छुट्टा पशुओं के लिए गीडा में बनेगा कान्हा उपवन

गोपाल त्रिपाठी

गोरखपुर। नगर निगम गीडा के सहयोग से अस्थायी कान्हा उपवन विकसित करने जा रहा है। शहर से लेकर गीडा क्षेत्र में छुट्टा घूम रहे पशुओं को लेकर करीब तीन एकड़ जमीन में बनने वाले इस कान्हा उपवन में 500 छुट्टा पशुओं को रहने की व्यवस्था होगी। गीडा प्रशासन ने अपनी जमीन पर एक वर्ष के लिए कान्हा उपवन बनाने को मंजूरी दे दी है।
नगर निगम महेवा में करीब 5 एकड़ में 8 करोड़ से प्रस्तावित कान्हा हाउस का निर्माण कर रहा है। लेकिन जलभराव के चलते निर्माण कार्य बाधित है। शहर में बढ़ते छुट्टा पशुओं को लेकर हो रही दिक्कत को लेकर नगर निगम ने गीडा के सहयोग से पहल की है।

गीडा सीईओ ने भी पिछले दिनों निरीक्षण कर छुट्टा पशुओं को लेकर नाराजगी जताई थी। जिसको लेकर गीडा ने नगर निगम को तीन एकड़ जमीन देने की पेशकश की है। जबतक महेवा का कान्हा उपवन विकसित नहीं हो जाता है, तबतक छुट्टा पशुओं को गीडा में रखा जाएगा। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह ने बताया कि बारिश के चलते महेवा में कान्हा उपवन का कार्य गति नहीं पकड़ सका है। गीडा के सहयोग से अस्थाई पशुबाड़ा बनाया जायेगा। इसी सप्ताह कार्य शुरू हो जाएगा।

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8 करोड़ से विकसित हो रहा कान्हा उपवन

छुट्टा पशुओं के आंतक को देखते हुए मुख्यमंत्री से कान्हा उपवन विकसित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद नगर निगम ने महेवा मंडी के पीछे अपनी खाली जमीन पर कान्हा उपवन बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने प्रस्ताव को मंजूर करते हुए इसके लिए चार करोड़ रुपये (कुल लागत का पचास फीसद) का बजट भी दिया है।

शहर में घूम रहे 7000 छुट्टा पशु

शहर की सड़कों एवं गलियों में तकरीबन सात हजार छुट्टा पशु घूम रहे हैं। छुट्टा पशुओं को पकड़कर रखने के लिए स्थायी जगह न होने से नगर निगम बड़े स्तर पर अभियान नहीं चलाता। पिछले दो वर्षों में छुट्टा पशुओं के हमले में आधा दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।

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