गोरखपुर : एससी एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ सड़को पर हल्ला बोल

गोपाल त्रिपाठी
गोरखपुर। एससी एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ सवर्ण संगठनों के भारत बंद का असर गोरखपुर शहर तथा ग्रामीण इलाकों में अच्छा खासा असर देखा गया। बंदी के चलते कई प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। बंद समर्थकों ने गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग को जाम कर प्रदर्शन किया और सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। वहीं गोरखपुर कलेक्ट्री के अलावा गोला व बांसगांव तहसील में अधिवक्ताओं ने भी एक्ट का विरोध कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। बंदी को लेकर पुलिस अलर्ट रही। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जगह जगह पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। बंदी कराने वालों पर असफरों की निगाहें लगी रहीं।
   
शहर के टाउनहाल पर जुटे विभिन्न संगठनों ने केंद्र सरकार पर जातिवादी राजनीति को बढावा देने का आरोप लगाया।यहां दुकानों को बंद कराने के बाद शहर में जुलूस निकाला गया। बंदी समर्थकों ने सिटी माल के साथ ही अन्य मार्ट व माल को भी बंद कराया।
कानून में संशोधन के विरोध में कलेक्ट्रेट के अधिकवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। बांसगांव में पूरा बाजार बंद रहा। यहां तक लोगों को पेट्रोल व डीजल के लिए भटकना पडा। यहां पर तहसील के अधिवक्ता कार्य से विरत रहे। बाजार में बंदी समर्थकों ने जुलूस निकाला। बंदी समर्थकों ने कौडीराम व बडहलगंज में गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग को भी जाम कर दिया। बडहलगंज में अखिल भारतीय सवर्ण सेना, ब्राहमण महासभा, राष्ट्रवादी पार्टी आफ इंडिया, भारत विकास पार्टी सहित कई अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाल कर दुकानों को बंद कराया। बंदी को देखते हुए शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया।
साउंखोर में पूर्व छात्र नेता विशाल राय के नेतृत्व में युवाओं ने प्रधानमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला फूंका। बंद समर्थकों ने बडहलगंज बस स्टेशन पर करीब आधे घंटे तक जाम लगाए रखा। बंदी समर्थकों का आक्रोश देख दुकानदारों ने दुकानों को बंद रखा। अखिल भारतीय सवर्ण समाज के संस्थापक अध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी, अंकित दुबे, अनुराग दुबे, राष्ट्रवादी पार्टी आफ इंडिया के बैनर तले विन्ध्याचंल पाण्डेय, करूणेश मिश्रा, हृदय नारायण तिवारी, मोनू मिश्रा, आदित्य तिवारी, शुभम मिश्रा, मणिकान्त तिवारी, रोहित मिश्र, आनन्द सिंह, विशाल राय, धीरज राय, चंदन पाण्डेय, चन्द्रमौलि दूबे, पंकज पाण्डेय, भोनू शाही सहित सैकडों युवा अलग अलग टोली बना कर भारत बंद के अभियान को सफल बनाने में जुटे रहे।
Back to top button
E-Paper