अब पटना की सड़कों पर लगे पोस्टर, लिखी ये बात…

पटना  गुजरात में बिहारी मजदूरों पर हो रहे हमलों को लेकर बिहार की सियासत चरम पर है। विपक्ष कांग्रेस पर हमलावर है तो इस बीच पटेल समुदाय के नेता हार्दिक पटेल ने बिहारियों के सुरक्षा की गारंटी ली है। हार्दिक के कई पोस्टर पटना के विभिन्न चौक-चौराहों पर लगाए गए हैं। हार्दिक पटेल के समर्थकों द्वारा राजधानी पटना के कई इलाकों में लगाए गए उनके पोस्टर में हार्दिक पटेल के मोबाइल नंबर के साथ ही हेल्पलाइन नम्बर लिखा है।

इन पोस्टरों के माध्यम से यह अपील की गई है कि अगर बिहार के लोगों समेत उतर भारत के किसी भी व्यक्ति के साथ गुजरात में ज्यादती होती है तो तुरंत हार्दिक पटेल के नंबर पर फोन कर मदद मांगें। पटना के प्रमुख चौराहों पर हेल्पलाइन नंबर की होर्डिंग लगी हुई है। ऐसे में पटना की सडकों पर इन दिनों हार्दिक पटेल का पोस्टर चर्चा का विषय बना हुआ है। पोस्टर पर लिखे शब्दों को कुछ लोग सराह रहे हैं तो कुछ इसे राजनीतिक स्टंट भी बता रहे हैं।

दरअसल, पाटीदार नेता हार्दिक ने अपने राज्य गुजरात में हो रहे बिहारियों पर अत्याचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पटना में लगे हार्दिक के पोस्टरों पर लिखा है बिहारियों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं। उसके आगे लिखा है बिहार, झारखंड, यूपी समेत गुजरात के बाहर से रोजी रोटी के लिए गुजरात आए लोगों को कोई मारने पीटने या गुजरात छोडने की धमकी देता है तो तुरंत हार्दिक पटेल को हेल्पलाइन नंबर 997852073 पर संपर्क करें। हार्दिक पटेल ने एक व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जिसका नंबर 9638597524 है।

वहीं, हार्दिक पटेल के इस पोस्टर पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सूबे के पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने कहा है कि हार्दिक को ये पोस्टर गुजरात में लगानी चाहिए। यहां पोस्टर लगाकर वो राजनीति कर रहे हैं। इतना ही नहीं, नंदकिशोर ने यहां तक कह दिया कि पटना से गुजरात नौकरी करने जाता ही कौन है?

20 हजार बिहारियों की घरवापसी

यहां बता दें कि हर रोज गुजरात से आने वाली ट्रेनों में काफी संख्या में बिहारी लौट रहे हैं और लौटने की वजह गुजरात छोडने की मिल रही धमकी बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें अल्टिमेटम देकर गुजरात छोडने के लिए कहा जा रहा है। ऐसे में वो अपना काम-धंधा छोडकर बिहार लौटने पर मजबूर हैं।

गुजरात में बिहारियों पर हो रहे हमले और उन्हें गुजरात छोडने की मिल रही धमकी के बाद अब तक 20 हजार से अधिक बिहारी गुजरात छोड बिहार वापस लौट आए हैं। इस सिलसिले में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुजरात के मुख्यमंत्री से भी बात की है। गुजरात के मुख्यमंत्री ने इस मामले पर मुख्यमंत्री नीतीश को घटना रुकने को लेकर आश्वासन भी दिया है।

बिहार सरकार ने अल्पेश पर साधा निशाना

गुजरात में बिहारियों पर हो रहे हमले में बिहार कांग्रेस के सह प्रभारी अल्पेश ठाकोर का नाम आने के बाद विपक्षी दल कांग्रेस पर हमलावर हैं और मामले पर बिहार सरकार में मंत्री विनोद नारायण झा ने अल्पेश ठाकुर को चेतावनी देते हुए कहा है कि वो बिहार आने के पहले प्रायश्चित कर लें। इसके साथ ही वो सोच-समझकर ही बिहार आएं और ना ही आएं तो अच्छा है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि गुजरात सरकार ठाकोर को जल्द गिरफ्तार करे।

जदयू नेता श्याम रजक ने कहा है कि गुजरात सरकार महाराष्ट्र की सरकार से ले सीख, बिहारियों की पिटाई के कारण ही एमएनएस को धूल चाटना पडा था और अब गुजरात सरकार भी इस इतिहास को याद कर ले। वहीं, बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष व लोकतांत्रिक जनता दल के वरिष्ठ नेता उदय नारायण चौधरी ने गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से इस्तीफा मांगा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लें गुजरात से भगाए जा रहे हिंदी भाषाई लोगों की जिम्मेदारी। बिहार सरकार उन विस्थापितो की सूची बनाए जो अपना घरबार, नौकरी और संपत्ति छोडकर बिहार आ रहे हैं। वहीं, इस मामले पर जन अधिकार पार्टी के प्रमुख और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने गुजरात जाने का ऐलान किया है। पप्पू ने कहा कि मैं गुरुवार को गुजरात जाऊंगा और वहां बिहार के लोगों की रक्षा करूंगा।

पप्पू ने वहां उपद्रव कर रहे लोगों को चुनौती देते हुए कहा कि देखते हैं कि कौन वहां से बिहारियों को भगाता और पीटता है? पप्पू ने कहा कि अगर अल्पेश ठाकोर हमले के लिए जिम्मेवार है तो सरकार उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही है? इस दौरान उन्होंने कहा कि हमला रोकने की बजाय भाजपा कांग्रेस पर आरोप लगा रही है। लेकिन वहां स्थिति कुछ और है।

कांग्रेस को हो सकता है नुकसान

जानकारों की मानना है कि गुजरात में बिहारी लोगों पर हमला कांग्रेस को नुकसान पहुंचा सकता है। कारण कि गुजरात के रहने वाले शक्ति सिंह गोहिल बिहार कांग्रेस के प्रभारी हैं। गुजरात में बिहारी मजदूरों पर हमले के बाद पलायन को लेकर कांग्रेस के सामने बडी चुनौती है। हालांकि शक्ति सिंह गोहिल ने भाजपा पर कांग्रेस को बदनाम करने की साजिश बताया है। वहीं, दूसरा तथ्य यह है कि गुजरात में पिछडों के नेता और कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर को एआईसीसी में सचिव बनाया गया है, उपर से बिहार की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है।

यह वही अल्पेश ठाकोर हैं, जिनकी ठाकोर सेना पर गुजरात में हिंसा भडकाने का आरोप लग रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस के यह दोनों नेता बिहार का मोर्चा संभाले बैठे हैं। जबकि भाजपा की मानें तो गुजरात में कांग्रेस के अल्पेश ठाकुर के चलते ही बिहारी मजदूरों और वर्कर्स पर हमले हुए हैं। ऐसे में गुजरात से पलायन करने वाले गरीब मजदूर गुजरात के इन नेताओं के लिए मुसीबत बन सकते हैं

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