विधान परिषद में पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक हुए पेश, मांगी माफी

लखनऊ,।  उत्तर प्रदेश विधान परिषद विशेषाधिकार हनन के मामले में बुधवार को पीलीभीत जिले के पुलिस अधीक्षक सभापति के सामने पेश हुए और माफी मांग मांगी। पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक बालेन्दु भूषण सिंह को अवमानना मामले में सदन में एक बजे पेश होना था।
निर्धारित समय पर अधिष्ठाता यज्ञदत्त शर्मा ने सदन को बताया कि इस प्रकरण को लेकर सुबह 10 बजे सभापति के कक्ष में एक बैठक बुलायी गयी। इसमें सभापति रमेश यादव के अलावा नेता सदन उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, नेता विरोधी दल अहमद हसन तथा कुछ अन्य सदस्य भी शामिल हुए। इस बैठक में प्रकरण को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक में शामिल सभी सदस्यों के सामने पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक उपस्थित हुए और उन्होंने मौखिक तथा लिखित रूप से माफी मांगी। सभी सदस्यों ने इस पर निर्णय के लिये सभापति को अधिकृत किया।

अधिष्ठाता ने बताया

कि सभापति ने अवमानना करने वाले पुलिस अधीक्षक द्वारा मांगी गयी बिना शर्त माफी को स्वीकार कर लिया है। सरकार इस सम्बन्ध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों तथा जिला पुलिस प्रमुखों को सदन की इस भावना से अवगत कराये कि भविष्य में सदन के सदस्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करें और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिये।

गौरतलब है कि विधान परिषद के सभापति रमेश यादव ने विशेषाधिकार हनन के मामले में पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक (एसपी) बालेन्दु भूषण सिंह को बुधवार को सदन में तलब किया गया था। सदन में इस मामले को सपा सदस्य शतरुद्र प्रकाश ने उठाया था।

शिक्षक दल के नेता ओमप्रकाश शर्मा, बसपा सदस्य दिनेश चन्द्र, कांग्रेस सदस्य दीपक सिंह, अपना दल के आशीष कुमार और भाजपा सदस्य देवेन्द्र प्रताप ने प्रकाश की बात का समर्थन करते हुए कहा था कि किसी सरकारी अधिकारी द्वारा उच्च सदन के सदस्य के साथ ऐसा बर्ताव किया जाना अवमानना का मामला है। सभापति रमेश यादव ने सदस्यों के अनुरोध को स्वीकार करते हुए पुलिस अधीक्षक सिंह को आज अपराह्न एक बजे सदन में हाजिर होकर अपना पक्ष रखने के आदेश दिये थे।
इससे पहले परिषद में कांग्रेस के सदस्य दीपक सिंह ने सरकार से जानना चाहा कि क्या श्रम एवं सेवायोजन मंत्री बतायेंगे कि प्रदेश में कुल कितने बेरोजगारों की संख्या है। शिक्षित नवयुवकों को रोजगार दिये जाने हेतु कोई ठोस नीति बनाये जाने पर विचार करेंगे।

प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन विभाग के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बताया कि सेवायोजन पोर्टल पर 30 जून 2018 तक कुल 2139811 बेरोजगारों ने अपना पंजीकरण कराया है। बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। लगातार इसके प्रयास किये जा रहे हैं। सेवायोजन कार्यालयों में मेले आदि का आयोजन भी किया जाता है। कॉरियर कांउन्सिलिंग का भी आयोजन होता है। सरकार के जवाब से अंसतुष्ट कांग्रेस के सदस्यों ने सदन का बर्हिगमन कर दिया।

सपा के शतरूद्र प्रकाश ने प्रदेश में विभिन्न डिस्कौम द्वारा ब्लैक लिस्ट कम्पनियों से मीटर व ट्रांसफार्मर खरीदे जाने के संबंध में ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा से प्रश्न किया। पर्याप्त सूचना के अभाव में सभापति रमेश यादव ने इस प्रश्न को प्रश्न एवं संदर्भ समिति को निर्देशित किया।
नेता विपक्ष अहमद हसन राम सुन्दर दास निषाद एवं अन्य सदस्यों ने वित्तविहीन शिक्षकों, अनुदेशकों एवं शिक्षा मित्रों को मानदेय एवं पारिश्रमिक दिलाये जाने के संबंध में सूचना दी। सदन के जवाब से असंतुष्ट होकर सपा के सभी सदस्यों ने सदन का बर्हिगमन कर दिया।

