कानपुर हिंसा : पोस्टर जारी होने से उपद्रवियों में खौफ, कर रहें सरेंडर, पढ़ें लाइव अपडेट

कानपुर । कानपुर हिंसा मामले में पुलिस ने फुटेज के जरिये उपद्रवियों के पोस्टर जारी कर दिया। इससे उपद्रवियों में पुलिस का खौफ हो गया और एक उपद्रवी ने खुद को थाने में सरेंडर कर दिया। इससे संभावना है कि जल्द ही सभी उपद्रवी या तो सरेंडर करेंगे या जल्द पकड़े जाएंगे।

बेकनगंज में हुए बवाल के बाद से पुलिस सभी बिन्दुओं पर जांच कर रही है। एसआईटी की एक टीम ने सोमवार को फुटेज के जरिये 40 उपद्रवियों के पोस्टर जारी किया था। इसके बाद से उपद्रवियों में खौफ हो गया और उनको चिन्हित करने में थाना पुलिस जुट गई। देर रात से बराबर पोस्टर में दिखने वाले उपद्रवियों के घरों व रिश्तेदारों के यहां छापेमारी चल रही है।

कर्नलगंज के रहने वाले सल्लू नाम के उपद्रवी को दबोचने के लिए पुलिस ने जब दबिश दी तो वह खुद कर्नलगंज थाने में सरेंडर करने पहुंच गया। थाना प्रभारी बलराम मिश्रा ने बताया कि पोस्टर के 13 नंबर में दिखने वाला सल्लू नाम के उपद्रवी ने सरेंडर कर दिया है जो बेकनगंज गम्मू खां के हाते का रहने वाला है। सल्लू नाबालिग है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। सल्लू वीडियो फुटेज में पत्थर फेंकते हुए नजर आ रहा है।

कानपुर हिंसा : पुलिस ने बाजार बंदी के पोस्टर छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस मालिक को भी बनाया आरोपी

कानपुर हिंसा मामले में पुलिस ने बाजार बंदी के पोस्टर छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस मालिक को भी आरोपी बना दिया है। पुलिस का कहना है कि ऐसे पोस्टर छापने से पहले मालिक को पुलिस को सूचना देना चाहिये था। उन्होंने नियमों का पालन नहीं किया। मालिक को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।

कानपुर हिंसा मामले में जांच कर रही एसआईटी ने पाया कि प्रमुख आरोपी हयात जफर हाशमी ने बाजार बंदी को लेकर पोस्टर व पर्चे छपवाया था। पोस्टर और पर्चों की जांच हुई तो पता चला कि यह पोस्टर ब्रह्मनगर स्थित रोमा ग्राफिक प्रिंटिंग प्रेस से छपवाये गये थे। पोस्टर छपवाने हयात जफर के करीबी व साजिश में शामिल सूफियान व जावेद पहुंचे थे।

डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रेस मालिक ने शंकर ने नियम विरुद्ध पोस्टर व पर्चे छापे थे। लिहाजा प्रेस मालिक को भी आरोपी बनाया गया है। उसको हिरासत में ले लिया गया है। बताया कि जब उपद्रवी बवाल के पोस्टर छपवाने आए तो प्रेस मालिक शंकर को पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी, जो कि नहीं दी गई।

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