बरेली के मांझे के बगैर गुजरात की पतंग अधूरी

सपा नेताओं  ने की राजेश कुमार डीआईजी बरेली से मुलाकात 

इमरान खान

बरेली। बरेली के मांझे के बगैर गुजरात की पतंग अधूरी है.. यह लफ्ज़ चार साल पहले अप्रैल 2014 को लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए बरेली आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के थे। उस समय केवल वह भाजपा से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे।तब उन्होंने इस कारोबार को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया था। जिसके बाद मांझा कारीगरों को अपनी दुर्दशा में  बदलाव की बड़ी उम्मीद जगी थी। लेकिन इस बीते लॉक डाउन में मांझा कारीगरों की स्थिति पहले से भी ज्यादा और बिगड़ गई। मांझा कारीगर बीते कुछ दिन पूर्व समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री अताउर रहमान से मुलाकात कर   अपना हाल ब्यान कर पतंग और मांझे का कारोबार चालू करानें की माँग की थी। जिसके बाद ही उन्होने अधिकारियों से बात कर मदद का आश्वसन दिया था।

इसी कड़ी में आज पूर्व मंत्री अताउर रहमान के साथ  जिलाध्यक्ष अगम मौर्या की अगुवाई में सपा का प्रतिनिधि मंडल डीआईजी से मिला और पतंग और मांझे के कारीगरों की समस्याओं से अवगत कराते हुये कहा कि लॉक डाउन में जहाँ एक ओर सभी उद्योगों को काम – काज करने की छूट मिल गई है वहीं दूसरी ओर पुलिस द्वारा माँझा और पतंग कारीगरों को काम करने नहीं दिया जा रहा जबकि लॉक डाउन के चलते इनके परिवारों पर भुखमरी के दौर से गुज़रना पड़ रहा है जबकि यह कार्य कुटीर उद्योग के अंतर्गत आता है तो इनको काम करने की छूट मिलनी चाहिए वही डीआईजी ने आश्वसन देते हुए कहा कि हमारी इन सभी के साथ पूरी संवेदना है माँझा,पतंग कारीगरो के साथ जो भी संभव हो सकेगा मदद की जायेगी l

इस दौरान पतंग और माँझा कारीगर भी मौजूद रहेl प्रतिनिधि मंडल में पूर्व ज़िला उपाध्यक्ष अरविंद सिंह यादव,ज़िला महासचिव सतेन्द्र यादव, दिनेश यादव, रविन्द्र यादव,दीपक शर्मा, आदेश यादव गुड्ड, अहमद खान टीटू आदि  मौजूद रहे l

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