगी कि वह सीलिंग कानून से अधिक प्रॉपर्टी नहीं रखेंगे। वे पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों में शामिल होते हुए शारीरिक श्रम या काम करने में संकोच नहीं करेंगे। नए सदस्यता अभियान से पहले तैयार किए गए फॉर्म (Congress Membership form) के मुताबिक, नए सदस्यों को 10 व्यक्तिगत वादे करने होंगे। नए सदस्यों को यह भी लिखित में देना होगा कि वे किसी तरह के सामाजिक भेदभाव में शामिल नहीं होंगे और समाज से इसे खत्म करने के लिए काम करेंगे।
कांग्रेस का सदस्य बनने की इच्छा रखने वालों को इस नए फॉर्म पर लिखित में सेल्फ डिक्लेरेशन (Self declaration) देना होगा। लिखित में यह वादा करना होगा कि “मैं खादी पहनने का आदी हूं। मैं शराब और ड्रग्स से दूर रहता हूं। मैं सामाजिक भेदभाव नहीं करता और इसे समाज से हटाने की दिशा में काम करने में विश्वास करता हूं। मैं किसी भी प्रकार के शारीरिक श्रम सहित सौंपे गए काम को करने के लिए तैयार हूं।”

बता दें कि बीते 16 अक्टूबर को नई दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में सांगठनिक चुनावों का फैसला किया गया था। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा था कि हाल ही में लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri Violence) की भयावह घटना ने भाजपाई मानसिकता को उजागर किया है कि वो किसान आंदोलन (Farmers Movement) को कैसे देखती है, किसानों द्वारा अपने जीवन और आजीविका की रक्षा के लिए इस दृढ़ संघर्ष से कैसे निपटती है। 

कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के न केवल सामरिक और आर्थिक उद्देश्य (Strategic And Economic Goals) रहे हैं बल्कि इसके सामाजिक लक्ष्य भी हैं। लेकिन ये सब मोदी सरकार (Modi Govt) के बेचो, बेचो, बेचो के सिंगल-पॉइंट एजेंडे के चलते खतरे में है।

कांग्रेस वर्किंग कमिटी (Congress Working Committie) की उस बैठक में सोनिया गांधी ने जी-23 नेताओं को साफ संदेश दिया था कि वे पार्टी की फुल टाइम प्रेसिडेंट हैं। बता दें कि जी-23 से आशय कांग्रेस के उन 23 नेताओं से है जिन्होंने पिछले साल सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर कांग्रेस में बड़े बदलाव और फुल टाइम प्रेसिडेंट (Congress President) की जरूरत बताई थी।

सोनिया गांधी ने बिना नाम लिए पार्टी के नेताओं को नसीहत भी दी थी कि वे साफगोई के समर्थक हैं लेकिन उनसे मीडिया के जरिए बात न करें।

उसी बैठक में सोनिया गांधी ने कहा था कि संगठन चुनावों का शेड्यूल तैयार है और वेणुगोपाल जी (KC Venugopal) इसकी पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी देंगे। गांधी ने कहा कि पूरा संगठन चाहता है कि कांग्रेस फिर से खड़ी हो लेकिन इसके लिए एकता और पार्टी हितों को सबसे ऊपर रखना जरूरी है। इससे भी ज्यादा जरूरत खुद पर काबू रखने और अनुशासन की है।

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