कानपुर : मुफलिसी देख सीओ का पसीजा दिल, अंतिम संस्कार का खर्च उठाकर पेश की मिसाल, नाबालिग बच्चों के परवरिश का भी उठाया बेड़ा

कानपुर, । विवादों में रहने वाली खाकी अक्सर चर्चा में रहती है और इन दिनों लॉकडाउन में भी चर्चा में बनी हुई है, लेकिन दोनों में अंतर जमीन आसमान का है। इन दिनों खाकी मानवीय कार्यों के लिए चर्चा में है और कल्याणपुर में भी एक और पुलिस का मानवीय चेहरा सोमवार को देखने को मिला। यहां पर एक किशोर के पिता की आज मौत हो गयी और उसका कोई सहारा न था तो मुफलिसी देख सीओ का दिल पसीजा और अंतिम संस्कार का पूरा खर्च उठाया। इसके साथ उन मासूम बच्चों की परवरिश का भी बेड़ा उठा लिया है।

कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में दो वर्ष पूर्व नाबालिक की माँ बीमारी के चलते खत्म हो गई। और आज लॉक डाउन के चलते पिता की मृत्यु भी हो गई। महज 14 वर्ष का मासूम अपने 3 भाई बहन के साथ करे तो क्या करे जब इसकी जानकारी क्षेत्र के लोगो को हुई तो कोरोना के डर से लोग और दूरी सी बनाने लगे। कोई न सहारा होने पर एक जिम्मेदार युवक ने कानपुर पुलिस के कल्यानपुर क्षेत्राधिकारी अजय कुमार पटेल को फोन पर अवगत कराया गया।

फिर क्या क्षेत्राधिकारी तत्काल प्रभाव से अर्थी से लेकर दाह संस्कार तक के लिए नाबालिक की मदद को खड़े हो गए। और अपने विभाग के पुलिस कर्मियों को भी निर्देश दिया कि मृतक का दाह संस्कार उस तरह से होना चाहिए जैसे किया जाता है। अजय कुमार पटेल ने कहा जिसका कोई नही उसके लिए उत्तर प्रदेश पुलिस हमेशा तैयार है। जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि कुछ पुलिसकर्मी खराब कर रहे हैं वही ऐसे अधिकारी भी हैं जो क्षेत्र की जनता को अपना परिवार समझते हैं।

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