विधायक निधि से होने वाले इंटरलाकिंग कार्य को अनियमिता के कारण प्राचार्य ने रोका

क़ुतुब अंसारी/ राजीव अग्रवाल
रूपईडीहा ( बहराइच ) भारत नेपाल सीमा पर संचालित सरस्वती विद्या मंदिर के विद्यालय परिसर मे 4 लाख 97 हजार रूपये की लागत विधायक निधि से होने वाले इंटरलाकिग कार्य मे भारी कमीशन खोरी के कारण निर्माण मे अनियमितता से असंतुष्ट  प्राचार्य बेचन लाल ने निर्माण कार्य को रोक दिया और कहॉं विद्यालय मे हो रहे कार्य मे अनियमितता बर्दाश्त नही किया जायेगा । अगर आप को मानक के अनरूप कार्य करना है तो करे अन्यथा कार्य को ऐसे ही छोड़ दे ।  उन्होने ने यह भी बताया कि   सरस्वती विद्या मंदिर मे मात्र 57 मी0 इंटरलाकिंग का कार्य होना है जो मुख्य गेट से कार्य को प्रारम्भ होना है
जिसमे मानक के द्वारा 6 इंच मोटी गिट्टी ,बालू के द्वारा निर्माण करना है जिसका भुगतान बिगत छःमाह पूर्व विभाग द्वारा किया जा चुका है कार्य मे अनियमितता को देख मैने ठेकेदार से पूछा तो उसने बताया जैसा हमे जैसा कार्य करने के लिए आदेश दिया गया है मै वैसा निर्माण कर रहा हॅूं ,मै आप को कोई इस्टीमेट,नक्शा नही दिखाऊगा तो मैने कहॉं कि मै जिम्मेदार व्यक्ति हूॅं मै अपनी कमेटी के पदाधिकारियो से बात करूगा तो निर्माण होगा,मै जिलाधिकारी तथा अपने उच्चधिकारियो के बात कर लॅूंगा तो कार्य प्रारम्भ होगा ।
इस सम्बंध मे विद्यालय समिति के पदाधिकारी विपिन अग्रवाल ने बताया कि गुणवत्ता विहीन कार्य जिला पंचायत बहराइच द्वारा नानपारा विधायक माधुरी वर्मा के निधि से बनाया जा रहा है जिससे कमेटी तथा प्राचार्य ने आपत्ति जतायी है मैने इसकी जानकारी अध्यक्ष राम चंद्र अग्रवाल,प्रबंधक डा0उमांकर वैश्य एवं अन्य पदाधिकारियो को बताया तो सभी की सहमति से कार्य को रोक दिया गया है ।इस प्रकरण मे डा0उमांकर वैश्य का कहना है कि विद्यालय के कार्य मे कोई अनियमितता बर्दाश्त नही किया जायेगा चाहे जितना बड़ा ठेकेदार क्यो नहो ? सूत्र यह भी बताते है कि अध्यक्ष महोदय किसी के दबाव मे अपने निजी स्वार्थ के लिए विधायक प्रतिनिधि को कार्य प्रारम्भ करने की अपनी मौखिक सहमति प्रदान कर दी है । इस सम्बंध मे जिला भाजपा कार्यकारणी सदस्य रमेश कुमार अमलानी का कहना है कि क्षेत्र मे अधिकांश कार्य गुणवत्ता विहीन हुआ है चाहे व विधायक निधि हो या सांसद निधि से निर्मित कार्य क्यो न हो । सभी की  जॉंच भी होनी चाहिए ।
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