कानपुर : प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में विकास कार्यो की समीक्षा बैठक संपन्न

गोंवंश आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाया जाये- पशुधन मंत्री

किसानों को जैविक खेती हेतु प्रोत्साहित किया जाये: धर्मपाल सिंह

कानपुर। मंत्री पशुधन एवं दुग्ध विकास/प्रभारी मंत्री मंडल धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन के सभागार में जनपद के विकास कार्यो व कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक संपन्न हुयी।

बैठक में मंत्री ने कहा कि सरकार की दो प्राथमिकता है, पहली विकास, दूसरी सुरक्षा। विकास के अंतर्गत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना व उसको सुरक्षा प्रदान करना है।

 मंत्री धर्मपाल ने जनपद में मलिन बस्तियों की समीक्षा की जिसमें अवगत कराया कि शहर में 405 मलिन बस्ती हैं, जिनमें से 200 मलिन बस्तियों के विकास के लिए  जनप्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त कर रुपये 73 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित किया गया है। मंत्री जी ने कहा कि मलिन बस्तियों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लोगों को आवास की सुविधा मुहैया कराई जाए तथा पेयजल योजना के तहत पेयजल की व्यवस्था व स्वच्छता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि आवास की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाये तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उसका लाभ दिलाया जाये। उन्होंने कहा आवास की पात्रता सूची पूर्ण पारदर्शिता के साथ तैयार की जाए तथा उसको सार्वजनिक भी किया जाए जिससे कि उसमें किसी भी प्रकार की हेराफेरी की गुंजाइश ना रहे। हर-घर-नल योजना की समीक्षा में कार्य संतोषजनक न होने पर मा0 मंत्री जी ने नाराजगी व्यक्त की तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य की प्रगति में सुधार किया जाए।

निराश्रित गोवंशों की समीक्षा करते हुए मंत्री जी ने निर्देशित किया कि जनपद में स्थापित गोवंश आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाया जाए, देशी गाय का लोगों को महत्व बताया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक खेती करने हेतु प्रोत्साहित किया जाए, जैविक खेती के फायदे किसानों को बताए जाएं, जैविक खेती करने से लागत कम व मुनाफा ज्यादा होगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि 2022 के अन्त तक निराश्रित गोवंश किसानों के खेतों, सड़को व नगरों में न दिखे, किसानों को निराश्रित गोवंशों से छुटकारा मिल सके, इसलिये सभी निराश्रित गोवंशों को गोवंश आश्रय स्थलों में आश्रय देने का लक्ष्य बनाया गया है। उन्होंने कहा कि देशी गाय हम लोगों के लिये बहुत महत्वपूर्ण है। देशी गाय का गोबर व दूध खरीदा जायेगा तथा गोबर से सीएनजी गैस बनाने का कार्य भी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पराग डेरी की गुणवत्ता बहुत अच्छी है। कानपुर की पराग डेयरी को विकसित किया जा रहा है, जिसमें दूध के साथ-साथ और भी उत्पाद है जिनकों बनाने का कार्य किया जायेगा।जनपद में खाद बीज की उपलब्धता, विद्युत आपूर्ति, गोल्डन कार्ड, दवाओं की उपलब्धता, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्मार्ट सिटी परियोजना, कन्या सुमंगला योजना, पेंशन योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इत्यादि की समीक्षा की तथा वृक्षारोपण की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि प्रत्येक वर्ष वृक्षारोपण कराया जाता है, लेकिन उनकी सुरक्षा ना होने की वजह से वह जीवित नहीं रहते इसलिए वृक्षारोपण के साथ-साथ वृक्षों की सुरक्षा भी सुनिश्चित कराई जाए।

बैठक में सांसद अशोक रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरूण, एमएलसी अरूण पाठक, विधायक नीलिमा कटियार, सरोज कुरील, पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा, जिलाधिकारी विशाख जी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. महेन्द्र कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण व संबंधित विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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