बसपा के सदस्य दिनेश चन्द्रा, अतर सिंह राव ने भारत बन्द के दौरान विभिन्न जनपदों में बसपा कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किये जाने के संबंध में सरकार से जवाब जनना चाहा। नेता सदन डा. दिनेश शर्मा के जवाब से असंतुष्ट होकर बसपा के सभी सदस्यों ने सदन का बर्हिगमन कर दिया। अधिष्ठाता नरेश उत्तम ने सूचना पर कार्यस्थगन अस्वीकार कर सूचना सरकार को आवश्यक कार्यवाही हेतु संदर्भित की।

कांग्रेस दीपक सिंह, नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने गन्ना किसानों के बकाये भुगतान के संबंध सरकार से जवाब मांगा। सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस के सभी सदस्यों ने सदन का बर्हिगमन कर दिया। इसी बीच अनुपूरक बजट पर चर्चा शुरू हुई। नेता विपक्ष अहमद हसन ने इस बजट को बिल्कुल हवा-हवाई बताया कहा कि इस सरकार में विकास के कोई काम नहीं हो पा रहे हैं। हमारी सरकार में पेंशन योजना और लैपटॉप वितरण योजना को ठप कर दिया गया है। यह बजट किसी काम लायक नहीं है।

सपा के सदस्य दिनेश चन्द्रा ने कहा कि अनुपूरक बजट लाने की सरकार को कोई जरूरत नहीं थी, पिछली बार आवंटित हुआ धन अभी तक खर्च नहीं हो पाया। छात्रों का छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है। रोजगार की बहुत ज्यादा परेशानी है। इसके बाद सदन की कार्यवाही कल 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। उत्तर प्रदेश विधान परिषद विशेषाधिकार हनन के मामले में बुधवार को पीलीभीत जिले के पुलिस अधीक्षक सभापति के सामने पेश हुए और माफी मांग मांगी। पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक बालेन्दु भूषण सिंह को अवमानना मामले में सदन में एक बजे पेश होना था।
निर्धारित समय पर अधिष्ठाता यज्ञदत्त शर्मा ने सदन को बताया कि इस प्रकरण को लेकर सुबह 10 बजे सभापति के कक्ष में एक बैठक बुलायी गयी। इसमें सभापति रमेश यादव के अलावा नेता सदन उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, नेता विरोधी दल अहमद हसन तथा कुछ अन्य सदस्य भी शामिल हुए। इस बैठक में प्रकरण को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक में शामिल सभी सदस्यों के सामने पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक उपस्थित हुए और उन्होंने मौखिक तथा लिखित रूप से माफी मांगी। सभी सदस्यों ने इस पर निर्णय के लिये सभापति को अधिकृत किया।
अधिष्ठाता ने बताया कि सभापति ने अवमानना करने वाले पुलिस अधीक्षक द्वारा मांगी गयी बिना शर्त माफी को स्वीकार कर लिया है। सरकार इस सम्बन्ध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों तथा जिला पुलिस प्रमुखों को सदन की इस भावना से अवगत कराये कि भविष्य में सदन के सदस्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करें और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिये।

गौरतलब है कि विधान परिषद के सभापति रमेश यादव ने विशेषाधिकार हनन के मामले में पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक (एसपी) बालेन्दु भूषण सिंह को बुधवार को सदन में तलब किया गया था। सदन में इस मामले को सपा सदस्य शतरुद्र प्रकाश ने उठाया था।

