यूपी के देवरिया में मुजफ्फरपुर जैसा कांड : बच्च्यिों की दास्तां सुन यूपी हुआ शर्मसार

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के देवरिया से बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम जैसा मामला सामने आया है। यहां एक बालिका आश्रयगृह में यौन शोषण के आरोपों के बाद 24 लड़कियों को मुक्त कराया गया है। इसमें कुल 42 लोग रहते थे। 18 लड़कियां अभी भी लापता हैं। हालांकि राज्य सरकार एक्शन में आ चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया के डीएम सुजीत कुमार को हटाने का आदेश दे दिया है। रिपोर्ट आने के बाद उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने जांच के लिए दो सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति को देवरिया भेजा है। वे सोमवार को वहां रहेंगे और रिपोर्ट जमा करेंगे, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक रोहन पी कानय ने बताया

‘आश्रय घर से बचने वाली लड़कियों में से एक हमारे पास आई और कहा कि उन्हें नौकरों की रखा जाता था। उसने यह भी कहा कि कार 15 साल से ऊपर की लड़कियों को लेने के लिए आती हैं और लड़कियां अगले दिन वापस आती हैं। वो आकर रोती हैं। जांच चल रही है।’ बच्ची ने ये भी बताया कि छोटे-छोटे बच्चों से पोंछा लगवाया जाता है। काम ना करने पर पिटाई भी की जाती है।

प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) आनंद कुमार ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की जाएगी। उसमें रहने वाले बच्चों का मेडिकल परीक्षण किया जाएगा। पॉक्सो कोर्ट के सामने उनके बयान दर्ज कराए जाएंगे। विधिवत कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश की महिला एवं परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि उनके विभाग ने उस आश्रयगृह की मान्यता समाप्ति के आधार पर उसे बंद करने के आदेश दिए थे। विभाग ने पिछले दिनों इस मामले में एक मुकदमा भी दर्ज कराया था। जो घटना सामने आयी है, वह गम्भीर है। सचाई सामने आयेगी और इस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।

सीबीआई ने भी पाई थीं अनियमितताएं, फिर कुछ नहीं हुआ
तफ्तीश में यह बात भी सामने आई है कि 2017 में बालिका गृह की मान्यता गलत गतिविधियों के कारण रद्द कर दी गई थी. कई बार जिला प्रोबेशन अधिकारी और बल संरक्षण अधिकारी इस संस्था से बच्चियों को हैंडओवर करने के लिए नोटिस दे चुके थे, लेकिन राजनैतिक रसूख के चलते गिरिजा त्रिपाठी बालिका गृह बंद नहीं कर रही थी और ना लड़कियों को संबंधित विभाग को सौंप रही थी, जबकि अनियमितताओं की जांच उस समय सीबीआई ने की थी. इसके बाद भी बालिका गृह के संचालकों का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सका. बालिका गृह में 15 से 18 साल की लड़कियां हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

https://twitter.com/ANINewsUP/status/1026214384564162560

रात में नकाब में ले जाई जाती थीं, सुबह रोते हुए आती थीं वापस
बालिका गृह में लड़कियों के साथ यौन शोषण किया जाता था या नहीं, यह अभी अधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन लड़कियों के अनुसार उन्हें रात में जबरन नकाब पहनाकर अलग-अलग कारों से बाहर ले जाया जाता था. उनके साथ गलत काम होता था और सुबह होने से पहले ही बालिका गृह में छोड़ दिया जाता था. जो लड़की रात में ले जाई जाती थी, वह सुबह रोते हुए ही लौटती थी. उसकी आंखें सूजी होती थीं, लेकिन डर से कोई भी लड़की आपस में कुछ भी नहीं बताती थी.

ऐसे हुआ करतूत का खुलासा
बताया जा रहा है कि आज सुबह एक लड़की बालिका गृह से किसी तरह से भाग निकली. लड़की सीधे पुलिस के पास पहुंची और उसने पुलिस को घटनाक्रमों के बारे बताया. उसके आरोप सुन पुलिस भी सकते में आ गई. भागकर पहुंची लड़की के अनुसार, लड़कियां रात में अलग-अलग गाड़ियों से रोज ले जाती थीं. उन्हें नकाब पहनाकर ले जाता. इसके बाद वह रोते हुए वापस लौटती थीं. उनके साथ गलत व्यवहार होता था. बालिका गृह में उनका झाड़ू-पोंछा और बर्तन भी धुलवाए जाते थे.

24 छुड़ाई, 18 लड़कियां अब तक गायब
लड़की द्वारा इस खुलासे के बाद एसपी रोहन पी कनय ने कार्रवाई की. उन्‍होंने भारी पुलिस बल के साथ चार से पांच घंटे की छापेमारी की और गिरजा त्रिपाठी के चंगुल से 24 लड़कियों को मुक्त कराया. लड़कियों को अलग-अलग जगह से मुक्त कराया गया है. बताया जा रहा है कि यहां की 18 लड़कियां अब तक गायब हैं. देवरिया एसपी रोहन पी कनय ने बताया कि बालिका गृह को अवैध घोषित किया गया था और इसका चाल-चलन भी ठीक नहीं था. एसपी ने बताया कि पहले ही आशंका थी कि कुछ गलत हो रहा है. रविवार को संयोग से ऐसा हुआ कि एक लड़की भागकर आ गई. इसने बताया कि वो बाहर जाती हैं, उनके साथ गलत व्‍यवहार भी होता है. उनको लेने के लिए गाड़ियां आती थी. एसपी ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. यहां कई महिलाएं भी थीं. इनमें से कई गायब हैं.

Back to top button
E-Paper