प्रधानमंत्री आवासीय योजना के ब्रोशर में घोर लापरवाही 

प्राधिकरण को आवासीय योजना का शुद्विपत्र व ब्रोशर छपवाने के लिए भारी भरकम रकम करनी पडेगी खर्च
गाजियाबाद । जीडीए के विज्ञापन एवं जनसम्पर्क विभाग की लापरवाही के कारण जीडीए को लाखो का चूना लग गया है। दरअसल प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत  जीडीए ने दुर्बल आय वर्ग के लिए एक आवासीय योजना का विज्ञापन जारी किया था जिसमें विज्ञापन एवं जनसम्पर्क विभाग की लापरवाही के चलते इस योजना के ब्रोशर में कई महत्वपूर्ण गलतियां रह गयी है।
जिसके चलते प्राधिकरण को अब शुद्विपत्र के लिए पुनः लाखो के विज्ञापन जारी करने पडेगे । इस पूरे मामले के लिए विज्ञापन प्रभारी अमरदीप एवं सहायक विज्ञापन प्रभारी राकेश शुक्ला का नाम प्रकाश में आया है। अमरदीप को इस विभाग का चार्ज लिए हुए अभी कुरू ही माह हुए है,जबकि राकेश शुक्ला पिछले लगभग 15 वर्षो से इस विभाग में जमे है। इन अधिकारियो की लापरवाही के कारण जीडीए ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विधवाए दिव्यांग और किन्नरों के हक की अनदेखी की है। फ्लैट आवंटन के लिए इस योजना में शासन ने इनका कोटा निर्धारित किया गया हैए जिसे जीडीए ने लागू नहीं किया। इस कोटा व्यवस्था को लागू किए बगैर बापूधाम के लिए आवेदन मांग लिए गए। तीन दिन बाद आवेदन की आखिरी तारीख है।
प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है। जिसमें दुर्बल आय वर्ग के लोगों को दो लाख रुपये में दो कमरे का मकान दिया जाना है। 11 जुलाई को शासन में इस योजना में कोटा आरक्षित करने के संबंध में शासनादेश जारी किया गया था। दिव्यांगों के लिए पांच, विधवाओं, एकल महिलाओं के लिए 8 और किन्नरों के लिए 0,5 प्रतिशत कोटा आरक्षित किया था। क्षैतिज आरक्षण व्यवस्था के तहत इस कोटा को लागू करने के निर्देश हुए थे।जीडीए ने मधुबन बापूधाम में कुछ वक्त पहले इस योजना के 853 फ्लैट का निर्माण शुरू किया। आवंटन के लिए स्कीम लांच कर दी। आवेदन पत्र में शासनादेश को दरकिनार करते हुए दिव्यांगों के लिए महज तीन प्रतिशत कोटा रखा गया। विधवा व एकल महिलाओं का कोटा नहीं रखा गया। किन्नरों को भी तवज्जो नहीं दी गई।
50 रुपये का शुल्क भी नही हुआ माफ –
50 रुपये नहीं हो रहे माफ’ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट की मांग के लिए जीडीए ने सर्वे कराया था। उस वक्त 50 रुपये में सर्वे फार्म बेचा गया। इस शर्त के साथ कि आवेदन के वक्त यह 50 रुपये माफ कर दिए जाएंगे। आवेदन फॉर्म निकले तो उसमें यह रियायत नहीं दी गई। लोग अब खुद को छ्ला हुआ महसूस कर रहे हैं। इस योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि जीडीए को बढ़ानी होगी।अभी 20 सितंबर आवेदन की आखिरी तारीख है। बिना तारीख आगे बढ़ाएं कोटा व्यवस्था को पूर्ण रुप से लागू कर लाभ देना संभव नहीं होगा। ऐसे में अंतिम तिथि बढ़ानी होगी। इस संबंध में जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा से बातचीत की गयी तो उन्होने माना  कि इस मामले में चूक हुई है । उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री आवासीय योजना में जीडीए दिव्यांग विधवाए एकल महिला और किन्नरों को 11 जुलाई के शासनादेश अनुसार कोटा देगा और  शुद्धिपत्र जारी कर कोटा व्यवस्था लागू किया जायेगा।
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