शिक्षक दल के नेता ओमप्रकाश शर्मा, बसपा सदस्य दिनेश चन्द्र, कांग्रेस सदस्य दीपक सिंह, अपना दल के आशीष कुमार और भाजपा सदस्य देवेन्द्र प्रताप ने प्रकाश की बात का समर्थन करते हुए कहा था कि किसी सरकारी अधिकारी द्वारा उच्च सदन के सदस्य के साथ ऐसा बर्ताव किया जाना अवमानना का मामला है। सभापति रमेश यादव ने सदस्यों के अनुरोध को स्वीकार करते हुए पुलिस अधीक्षक सिंह को आज अपराह्न एक बजे सदन में हाजिर होकर अपना पक्ष रखने के आदेश दिये थे।

इससे पहले परिषद में कांग्रेस के सदस्य दीपक सिंह ने सरकार से जानना चाहा कि क्या श्रम एवं सेवायोजन मंत्री बतायेंगे कि प्रदेश में कुल कितने बेरोजगारों की संख्या है। शिक्षित नवयुवकों को रोजगार दिये जाने हेतु कोई ठोस नीति बनाये जाने पर विचार करेंगे।
प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन विभाग के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बताया कि सेवायोजन पोर्टल पर 30 जून 2018 तक कुल 2139811 बेरोजगारों ने अपना पंजीकरण कराया है। बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। लगातार इसके प्रयास किये जा रहे हैं। सेवायोजन कार्यालयों में मेले आदि का आयोजन भी किया जाता है। कॉरियर कांउन्सिलिंग का भी आयोजन होता है। सरकार के जवाब से अंसतुष्ट कांग्रेस के सदस्यों ने सदन का बर्हिगमन कर दिया।
सपा के शतरूद्र प्रकाश ने प्रदेश में विभिन्न डिस्कौम द्वारा ब्लैक लिस्ट कम्पनियों से मीटर व ट्रांसफार्मर खरीदे जाने के संबंध में ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा से प्रश्न किया। पर्याप्त सूचना के अभाव में सभापति रमेश यादव ने इस प्रश्न को प्रश्न एवं संदर्भ समिति को निर्देशित किया।

नेता विपक्ष अहमद हसन राम सुन्दर दास निषाद एवं अन्य सदस्यों ने वित्तविहीन शिक्षकों, अनुदेशकों एवं शिक्षा मित्रों को मानदेय एवं पारिश्रमिक दिलाये जाने के संबंध में सूचना दी। सदन के जवाब से असंतुष्ट होकर सपा के सभी सदस्यों ने सदन का बर्हिगमन कर दिया।
बसपा के सदस्य दिनेश चन्द्रा, अतर सिंह राव ने भारत बन्द के दौरान विभिन्न जनपदों में बसपा कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किये जाने के संबंध में सरकार से जवाब जनना चाहा। नेता सदन डा. दिनेश शर्मा के जवाब से असंतुष्ट होकर बसपा के सभी सदस्यों ने सदन का बर्हिगमन कर दिया। अधिष्ठाता नरेश उत्तम ने सूचना पर कार्यस्थगन अस्वीकार कर सूचना सरकार को आवश्यक कार्यवाही हेतु संदर्भित की।

कांग्रेस दीपक सिंह, नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने गन्ना किसानों के बकाये भुगतान के संबंध सरकार से जवाब मांगा। सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस के सभी सदस्यों ने सदन का बर्हिगमन कर दिया। इसी बीच अनुपूरक बजट पर चर्चा शुरू हुई। नेता विपक्ष अहमद हसन ने इस बजट को बिल्कुल हवा-हवाई बताया कहा कि इस सरकार में विकास के कोई काम नहीं हो पा रहे हैं। हमारी सरकार में पेंशन योजना और लैपटॉप वितरण योजना को ठप कर दिया गया है। यह बजट किसी काम लायक नहीं है।

बसपा के सदस्य दिनेश चन्द्रा ने कहा कि अनुपूरक बजट लाने की सरकार को कोई जरूरत नहीं थी, पिछली बार आवंटित हुआ धन अभी तक खर्च नहीं हो पाया। छात्रों का छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है। रोजगार की बहुत ज्यादा परेशानी है। इसके बाद सदन की कार्यवाही कल 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।

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