मुजफ्फरपुर केस में सामने आया नया खुलासाः अब आश्रय गृह से 11 महिलाएं लापता

बिहार:  मुजफ्फरपुर बालिका गृह के मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उसके खिलाफ मंगलवार को एक और केस दर्ज हुआ है, जिसमें बृजेश के दूसरे आश्रय गृह से 11 लड़कियों के गायब होने का आरोप है।

इससे पहले बृजेश ठाकुर के पहले बालिका गृह में रह रहीं 41 लड़कियों में से 34 से दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। इस मामले में बिहार सरकार सीबीआई जांच के आदेश दे चुकी है। सीबीआई की टीम केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है।

 एक और नया खुलासा 

बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड मे रोज नये-नये खुलासे हो रहे हैं. मुख्य आरोपी और बालिका गृह का संरक्षक ब्रजेश ठाकुर के कारनामों की लंबी-चौड़ी सूची है. ताजा मामला स्वधार का सामने आया है, जहां से 11 महिलाएं लापता हैं.

इसे लेकर मुजफ्फरपुर के महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. इस संस्था का संरक्षक भी ब्रजेश ठाकुर है. यह संस्था संकल्प एवं विकास समिति के तहत चलती थी. इसके अलावा भी ब्रजेश ठाकुर की कई संस्थाओं के बारे में पता चला है जिसमें बालिका गृह जैसी ही गड़बड़ियों की आशंका है.

बालिका गृह के अलावा अल्पावास गृह, वृद्धाश्रम आदर्श महिला केंद्र , स्वधार गृह, लक्षित हस्तक्षेप परियोजना, आदर्श महिला शिल्प कला केंद्र, लिंक वर्कर स्कीम, भिक्षुक गृह और वामा शक्ति वाहिनी जिसकी कर्ताधर्ता ब्रजेश ठाकुर की नजदीकी मधु बतायी गई है.

मधु कुमारी मामला खुलने के बाद से ही फरार है और उसकी तलाश की जा रही है. हैरान करने वाली बात है कि भिक्षुक गृह ब्रजेश ठाकुर को तब चलाने के लिए मिला जिस दिन बालिका गृह कांड की प्राथमिकी दर्ज हुई थी. हालांकि बाद में इसे खारिज कर दिया गया था. ये सारी संस्थाएं ब्रजेश ठाकुर और उसकी सहयोगी मधुकुमारी की देखरेख में सेवा संकल्प एवं विकास समिति के तहत चली थी.
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