पवित्र और मॉडर्न : अयोध्या के भव्य परिवर्तन की कहानी

लखनऊ: भारत में कुछ ही शहर ऐसे हैं, जो इतिहास और संभावनाओं का एक समान महत्व रखते हैं। अयोध्या इनमें से ही एक है, जो लंबे समय से अपने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है, वहीं अब यह देश के सबसे गतिशील शहरी परिवर्तनों में से एक के रूप में उभर रहा है। अब अयोध्या शहर की पहचान सिर्फ एक तीर्थ स्थान के रूप में नहीं रह गई है, बल्कि तेजी से वैश्विक आध्यात्मिक और निवेश के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यह शहर सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास के साथ सहजता से जोड़ता है।

भारत के सबसे पुराने शहरों में से एक अयोध्या, भारत की प्राचीन विरासत और धार्मिक पहचान से बेहद गहराई के साथ जुड़ा है। इस शहर को लंबे समय से भगवान राम का जन्मस्थान माना जाता है, जो इसे हिंदू आस्था का आधार बनाता है। सदियों से अयोध्या ने अलग अलग राजवंशों के उत्थान और पतन को देखा है, जिनमें से हर एक ने अपने सांस्कृतिक और आर्किटेक्चरल (वास्‍तु) परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी है।

अयोध्या का परिवर्तन बहुत तेज गति से हो रहा है, और शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 85,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे, अपग्रेडेड महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट और एक नया रेलवे टर्मिनल सहित प्रमुख परियोजनाएं शहर को पहले से कहीं अधिक सुलभ बना रही हैं। हॉस्पिटैलिटी और आवासीय क्षेत्रों का विस्तार अयोध्या नगरी एक संपन्न आर्थिक केंद्र के रूप में और मजबूत कर रहा है।

2024 में 16 करोड़ से ज्यादा धार्मिक पर्यटकों के आने के साथ अयोध्या ने वाराणसी और मथुरा जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों को भी पीछे छोड़ दिया है। पर्यटकों की संख्या में यह उछाल न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर, हॉस्पिटैलिटी और कारोबार में भी बढ़ोतरी को बढ़ावा दे रहा है। धार्मिक या आस्था आधारित यात्रा अब भारत के कुल पर्यटन क्षेत्र का लगभग 60 फीसदी योगदान देती है, जो अयोध्या शहर के एक प्रमुख आर्थिक इंजन के रूप में बड़ी भूमिका को दिखाता है।

दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक महाकुंभ ने अयोध्या के विकास और वैश्विक स्‍तर पर महत्व को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है। इस भव्य आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने से शहर में पर्यटन में मजबूत बढ़ोतरी देखी गई, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। इस आयोजन ने अयोध्या की आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थिति को भी मजबूत किया है, जिसने तीर्थयात्रियों, संस्कृतियों में रूचि रखने वाले लोगों और निवेशकों को समान रूप से आकर्षित किया है।

शहर को लेकर कई सरकारी पहल ने अयोध्या के बदलाव की नींव रखी है, लेकिन निजी क्षेत्र की भागीदारी शहर के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हॉस्पिटैलिटी, रिटेल और आवासीय परियोजनाओं में निजी क्षेत्र की ओर से बढ़ रहा निवेश एक समग्र शहरी परिदृश्य बनाने के सार्वजनिक प्रयासों का पूरक बन रहा है।

अयोध्या का डेवलपमेंट रोडमैप, धार्मिक पर्यटन से आगे बढ़कर सस्‍टेनेबी अर्बन प्लानिंग और इकोनॉमिक डाइवर्सिफिकेशन पर केंद्रित है। सरकार का विजन स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट, शहरी प्रबंधन, परिवहन और उपयोगिताओं के लिए टेक्‍नोलॉजी-आधारित समाधानों को एक साथ लाना है, ताकि दक्षता और जीवन-यापन बढ़ाया जा सके। वेस्‍ट मैनेजमेंट सिस्‍टम, रिन्‍यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस और पैदल चलने वालों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर जिनमें चौड़े फुटपाथ, सुरक्षित क्रॉसवाक, स्पीड बंप जैसे उपाय शामिल हैं, यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि डेवलपमेंट में पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाए।

एक्सप्रेस वे और रेल नेटवर्क के विस्तार के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी अयोध्या को भारत के व्यापक आर्थिक ढांचे में एकीकृत कर रही है, जिससे यात्रा अधिक आसान हो रही है। इसके अलावा, विशेष रूप से हॉस्पिटैलिटी, रिटेल और कारीगरी के क्षेत्र में नए व्यवसायों और इंडस्ट्री का उदय, रोजगार को बढ़ावा दे रहा है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सपोर्ट कर रहा है। जिससे यह भी सुनिश्चित हो रहा है कि शहर में होने वाले डेवलपमेंट या परिवर्तनों से यहां के निवासियों और शहर में बाहर से आने वालों दोनों को समान रूप से लाभ हो। आने वाली महा रामनवमी 2025 बीते 500 साल में सबसे बड़ी होने की उम्मीद है, जो लाखों भक्तों को आकर्षित करेगी और अयोध्या की वैश्विक आध्यात्मिक महत्‍व को और मजबूत करेगी।

अयोध्या अब भारतीय शहरों के भविष्य की एक झलक पेश करता है – जहां परंपरा और प्रगति साथ-साथ चलते हैं। जैसे-जैसे शहर सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और आर्थिक केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान को अपनाता है, यह इस बात का खाका पेश करता है कि कैसे रणनीतिक सोच, सहयोगात्मक प्रयास और सस्टेनेबल प्रैक्टिस एक शहरी परिदृश्य को फिर से परिभाषित कर सकते हैं। निवेशकों, डेवलपर्स और पॉलिसी मेकर्स के लिए, अयोध्या हमारे समय के सबसे परिवर्तनकारी शहरों में से एक का हिस्सा बनने का एक अनूठा अवसर पेश करता है।

खबरें और भी हैं...

अपना शहर चुनें

महाकुम्भ में बना एक और महारिकॉर्ड योगी सरकार ने महाकुंभ के दौरान सबसे बड़े सफाई अभियान का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। CM Yogi : ‘हैरिंग्टनगंज’ नहीं ‘विष्णु नगर’ नाम बोले इस प्यार को क्या नाम दूं… फारुक अब्दुल्ला ने किए माता वैष्णो देवी के दर्शन