RBI ने किया बड़ा बदलाव, अब बैंक की छुट्टी वाले दिन भी मिलेगी आपकी सैलरी

आम आदमी को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ी राहत दी है। RBI ने नेशनल ऑटोमेटिड क्लीयरिंग हाउस (NACH) सिस्टम को सातों दिन चालू रखने का फैसला किया है। यानी बैंक से होने वाले आपके कई लेनदेन रविवार और छुट्टियों के दिन भी हो सकेंगे। यह नई सुविधा 1 अगस्त 2021 से लागू होगी। मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद शुक्रवार को RBI के गवर्नर शक्तिकांत ने यह बात कही है।

पहले समझिए क्या है NACH?
NACH बड़े पैमाने पर भुगतान करने वाला सिस्टम है। इस संचालन नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) करता है। यह सिस्टम डिविडेंड, ब्याज, सैलरी, पेंशन जैसे पेमेंट को एकसाथ कई खातों में ट्रांसफर करने की सुविधा प्रदान करता है।

इसके अलावा यह बिजली, टेलीफोन, गैस, पानी से जुड़े भुगतान और लोन, म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस प्रीमियम का कलेक्शन करने की सुविधा भी देता है। उदाहरण के लिए- जब ग्राहक बैंक को इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरेंस सर्विस (ECS) की सहमति देता है तो NACH के जरिए पैसा खाते से अपने आप कट जाता है।

छुट्टी वाले दिन भी खाते में जमा होगी आपकी सैलरी
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि इस नई सुविधा के शुरू होने के बाद रविवार या छुट्टी वाले दिन भी कर्मचारियों के बैंक खाते में सैलरी जमा हो सकेगी। इसके अलावा आपके खाते से अपनेआप होने वाले सभी प्रकार के भुगतान भी रविवार या छुट्टी वाले दिन हो सकेंगे।

इसमें म्यूचुअल फंड एसआईपी, घर-कार या पर्सनल लोन की मासिक किस्त (EMI), टेलीफोन, गैस और बिजली जैसे बिलों का भुगतान भी शामिल है। अभी तक छुट्टी वाले दिन लेनदेन ना होने का कारण यह है कि अधिकांश कंपनियां सैलरी और अन्य प्रकार के भुगतान के लिए NACH का इस्तेमाल करती हैं। रविवार या बैंक छुट्टी वाले दिन इसकी सुविधा उपलब्ध नहीं होती है।

जुर्माने से बचने के लिए बैंक में पर्याप्त बैलेंस रखें
यदि आपने अपने बैंक खाते से किसी भी तरह की EMI या बिल के अपनेआप भुगतान या ECS की सुविधा ले रखी है, तो 1 अगस्त से खाते में पर्याप्त बैलेंस रखना होगा। यदि आप ऐसा नहीं करते और बैलेंस कम होने के कारण भुगतान फेल होता है तो जुर्माना तय है। मौजूदा सिस्टम के तहत रविवार को पर्याप्त बैलेंस ना होने और सोमवार को पैसा जमा होने पर किस्त या बिल का भुगतान सोमवार को होता है।

DBT के लिए काफी पॉपुलर हुआ है NACH
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि बड़े पैमाने पर लाभार्थियों को डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (DBT) के लिए NACH पॉपुलर और प्रमुख डिजिटल मोड के तौर पर उभरा है। यह कोविड-19 के दौरान समय पर और पारदर्शिता के साथ सरकारी सब्सिडी ट्रांसफर करने में काफी मदद कर रहा है।

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