अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में बोले राष्ट्रपति, कहा- आम आदमियों को विज्ञान से जोड़े

लखनऊ(उत्तर प्रदेश)। राष्टï्रपति रामनाथ कोविद ने कहा कि विज्ञान का प्रयोग स्वच्छ भारत मिशन में बेहतर तकनीक के रूप किया जा रहा है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठïान में आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्टï्रीय विज्ञान महोत्सव का अनौपचारिक  उद्घाटन करते हुए राष्टï्रपति ने कहा कि विज्ञान को आम आदिमयों से जोडऩा होगा। इसके लिए एप्लीकेशन को आसान बनाना होगा। राष्टï्रपति ने कहा कि विज्ञान को रिसोर्सेज के साथ जोडक़र और महत्वपूर्ण तथा उपयोगी बनाया जा सकता है। देश की तरक्की में विज्ञान की भूमिका दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। विज्ञान का प्रयोग स्वच्छ भारत मिशन में बेहतर तकनीक के रूप में किया जा रहा है। विज्ञान को रिसोर्सेज से जोडक़र और महत्वपूर्ण तथा उपयोगी बनाया जा सकता है। विज्ञान को आम आदमियों से जोडऩा होगा। इसके लिए एप्लीकेशन को और आसान बनाना होगा। उन्होंने कहा कि  केन्द्र सरकार द्वारा चलाया जा रहा इन्द्रधनुष टीकाकरण  के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा दी जा रही है। देश की तरक्की में विज्ञान की भूमिका दिनप्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इस मौके पर राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि विज्ञान का अंतराष्ट्रीय उत्सव उत्तर प्रदेश में हो रहा है।
ये बहुत अच्छा संयोग है। इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि विज्ञान हमेशा भारतीय संस्कृति का हिस्सा रहा है। सदियों पहले हमारे पूर्वजों गणित के रहस्य और शून्य की अवधारणा को उजागर कर रहे थे। वे दवाओं और धातु विज्ञान के रूप में दूर तक खेतों में विज्ञान के सबक लागू कर रहे थे। हरित क्रांति से हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक संपन्न बायोटेक और दवा उद्योग के निर्माण के लिएए विज्ञान ने 1947 के बाद के आधुनिकीकरण को प्रेरित किया है। आज 21 वीं शताब्दी की पहली तिमाही में चौथी औद्योगिक क्रांति और आर्टिफि शियल इंटेलिजेंस के जैव सूचना विज्ञान और जीन संपादन के रोबोटिक्स और सटीक निर्माण की उम्र में यह क्वांटम कूद के लिए समय है। राष्ट्रपति ने कहा कि हम विज्ञान को एक जन आंदोलन में परिवर्तित किए बिना उस कूद को नहीं बना सकते हैं। और हमारी प्रयोगशालाओं, हमारे विश्वविद्यालयों और यहां तक कि हमारे स्कूलों में रोजमर्रा की गतिविधि के रूप में टिंकरिंग और नवाचार को बढ़ावा देने के बिना। जुगाड़, कटपेस्ट प्रयोगों और मितव्ययी नवाचार उनकी भूमिका है। फि र भी अगर हम भारत को मध्यम आय अर्थव्यवस्था और एक उन्नत औद्योगिक शक्ति में बदलना चाहते हैं। तो हमें ज्ञान निर्माण के इंजनों को अपग्रेड करना होगा।  राष्ट्रपति ने कहा कि संसाधनों के साथ-साथ संसाधनों के साथ-साथ साझा किए जाने वाले सुविधाओं के साथ एक सहयोगी उद्यम होने पर विज्ञान सर्वोत्तम होता है। यह शोध केंद्रों और विश्वविद्यालयों के बीच साझेदारी का युग है।
