FD करते वक्त इन बातों का रखें खास ख्याल, वरना रह जाएंगे खाली हाथ

अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में आप अपना पैसा एक मैच्योरिटी पीरियड के लिए जमा करते हैं. एफडी में इंवेस्ट करने पर ग्राहकों को बेहतर इंटरेस्ट मिलता है. लेकिन आप अपने अमाउंट को एफडी से मैच्योरिटी पीरियड (Maturity Period) के पहले नहीं निकाल सकते हैं. लेकिन ऐसा करने के लिए आपको पेनाल्टी फीस का भुगतान करना होगा. फिक्स्ड डिपॉजिट में इंवेस्ट करने का सीनियर सिटीजन को बहुत फायदा मिलता है. बैंक सीनियर सिटीजन (Senior Citizen) को फिक्स्ड डिपॉजिट में इंवेस्टमेंट के लिए हाई इंटरेस्ट रेट ऑफर करती है. यहां आपको एक तय अमाउंट एक अवधि तक पे करना होता है.

फिक्स्ड डिपॉजिट पर सरकारी और प्राइवेट बैंक अलग-अलग इंटरेस्ट रेट देतें हैं. आप पोस्ट ऑफिस में भी फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट ओपन कर सकते हैं. लेकिन फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में इंवेस्ट करने से पहले आपको इससे जुड़ी जरुरी बातों की जानकारी होनी चाहिए. इन बातों को ध्यान में रखते हुए आप और आसानी से एफडी में निवेश कर सकतें हैं. और अपने इंवेस्टमेंट पर बेहतर रिटर्न पा सकते हैं.

अगर आप एफडी अकाउंट ओपन करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको जरुरी डॅाक्यूमेंट्स लेकर नजदीकी बैंक जाना होगा. जहां फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) अकाउंट का फॅार्म फिल करें और फिक्स डिपॉजिट में इन्वेस्ट किए जाने वाले अमाउंट को जमा कर दें.

मैच्योरिटी से पहले न निकालें फंड

फिक्स्ड डिपॉजिट में इंवेस्टमेंट एक निश्चित समय तक के लिए किया जाता है. अगर आप तय अवधि से पहले अपने अमाउंट का विड्रॅाल करेंगे तो आपको नुकसान हो सकता है. अगर आपने 5 साल के लिए फिक्स्ड डिपॅाजिट में इंवेस्टमेंट किया है तो आप इसके मैच्योरिटी के बाद ही विड्रॅाल कर सकते हैं. अगर फिर भी आपको राशि निकालनी है तो कम से कम एक साल का इंतजार करें. क्योंकि एक साल के डिपॅाजिट पर ही आपको लागू इंटरेस्ट रेट मिल पाएगी.

एफडी के इंटरेस्ट पर लगता है टैक्स

एफडी से होने वाली कमाई टैक्सेबल होती है. अगर आपका इंटरेस्ट अमाउंट 10,000 रुपये तक बढ़ता है तो बैंक आपको मिलने वाली राशि पर 10.3 फीसदी का टैक्स काट लेगा. इसी तरह अगर आप की सालाना इनकम पांच लाख रुपये से ज्यादा है तो आपको अधिक टैक्स पे करना पड़ेगा. लेकिन सीनियर सिटीजन जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है, उन्हें आयकर कानून की धारा 80TTB के तहत एफडी पर इंटरेस्ट के रूप में होने वाली इनकम पर 50,000 रुपये तक की छूट मिलती है. साथ ही आपको अपना टैक्स रिटर्न फाइल करते समय एफडी से हुई कमाई को मेंशन करना चाहिए

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