अब इस आलीशान मॉल पर चलेगा बुलडोजर, वजह जानकर आपभी रह जायेंगे दंग…

नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा में बनाया गया ग्रैंड वेनेसिया होटल कम मल्टीप्लेक्स एंड शॉपिंग कॉम्पलेक्स (ग्रैंड वेनिस मॉल) ध्वस्त हो सकता है. यूपीएसआईडीसी की साइट फोर में बने इस मॉल के जमीन आवंटन में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है, जिसके बाद इसे गिराया जा सकता है. बताया जा रहा है कि नियमों को ताक पर रखकर जमीन का आवंटन हुआ. हैरानी की बात तो ये है कि जिस जमीन पर पार्क बनाया जाना था. उसे भी व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए आवंटित कर दिया गया.

मेरठ मंडल के तत्कालीन कमिश्नर प्रभात कुमार को इसकी जांच सौंपी गई थी और उन्होंने जांच रिपोर्ट में कई खामियां पाई हैं. जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद प्रभात कुमार ने सरकार से मॉल को ध्वस्त करने की सिफारिश की है. ताकि विभाग को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके. इसके अलावा यूपीएसआईडीसी के अधिकारियों और बिल्डर के खिलाफ भी मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई है.

आपको बता दें कि इलेटियन शहर वेनिस की वस्तुकला के आधार पर इस मॉल को तैयार किया गया है. एक बड़े एरिया में ये मॉल बना हुआ है. इस मॉल में दिल्ली-एनसीआर का सबसे बड़ा फूट कोर्ट भी है. इसमें 1500 दुकानें बनी हैं और 1300 से भी ज़्यादा लोग आराम से बैठ सकते हैं.

जानिए क्यों जमीदोज होगा वेनिस मॉल

  • ग्रेटर नोएडा के साइट-4 में बना है ग्रैंड वेनिस मॉल
  • जमीन आवंटन में गड़बड़ी की बात आई थी सामने
  • भूखंड संख्या HS-03 साइट-4 में 37500 वर्ग मीटर जमीन है
  • जमीन आवंटन के लिए बिड लेने की तारीख 7 जून 2006 थी
  • आवेदन मुख्य प्रबंधक UPSIDC कानपुर कार्यालय में जमा कराना था
  • लेकिन 5 जुलाई 2006 को तीन कंपनियों ने एक ही दिन आवेदन कर दिया
  • ज़मीन मैसर्स भसीन इंफोटेक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को आवंटित की गई
  • बड़ी बात ये है कि 37500 वर्ग मीटर जमीन में से 19112 वर्ग मीटर पार्क के लिए थी
  • गड़बड़ी करते हुए पूरी जमीन व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए आवंटित की गई
  • फिर 3297 वर्ग मीटर जमीन भी इसी कंपनी को 30 मार्च 2009 को आवंटित की गई
  • मामले की जांच मेरठ मंडल के तत्कालीन कमिश्नर को सौंपी गई
  • तत्कालीन कमिश्नर प्रभात कुमार ने जांच रिपोर्ट सरकार को भेज दी है
  • जांच में जमीन आवंटन में भारी अनियमितता की बात सामने आई
  • जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री और औद्योगिक विकास आयुक्त को भेजी है
  • गड़बड़ी में UPSIDC को 67 करोड़ रुपये का नुकसान!
  • गड़बड़ी में शामिल रहे अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए पत्र लिखा
  • मॉल के आधे हिस्से को गिराने की सिफारिश की गई
  • UPSIDC के नुकसान की भरपाई की सिफारिश की गई है

 

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