उन्होंने वैज्ञानिक समुदाय से सलाह दी और विश्वविद्यालयों में उभरते शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए अपने दरवाजे खोलने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उभरते शोधकर्ता और छात्र प्रयोगशालाओं और उपकरणों के मार्गदर्शन समर्थन और पहुंच के लिए वरिष्ठ वैज्ञानिकों को देखते हैं  राष्ट्रपति ने उच्च विज्ञान में महिलाओं की कम भागीदारी की ओर इशारा किया। उन्होंने ध्यान दिलाया कि वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद में काम कर रहे 3,446 वैज्ञानिकों में से केवल 632 . या 18.3 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते में जब महिला वैज्ञानिकों ने भौतिकी और रसायन शास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार जीते हैं। तो यह एक बयान देने वाला आंकड़ा है। यह हमारी बेटियों की वैज्ञानिक क्षमता का एक अनुस्मारक है कि हम पर्याप्त रूप से उपयोग नहीं कर रहे हैं। यह एक सामाजिक और व्यवस्थित चुनौती दोनों है, लेकिन इसे दूर करने के लिए हमारी सामूहिक जि़म्मेदारी है।
राष्टï्रपति और विज्ञान महोत्सव दोनों यूपी में सुखद संयोग
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी यूपी से हैं और यूपी में यह महोत्सव हो रहा है। ये सुखद संयोग है। उन्होंने कहा कि जब मैंने केन्द्रीय मंत्री डा. हर्षवर्धन से यहां मौजूद छात्रों की संख्या के बारे में पूछा तो पता चला कि विज्ञान के इस महाकुम्भ में 12000 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। राज्यपाल ने कहा कि आज मुझे वीर सावरकर का स्मरण हो रहा है। सावरकर जी ने कहा था कि हम विज्ञाननिष्ठ देश की परिकल्पना करते हैं। आज हम उसे सच होते देख रहे हैं। विज्ञान के माध्यम से सामाजिक सरोकारों और देश की समस्याओं का हल निकलेंगे। विज्ञान हर जगह है। हमें निरन्तर समाज और देश को आगे ले जाने के लिए विज्ञान के माध्यम से प्रयास करते रहना चाहिए। इसके लिए संस्कृत के दो सुंदर शब्द हैं।
विज्ञान में अटल का योगदान अतुलनीय 
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन पृथ्वी विज्ञान मंत्री डा. हर्षवर्धन ने कहा कि यह पूरा महोत्सव हमारे दिवंगत प्रधानमंत्री अटल जी के नाम पर है। उन्होंने इस देश के लिए बहुत काम किया है। खासकर विज्ञान के क्षेत्र में। आज हमारे पास उन्हीं की तरह पीएम मोदी हैंए जो विज्ञान के क्षेत्र में कुछ न कुछ इनोवेटिव करने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। डॉ. हर्षवर्धन कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत की है। अगर आप के पास कोई इनोवेटिव आईडिया है तो मिनिस्ट्री ऑफ साइंस आपके इनोवेशन में आपके साथ है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आज हम लोग अंतराष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान के क्षेत्र में बहुत आगे हैं। नैनोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हम विश्व में चौथी रैंक पर हैं। सुनामी वार्निंग के लिए हम विश्व में नंबर एक पर हैं। उन्होंने कहा कि जहां तक सीएसआईआर की बात है। 800 महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी देश को मिली है। सीएसआईआर विश्व में 9वी रैंक पर है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मार्स ऑर्बिटर मिशन को पहले ही प्रयास में सफ  लतापूर्वक अचीव किया है। ऐसा करने वाले विश्व में हम प्रथम हैं। डा. हर्षवर्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो 2022 तक न्यू इंडिया का जो विजऩ देखा है। उसे सच करने में अपने इनोवेशन को शेयर किया जाना चाहिये। देश की समस्याओं को विज्ञान से सुलझाने में मदद कीजिये।

