झूठे चीन की खुल गई पोल, कोरोना संक्रमण का असली डेटा हुआ लीक, आंकड़ें भयावह हैं

कोरोनावायरस के जन्‍मदाता देश चीन के सारे झूठ एक – एक कर खुल रहे हैं । चीनियों की कतूतें सामने आ रही हैं । किस तरह से इस संक्रमण को लेकर एक-एक बात छिपाई गई, वो सब कुछ अब सामने आ रहा है । कोविड-19 को लेकर चीन पहले से ही दुनिया को गुमराह कर रहा था, अब आ रही खबर इस बात के पुख्‍ता सबूत दे रही है । अमेरिकी समाचार वेबसाइट फॉरेन पॉलिसी के हाथ चीन में कोरोना संक्रमण को लेकर चौंकाने वाले दस्तावेज लगे हैं।

लाखों लोग हुए थे संक्रमित
इस लीक डाटा से पता चला है कि चीन में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण 6.40 लाख लोग संक्रमित हुए थे और इस भयावह संक्रमण ने 230 शहरों को अपनी जद में लिया था । लीक डेटा में फरवरी से लेकर अप्रैल अंत तक के संक्रमित लोगों की पूरी सूची है । दवा किया गया है कि संक्रमित मरीजों की पुख्ता संख्या के साथ इसमें उनके मिलने के स्थान की जीपीएस कोडिंग भी दर्ज है।

लिस्‍ट में है पूरी जानकारी
रिपोर्ट में कहा गया है कि मिली जानकारी के अनुसार चीनी सेना की इंजीनियरिंग एकेडमी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी से लीक हुए इस डेटा में अस्पतालों के साथ संक्रमितों के मिलने वाले स्थान जैसे होटल, सुपर मार्केट, रेलवे स्टेशन, रेटरॉन्‍ट और स्कूलों तक के नाम भी शामिल हैं । हालांकि इस डेटा में इसकी जानकारी नहीं है कि संक्रमित मरीज ठीक हुए या फिर उनकी मौत हो गई ।

चीन के झूठे दावे
चीन पूरी दुनिया में ये ढि़ंढोरा पीट रहा है कि उसके यहां संक्रमण के सिर्फ 83 हजार तक ही पहुंचे । जिनमें से ज्‍यादातर ठीक हो गए । शहरों में भी सिर्फ हुबेई प्रांत के बारे में कहा गया कि सिर्फ यही क्षेत्र संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ । बहरहाल नए आंकड़े बता रहे हैं कि चीन भी इस संक्रमण से खुद को बचा नहीं पाया था । और अब तो इस देश में संक्रमण की दूसरी लहर चल पड़ी है । चीन के वुहान में कोरोना के दूसरा दौर की आशंका की जा रही है, यहां एक ही दिन में 6 नए मामले सामने आने के बाद सभी नागरिकों की कोरोना जांच की जाएगी। सिर्फ वुहान में 1.10 करोड़ लोगों की आबादी है ।

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