
– सोनई राजकीय होम्योपैथिक स्वास्थ्य केन्द्र तीन साल से बंद पड़ा
– कोसमा होम्योपैथिक स्वास्थ्य केन्द्र रहता है बंद, ग्रामीण परेशान
प्रवीण पाण्ड़ेय/मुकेश चतुर्वेदी
मैनपुरी- एलोपैथिक दवाओं के साइड इफेक्ट से बचने के लिए लोग होम्योपैथिक दवाओ की तरफ रुख करते हैं। लेकिन कुरावली के सोनई स्थित राजकीय होम्योपैथिक स्वास्थ्य केन्द्र और घिरोर स्थित कोसमा होम्योपैथिक केन्द्र पर तो होम्योपैथिक चिकित्सा सेवा दम तोड़ चुकी है। जहां पर अस्पताल खोलकर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने वालों की तैनाती तो है लेकिन वह अस्पतालो को न खोलकर अपने प्राइवेट क्लीनिको पर स्वास्थ्य सेवा का लाभ देने में लगे हंै। हद तो तब हुई नजर आती है नौकरी सरकार की करते हंै तनख्याह सरकार से लेते हैं और ड्यूटी अपने क्लीनिक पर करते हंै।
कुरावली के गांव सोनई स्थित राजकीय होम्योपैथिक स्वास्थ्य केन्द्र के हालात बहुत ही बद से बदतर है। यह केन्द्र पिछले तीन सालों से नहीं खुला है। हां इतना जरुर है महीने में एक बार खुलता है अस्पताल की दवाई चोरी करने के लिए क्योंकि उस दवाई का इस्तेमाल क्लीनिक पर करना है। अगर स्वास्थ्य केन्द्र पर मरीज को दी जाएगी तो निःशुल्क में बांटी जाएगी और अगर क्लीनिक पर बांटी जाएगी तो जेब के लिए मोटी रकम देगी। अस्पताल के गेट के सामने बड़ी बड़ी घास खड़ी हुई नजर आती है। यहां पर फार्मासिस्ट की तैनाती बताई जाती है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि फार्मासिस्ट कस्वा में अपना निजी क्लीनिक संचालित करता है।
कुछ ऐसा ही हाल घिरोर के कोसमा स्थित राजकीय होम्योपैथिक स्वास्थ्य केन्द्र का है। अगर कोई ग्रामीण इलाज के लिए जाए तो अस्पताल के बाहर तो अस्पताल का बोर्ड भी नहीं लगा हुआ है। यह स्वास्थ्य केन्द्र भी खुलता ही नहीं है। क्षेत्र के लोग होम्योपैथिक स्वास्थ्य सेवा का लाभ लेने के लिए परेशान रहते हंै। लेकिन लोग लाभ तो तब ले पाएगें जब स्वास्थ्य केन्द्र खुलेगा।
डाॅ0 शमीम अंसारी डीएचओ मैनपुरी
इस सबंध में वार्ता करने के लिए जिला होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी डाॅ0 शमीम अंसारी से संपर्क साधा गया। तब उनके द्वारा कहा गया कि आॅफिस में आ जाईये। लेकिन फोन पर वार्ता करने की बात कही गई तो कहा गया। कि सोनई वाले केन्द्र की जानकारी नही है किसी को भेज दीजिए। उसको दिखावा लेगे कि बंद रहता है। या खुलता है। कोसमा केन्द्र पर जल्द ही तैनाती करा दी गई है। अब खुलने लगा है।