वैज्ञानिकों ने आम की बाग में पहुंचकर किसानों को तकनीकी जानकारी दी

चित्र परिचय: आम के फल को दिखाकर किसानों को जानकारी देते वैज्ञानिक

नानपारा/बहराइच l आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र नानपारा के वैज्ञानिक डॉ बी पी शाही एवं डॉ सूर्य बली सिंह ने ग्राम-बरईपारा की बागों में पहुंचकर किसानों बागवानों को तकनीकी जानकारी दी गयी वैज्ञानिक डॉ बी पी शाही ने आम के बाग में मार्च में अप्रैल माह के दौरान आम के बागों में लगने वाले थ्रिप्स नामक कीट आम के पत्तियो एवं टिकोलो के लिए काफी नुकसानदायक है किसान भाई अगर समय से कीट का प्रबंधन नहीं किया तो या कीट आम के छोटे फलों एवं पत्तियों को तेजी से संक्रमित कर देगा तथा आम के फल पेड़ से टूट कर झड़ने लगेंगे।

इस कीट का प्रकोप मार्च एवं अप्रैल माह के दौरान शुरू होता है तथा जुलाई में नई पत्तियों के निकलने तक जारी रहता है। यह कीट खासकर आम की पत्ती, फूल एवं छोटे फलों पर काफी नुकसान पहुंचाता है आम के थ्रिप्स कीट आपके टिकोलो को खुरचकर संक्रमित कर देता है जिससे कि टिकोला पेड़ से झड़ने लगते हैं। इसके अलावा यह किट पत्तियों को संक्रमित कर पत्तियों से रस चूस लेता है।

थ्रिप्स कीट के लिए किसान भाई आम के बागों में यह कीट दिखाई दे तो स्पाइनोसैड 44.2ईसी दवाई का एक मिली लीटर मात्रा 5 लीटर पानी एवं उसमें 0.3 मिली लीटर प्रति लीटर पानी के अनुसार स्टीकर (गोद) का छिड़काव करें। इसके अलावा आम उत्पादन वाले किसान भाई ठीक 15 दिन बाद थायोमेथोक्साम दवाई 0.3ग्राम प्रति लीटर पानी में गोल बनाकर छिड़काव करें। इस कीट की उग्रता में काफी कमी आ जाएगी । इस समय आम के बाग में हल्की सिंचाई करना भी आवश्यक है।

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