प्रधान ने लॉकडाउन मे बदली प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर, दुर्गम गांव मे प्राथमिक शिक्षा की ऊंची उड़ान

संदीप भट्टकोटी

रुद्रप्रयाग। जिंदगी मे यदि कुछ करने की ठान लो तो फिर असंभव कुछ भी नहीं। यह कहावत रुद्रप्रयाग जिले के दुर्गम गांव पाबौ के प्रधान और ग्रामीणों पर सटीक बैठती है। दस माह पहले गांव का जो प्राथमिक विद्यालय जीर्णशीर्ण हालत में था, आज उसकी तस्वीर हर किसी को चौंका देती है।

लॉकडाउन मे पाबौ गांव के प्रधान और ग्रामीणों ने ऐसा कुछ कर दिखाया, जिसने शिक्षा महकमे के भी कॉलर खड़े कर दिए। इस गांव की बात करें तो यहां तक जाने के लिए हर किसी को सोचना पड़ता है। जिला मुख्यालय का सबसे दूरस्थ यह गांव आज सड़क से तो जरूर जुड़ा है, लेकिन यहां हर किसी सामान की कीमत पहुंचते-पहुंचते दुगनी ही जाती है। इन सबके बावजूद गांव के प्रधान और ग्रामीणों का हौसला काबिले तारीफ है। 

आज पूरे जिले में यह पहला विद्यालय है, जिसका भवन किसी हाईफाई प्राइवेट स्कूल से कम नहीं। दस माह पहले प्राथमिक विद्यालय के भवन की हालत डांवाडोल थी, लेकिन अब जो भवन बना है, वह प्राथमिक शिक्षा के भविष्य को नये आयाम दे रहा है। 

प्रधान देवेश सिंह बिष्ट का कहना है कि पूरे गांव के लोगों ने एकजुट होकर मेहनत की और पुराने भवन को तोड़कर नए भवन का निर्माण किया। भवन में दो कक्षा कक्ष एवं एक प्राधानाध्यापक कार्यालय बनाया है। दीवारो पर पेंटिंग की गई है। अब गर्व होता है कि हमारे गांव के नौनिहाल एक सुंदर विद्यालय मे पठन पाठन करेंगे।

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