बाढ खंड अधिकारियों के साथ विधायक ने जाना बंधों का हाल

गोपाल त्रिपाठी

गोरखपुर। विधायक विनय शंकर तिवारी ने गुरूवार कोे बाढ खंड अधिकारियों के साथ चिल्लूपार क्षेत्र के बाढ एवं कटान प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ खंड अधिकारियों को कटान से बचाव का निर्देश दिया साथ ही हिदायत दी कि क्षेत्र के किसी बंधे को क्षति पहुंची तो संबंधित अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे।

बाढ खंड के सहायक अभियंता ऋषिकेश चतुर्वेदी, अवर अभियंता राघवेंद्र सिंह व आरके यादव जगदीशपुर, गोपलामार, डेरवा, सेमरा, आछीडीह, मझवलिया, कंसासुर, बहसुआ, टेढवा, ददरी, बैरिया गांव में पहुंचे। जगदीशपुर में राप्ती की कटान से शेष बचे आधा दर्जन घरों के लोग दहशत में हैं।

सुरक्षित स्थानों पर बसाए जाएंगे कटान पीडित

विधायक विनय शंकर तिवारी ने जगदीशपुर के कटान पीडितों को अन्यत्र बसाने के लिए जमीन एवं आवास उपलब्ध कराने की बात कही। गोपलामार में घाघरा कृषि भूमि को काटते हुए आबादी की ओर बढ रही है। कटान रोकने के लिए विधायक ने बाढ खंड अधिकारियों से तत्काल ठोकर लगवाने की बात कही। ताकि धारा को मोडा जा सके। उन्होंने कहाकि किसी भी सूरत में यहां के बंधे कटने नहीं चाहिए। यदि किसी बंधे को क्षति पहुंची तो इसके जिम्मेदार अधिकारी होंगे। उन्होंने बाढ प्रभावित गांवों के लोगों को आश्वस्त किया कि स्थिति बिगडने पर उन्हें फौरी सरकारी राहत एवं सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। इस अवसर पर मदन किशोर तिवारी, प्रहलाद तिवारी, अजय दुबे, आलोक तिवारी, सत्यराम दुबे सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

 जगदीशपुर कटा तो फिर कैसे बचेगा रामजानकी मार्ग

 जिस रफ्तार से राप्ती नदी जगदीशपुर गांव को अपनी आगोश में लेने को आतुर है अगर यही स्थिति रही तो जगदीशपुर के नेस्तनाबूत होने के बाद राप्ती का अगला निशाना बडहलगंज-कपरवार रामजानकी मार्ग होगा। फिर रामजानकी मार्ग को बचाना अफसरों के लिए मुश्किल होगा। हालांकि अब तक बाढ खंड अधिकारियों द्वारा शासन की गाइड लाइन की दुहाई देती जा रही कि गांवों को बचाया नहीं बल्कि बसाया जाएगा। वर्तमान में देखा जाए गांव तो अब बचने से रहे मगर रामजानकी मार्ग को बचाने के लिए विभाग क्या तैयारियां करेगा यह आने वाला समय बताएगा। हालांकि विधायक विनय शंकर तिवारी भी इस बात से इत्तेफाक रखते हैं। उन्होंने कहाकि इसी आशंका को देखते हुए छह किलोमीटर सरया-बैरिया बंधे के निर्माण का प्रस्ताव दिया था मगर शासन ने इसे नामंजूर कर दिया। यदि इस बंधे का निर्माण हो जाता तो रामजानकी मार्ग पूरी तरह सुरक्षित हो जाता।

 सरकार पर अफसरशाही हावीः विनय शंकर

बंधों के संरक्षण एवं मरम्मत में प्रदेश सरकार द्वारा चिल्लूपार क्षेत्र के प्रति सौतेला व्यवहार अपनाने का आरोप लगाते हुए विधायक विनय शंकर तिवारी ने कहाकि इस सरकार में अफसरशाही हावी है। आपदा राहत कोष में जनपद के लिए सरकार ने मात्र 27 करोड रूपया अवमुक्त किया है जिसमें चिल्लूपार के हिस्से में केवल डेढ लाख रूपए ही आए हैं। इतनी कम धनराशि में किसी बंधे की मरम्मत कैसे हो पाएगी।

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