कानपुर : अवैध रूप से निर्मित पाँच परिसरों को किया गया सील

कानपुर। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम द्वारा थाना अनवरगंज में स्थित फूलवाली गली में दो परिसरों व स्वरूप नगर में तीन परिसरों को अवैध निर्माण पर सील किया गया।

उपाध्यक्ष केडीए अरविन्द सिंह द्वारा नगर में अनियोजित विकास को रोकने के उद्देश्य से शहर में हो रहे निर्माण कार्योें पर अनवरत रूप से निगरानी रखे जाने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है। प्रवर्तन प्रभारियों के साथ साप्ताहिक रूप से समीक्षा की जा रही है तथा शहर में यदि कहीं स्वीकृत मानचित्र के विपरीत या बिना मानचित्र स्वीकृत कराये कोई अवैध निर्माण मिलने पर उसके विरूद्ध उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत नियमानुसार कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये है।

प्राधिकरण द्वारा सील किये जाने के उपरान्त सील किये गये परिसरों पर इस आशय का पोस्टर भी लगवाया जा रहा है कि इस परिसर को नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 28(1) के अन्तर्गत विकास/निर्माण को सीलबन्द किया जाता है। इस भवन एवं परिसर में बिना सक्षम अधिकारी की आज्ञा से प्रवेश या किसी प्रकार का निर्माण वर्जित एवं कानूनी अपराध है, आदेश का उल्लंघन किया जाना आपराधिक कृत्य है एवं ऐसा किये जाने पर एफ0आई0आर0 दर्ज करायी जायेगी एवं अग्रेतर कठोर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जायेगी। सोमवार को अनवरगंज के परिसर संख्या 93/195, फूलवाली गली पर राशिद सिद्दकी द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृत कराये निर्माण कार्य कराया जा रहा था। परिसर संख्या 90/208, फूलवाली गली पर सूफियान बेग द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृत कराये किये जा रहे अनाधिकृत निर्माण को प्राधिकरण ने सील किया गया। वही, थाना स्वरूप नगर के 7/107सी पर संजीव अग्रवाल द्वारा 356 वर्गमी. क्षेत्रफल में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण कार्य कराये जाने, 7/110 पार्ट 250 वर्गमी. क्षेत्रफल पर कमल रहेजा द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृत कराये अनाधिकृत रूप से निर्माण कार्य कराये जाने व भूखंड 7/214 350वर्गमी. क्षेत्रफल में सीमा जैन द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृत कराये अनाधिकृत निर्माण नोटिस दिये जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने के कारण उक्त परिसर को प्राधिकरण द्वारा नियमानुसार सील किया गया। सील परिसरों को तत्काल् पुलिस अभिरक्षा में सुपुर्द कर दिया गया है तथा सम्बन्धित एसएचओ को यह कड़े निर्देश भी दिये गये कि सील किये गये परिसर की अभिरक्षा की पूर्ण जिम्मेदारी होगी।

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