दरगाह आला हज़रत से बरेली समेत मुल्क भर के मुसलमानों के लिए क़ाज़ी-ए-हिन्दुस्तान का एलान

इमरान खान

बरेली :सुन्नी बरेलवी मरकज़ दरगाह आला हज़रत से क़ाज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रज़ा खाँ क़ादरी ने बरेली समेत मुल्क भर के मुसलमानों के लिए एलान किया है की अलविदा (जुमा) व ईद-उल-फितर की नमाज़ चंद लोगों के साथ मस्जिदों में अदा की जाएगी। जमात के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मिया ने मुफ्ती असजद मियां के हवाले से बताया की लॉकडाउन का चौथा चरण भी शुरू हो चुका है।

कोरोना वायरस जैसी महामारी में रमज़ान का सफर जारी है बीते दो माह से मस्जिदों में सामूहिक रुप से नमाज़ पर हुमुकत की जानिब से पाबन्दी है पांचो वक़्त की नमाज़, जुमा की नमाज़ और माह-ए-रमज़ान में विषेश रुप से पढ़ी जाने वाली नमाज़-ए-तरावीह में भी मात्र पांच लोग ही शामिल हो पा रहें है।

ऐसे में माह-ए-रमज़ान का आख़िरी जुमा अलविदा की नमाज़ 22 मई को मुल्क भर में अदा की जाएगी और ईद-उल-फितर की नमाज़ 24 या 25 मई को अदा की जाएगी मुल्क भर में फैली हुई कोरोना वायरस जैसी जानलेवा महामारी के चलते लोगों में अलविदा और ईद की नमाज़ को लेकर काफी बेचैनी थी की यह दोनों नमाज़े कैसे अदा‌ की जाएंगी इसी बात‌ को लेकर मुल्क भर के मुसलमानों की निगाहे सुन्नी बरेलवी मरकज़ बरेली शरीफ की तरफ़ टिकी हुई थी आज इस बात को स्पष्ट कर दिया गया है कि पंज़ वक़्ता नमाज़, जुमा और नमाज़े तरावीह जैसे लॉकडाउन मे इतने वक़्त से मस्जिदों में चंद लोगो के साथ अदा की जा रही थी, ठीक उसी तरह अलविदा (जुमा) और ईद-उल-फितर की भी नमाज़ मस्जिदो और ईदगाहो में चंद लोगों के साथ ही अदा की जाएगी बाकी लोग अपने घरों में अलविदा (जुमा) के बदले नमाज़-ए-ज़ोहर तन्हा तन्हा अदा करें और‌ जो लोग ईद-उल-फितर की नमाज़ पढ़ने से रहें जाए, वोह चार रक़अत नमाज़-

Back to top button
E-Paper