उप्र के बजट में ढांचागत विकास, लड़कियों और अल्पसंख्यक छात्रों पर जोर…

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लखनऊ  उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा गुरुवार को विधानसभा में पेश वित्त वर्ष 2019-20 के बजट में आधारभूत संरचना के विकास, बेहतर स्वास्थ्य और लड़कियों की शिक्षा तथा अयोध्या और वाराणसी जैसे धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण पर जोर दिया है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करना है ताकि राजस्व आय में वृद्धि हो सके। गायों की देखभाल और अन्य हिंदुत्व एजेंडे का समर्थन करते हुए इसमें अल्पसंख्यकों को नजरअंदाज नहीं किया गया है। बजट में अरबी और फारसी मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए 400 करोड़ रुपये से अधिक की व्यवस्था की गई है। मुसलमान छात्रों को लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से वजीफा मिलेगा। दरअसल, योगी सरकार ने केंद्र में मोदी सरकार के सिद्धांत “सबका साथ, सबका विकास” के साथ काम किया है। हालांकि विपक्ष के लिए यह एक लोकलुभावन बजट है, जो आगामी लोकसभा चुनावों पर फोकस है। बजट में लड़कियों के लिए घोषित कन्या सुमंगल योजना का विशेष उल्लेख किया गया है।

इस योजना से लोगों की अवधारणा बदल सकती है और उनके मन में एक लड़की के लिए स्नेह उत्पन्न हो सकता है। कानपुर और आगरा में मेट्रो रेल परियोजनाओं सहित नई योजनाओं के लिए 4.79 करोड़ रुपये का बजट बढ़ाकर 21,000 करोड़ रुपये से अधिक कर दिया गया है। केंद्र सरकार द्वारा स्थापित परियोजना निवेश बोर्ड पहले ही इन दोनों परियोजनाओं को मंजूरी दे चुका है। इसके मद्देनजर, चार और मेट्रो रेल परियोजनाओं – मेरठ, वाराणसी, इलाहाबाद और गोरखपुर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट या डीपीआर में तेजी लाई जा सकती है। गाजीपुर और नोएडा में पहले ही मेट्रो रेल मौजूद है। देश के अन्य राज्यों में भी कई स्थानों पर मेट्रो रेल है। इस बजट में प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास पर अधिक जोर दिया है, जो इस तथ्य से स्पष्ट है कि इसने पूर्वांचल और अन्य एक्सप्रेसवे के लिए हजारों करोड़ रुपये प्रदान किए हैं।

अकेले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए इसमें 1194 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य और शिक्षा के अलावा, सरकार ने चीनी क्षेत्र पर अधिक ध्यान दिया है। किसानों के गन्ने के बकाया भुगता के संकट को दूर करने के उपायों के अलावा, इसने कुछ बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने के लिए 50 करोड़ रुपये के प्रावधान किये हैं। वास्तव में योगी आदित्यनाथ गायों और अन्य मवेशियों को नहीं भूले हैं। इसलिए बजट में गोवंश की देखभाल और गौशालाओं के निर्माण के लिए 247 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया गया है। केंद्र की तरह ही राज्य सरकार ने भी तनाव ग्रस्त किसानों के लिए नरम दिली दिखाई है। छोटे और सीमांत किसानों का डेटाबेस संशोधित किया जा रहा है, जो 2017 में ऋण माफी करने के सरकारी निर्णय के बाद बनाया गया था। ऐसे किसानों की तादाद 2.25 करोड़ से अधिक हो सकती है। यह संशोधन कार्य इस महीने के तीसरे सप्ताह तक पूरा होने की संभावना है। ताकि मार्च के आखिर तक की समयसीमा में किसानों को उनके खातों में नकदी हस्तांतरित करने में आसानी हो सके। बजट के अनुमानों ने राजकोषीय घाटे को 46,190 करोड़ रुपये पर रखा है। राज्य का कर्ज इसके सकल घरेलू उत्पाद का 29.98 प्रतिशत है, जो औसत से अधिक है।

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