राहुल गांधी की ED के सामने पेशी : CM गहलोत-बघेल समेत कई सांसद हिरासत में, केस को ऐसे समझिए

राहुल गांधी से नेशनल हेराल्ड केस में ED ऑफिस में एक घंटे से अफसर पूछताछ कर रहे हैं। राहुल के साथ पैदल मार्च करके कांग्रेस मुख्यालय से निकले कांग्रेस नेताओं को एक किमी पहले रोक लिया गया तो वह सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। पुलिस ने धरना दे रहे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया है। प्रियंका गांधी इन नेताओं से मिलने तुगलक रोड पुलिस स्टेशन पहुंची हैं।

ED ऑफिस जाते वक्त दिल्ली पुलिस ने मल्लिकार्जुन खड़गे, जयराम रमेश, मुकुल वासनिक, दिग्विजय सिंह, दीपेंद्र हुड्डा, पवन खेड़ा, पीएल पूनिया, गौरव गोगोई, मीनाक्षी नटराजन सहित कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया। सेन्ट्रल दिल्ली से बस में बैठाकर इन नेताओं को दूर ले जाया गया।

राहुल-प्रियंका साथ निकले थे
राहुल की पेशी के पहले प्रियंका गांधी वाड्रा उनसे मिलने उनके घर पहुंची थीं। यहां से राहुल-प्रियंका कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे और पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। बैठक के बाद राजस्थान के CM अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल समेत पार्टी के सांसद और अन्य नेता के साथ पैदल ही ED ऑफिस के लिए निकले थे। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर कांग्रेस के मार्च को रोक लिया और नेताओं को आगे नहीं जाने दिया था। राहुल गांधी कार से प्रियंका के साथ ED मुख्यालय पहुंचे थे।

ED दफ्तर के पास थ्री-लेयर सुरक्षा घेरा है। पहले घेरे के पास ही पुलिस ने कांग्रेस का मार्च रोक लिया था। यहां कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। इससे पहले सोमवार सुबह राहुल गांधी से जांच के विरोध में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस मुख्यालय से हिरासत में ले लिया था। पुलिस कांग्रेसियों को बस में बैठाकर ले गई थी। कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस मुख्यालय से ED ऑफिस तक का रास्ता सील कर दिया था।

हमने भाजपा की तरह देश की संपत्तियां नहीं बेची: सुरजेवाला

राहुल गांधी से पूछताछ के विरोध में कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा- नेशनल हेराल्ड में कोई घोटाला नहीं हुआ। नेशनल हेराल्ड कंपनी ने यंग इंडिया कंपनी का बकाया चुकाया है और कर्मचारियों का वेतन दिया। हमने भाजपा सरकार की तरह भारत की सरकारी संपत्तियों को बेचा नहीं है।

असिस्टेंट डायरेक्टर लेवल के अफसर पूछताछ कर रहे
ED सूत्रों की मानें तो आज राहुल से असिस्टेंट डायरेक्टर लेवल के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। पूछताछ सामान्य तरीके से की हो रही है, जैसे बाकी आने वाले लोगों से की जाती है। जांच के दौरान राहुल गांधी अपना मोबाइल फोन यूज नहीं कर पाएंगे।

सवालों की लंबी सूची तैयार
ED ने राहुल गांधी से पूछताछ के लिए सवालों की लंबी सूची तैयार की है। लगभग दो दर्जन सवाल ED के अफसर पूछेंगे, जो सभी नेशनल हेराल्ड और यंग इंडिया कंपनी से जुड़े हैं। राहुल गांधी यंग इंडिया कंपनी में अपनी मां सोनिया गांधी के साथ 38-38% के हिस्सेदार है। बाकी हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नाडिस के पास है। इन दोनों नेताओं का देहांत हो चुका है।

ED ने सोनिया को भी बुलाया
ईडी ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को 23 जून को पूछताछ के लिए बुलाया है। इससे पहले 8 जून को पूछताछ के लिए समन किया था, लेकिन 1 जून को वे कोरोना पॉजटिव हो गई थीं। इसी वजह से वे पेश नहीं हो पाईं। वहीं, रविवार को कोरोना के चलते सोनिया की तबीयत बिगड़ गई। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

कांग्रेस विधायक लखनऊ में हाउस अरेस्ट
लखनऊ में कांग्रेस के सत्याग्रह से पहले लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना को हाउस अरेस्ट कर लिया है। बड़ी संख्या में उनके घर के बाहर पुलिस की तैनाती की गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और पूर्व MLC हुस्ना सिद्दीकी को पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया है।

केस को ऐसे समझिए
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1938 में कांग्रेस पार्टी ने एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (AJL) बनाई थी। इसी के तहत नेशनल हेराल्ड अखबार निकाला जाता था। उस वक्त AJL पर 90 करोड़ से ज्यादा का कर्ज था और इसी को खत्म करने के लिए एक और कंपनी बनाई गई। जिसका नाम था यंग इंडिया लिमिटेड। इसमें राहुल और सोनिया की हिस्सेदारी 38-38% थी।

यंग इंडिया को AJL के 9 करोड़ शेयर दिए गए। कहा गया कि इसके एवज में यंग इंडिया AJL की देनदारियां चुकाएगी, लेकिन शेयर की हिस्सेदारी ज्यादा होने की वजह से यंग इंडिया को मालिकाना हक मिला। AJL की देनदारियां चुकाने के लिए कांग्रेस ने जो 90 करोड़ का लोन दिया था, वह भी बाद में माफ कर दिया गया।

55 करोड़ की हेराफेरी का है आरोप
2012 में सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया और राहुल के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज कराया था। इसमें स्वामी ने गांधी परिवार पर 55 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप लगाया था। हालांकि, इस केस में ED की एंट्री साल 2015 में हुई।

केस में अब तक क्या-क्या हुआ

  • 1 नवंबर 2012 को दिल्ली कोर्ट में सुब्रमण्यम स्वामी ने केस दर्ज कराया, जिसमें सोनिया-राहुल के अलावा मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे और सैम पित्रोदा आरोपी बनाए गए। ये सभी कांग्रेस से जुड़े हैं।
  • 26 जून 2014 को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने सोनिया-राहुल समेत सभी आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया।
  • 1 अगस्त 2014 के ED ने इस मामले में संज्ञान लिया और मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया।
  • मई 2019 में इस केस से जुड़ी 64 करोड़ की संपत्ति को ED ने जब्त किया।
  • 19 दिसंबर 2015 को इस केस में सोनिया, राहुल समेत सभी आरोपियों को दिल्ली पटियाला कोर्ट ने जमानत दे दी।
  • 9 सितंबर 2018 को दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में सोनिया और राहुल को करारा झटका दिया था। कोर्ट ने आयकर विभाग के नोटिस के खिलाफ याचिका खारिज कर दी थी।
  • कांग्रेस ने इसे सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी, लेकिन 4 दिसंबर 2018 को कोर्ट ने कहा कि आयकर की जांच जारी रहेगी। हालांकि, अगली सुनवाई तक कोई आदेश पारित नहीं होगा।
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