विज्ञान महोत्सव में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल रामनाईक व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

यूपी में विज्ञान महोत्सव होना गौरव की बात-मुख्यमंत्री

लखनऊ।। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के लिए ये गौरवपूर्ण क्षण है जब पहली बार उत्तर प्रदेश की धरती पर विज्ञान महोत्सव का उदघाटन हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों के मन में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा को देखा है, यह अच्छी बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है आगामी तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्य्रकम में नए अनुसंधानों की नींव रखने के साथ साथ प्रधानमंत्री के नए इंडिया के तरीके को चरितार्थ करेगा। उन्होंने कहा कि यहां स्वागत में राष्ट्रपति जी को तुलसी दी गई, बदलते मौसम में वायरल फीवर आता है लोग बीमार होते हैं जो तुलसी के काढ़े का सेवन करता है उसके आस पास रोग नहीं आ सकता। भारत की पहचान दुनिया में अपने ज्ञान और विज्ञान के कारण रही है।
उन्होंने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने समय समय पर दुनिया का मार्गदर्शन किया है।

दुनिया के सबसे प्राचीनतम ग्रन्थों में ऋग्वेद माना जाता है। प्राचीन काल से एक लम्बी श्रंखला वैज्ञानिकों की भी आती है। योगी ने कहा कि जहां-जहां भी प्रदर्शनी लगी है लखनऊ और आसपास के कई शिक्षण संस्थानों ने भी इस आयोजन की सराहना की है।

आइआइएसएफ : वैज्ञानिक छात्रों ने जाने अपने भविष्य सांवरने के गुर

लखनऊ। भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आइआइएसएफ) 2018 के अंतर्गत शनिवार को देशभर के विद्यार्थियों ने बाहर से आये हुए शिक्षकों और काउंसलरों से अपने भविष्य को बेहतर बनाने की सलाह ली।
इस मौके पर हंगरी से आई हिल्डा से छात्र ने जानना चाहा कि विज्ञान के क्षेत्र में हंगरी में क्या विशेताएं हैं, जो आने वाले समय मे भारत को लाभ पहुंचा सके। जवाब में उन्होंने बताया कि आप जो यहां पढ़ रहें, हमारे यहां की शिक्षा में बहुत अंतर है। इसके लिए समस्त जानकारी हमारे पोर्टल में दी गई है। जिसे पढ़कर अपना भविष्य सवांर सकते हैं।
बायो टेक्नोलॉजी के छात्र ने पूछा कि यूरोपियन देशों में इस क्षेत्र में क्या क्या संभवनाएं हैं। उत्तर देते हुए स्विट्जरलैंड से आये इंद्रनील घोष ने बताया कि हमारे देश मे अनेक विश्वविद्यालय हैं, जिसमें विभिन्न प्रकार की शिक्षा हासिल की जा सकती है। जिसका उपयोग भारत में विभिन्न तौर से किया जा सकता है। इस पर वहीं से आए फ्रिक ने बताया कि नोट्स के अलावा भी पढ़ाई की जा सकती है। होम वर्क, क्लास वर्क के जरिये पढ़ाई करने वाले भी अच्छे छात्र बन सकते हैं।
लखनऊ के छात्र अमित ने जानना चाहा कि कियूनाइटेड किंगडम से क्वांटम फ़िजिक्स में पढ़ाई किस प्रकार से की जा सकती है।
उत्तर देते हुए तान्या ने बताया कि आप हमारे यहांं विभिन्न प्रकार के विश्वविद्यालय हैं। उन्हें सर्च करके अपना पूरा डिटेल्स पढ़िए और अप्लाई करें।
लखनऊ विश्वविद्लाय के अभिषेक ने जनना चाहा कि कौन से देश से बेहतर कृषि में पढ़ाई की जा सकती है। नीदरलैंड के आये विशेषज्ञ कनप्रीत कौर ने बताया कि यहां पर तीन बहुत अच्छे कॉलेज और विश्वविद्यालय हैं जिसमें आप पढ़ाई करके बहुत सी जानकारी हासिल कर सकते हैं।

छात्रों ने डीएनए आईसोलेशन की प्रक्रिया को पूरा कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चल रहे भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव-2018 में जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में शनिवार को विश्व में एक साथ सर्वाधिक 550 छात्र-छात्राओं के द्वारा ‘डीएनए आईसोलेशन’ की प्रक्रिया को पूरा कर एक इतिहास रचा है। स्कूल के 13 से 17 वर्ष के इन छात्र-छात्राओं ने 61 मिनट में यह सफलता हासिल की
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से आए ऋषि नाथ ने जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल के चेयरमैन सर्वेश गोयल, राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान लखनऊ के निदेशक एसके बारिक, बायोटेक पार्क के सीईओ प्रमोद टंडन को इसका प्रमाण पत्र सौंपा।
गौरतलब है कि इसका पुराना रिकॉर्ड सीटल चिल्ड्रेन्स रिसर्च इंस्टीट्यूट, सीटल, वॉशिंगटन (यूएसए) के नाम था। जहां, एक साथ 302 विद्यार्थियों ने डीएनए आईसोलेशन की प्रक्रिया को पूरा किया था। यहां 13 से 17 वर्ष के विद्यार्थियों ने 90 मिनट लिए थे।
विज्ञान भारती और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार की ओर से जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में डीएनए आईसोलेशन पर रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए यह कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। 

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