दादासाहेब फाल्के अवार्ड के आयोजक अनिल मिश्रा और अभिषेक मिश्रा पर यौन शोषण का गंभीर आरोप…महिला ने दिया चौंकाने वाला बयान

एक चौंकाने वाले खुलासे में, प्रिया नामक एक महिला ने सामने आकर अपने दोस्त के साथ हुए यौन शोषण, वित्तीय शोषण, एमएमएस वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग, धोखे और मानसिक प्रताड़ना की कहानी साझा की है। उन्होंने बताया कि कैसे दादासाहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (DPIFF) के आयोजक अनिल सुरेंद्र मिश्रा और उनके बेटे अभिषेक अनिल मिश्रा ने उनकी दोस्त के साथ कई बार उसका शोषण किया, अश्लील हरकतें की, और फिर उसे अकेला छोड़ दिया।
प्रिया बताती हैं कि उनकी दोस्त, जो इस वक्त चार महीने की गर्भवती है, को दोनों बाप-बेटे ने झूठे वादों और भावनात्मक जाल में फंसा कर इस्तेमाल किया। “उन्होंने सिर्फ शारीरिक जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि अपने राजनीतिक और व्यावसायिक फायदे के लिए भी उसका इस्तेमाल किया,” प्रिया कहती हैं।

अभिषेक मिश्रा ने मेरी दोस्त को जान से मारने और उसका निजी वीडियो लीक करने की धमकी दी। कई बार, अभिषेक वीरा देसाई में उसके घर जाता था, झूठे वादे करते हुए, बड़े सेलिब्रिटीज के साथ अपनी तस्वीरें दिखाते हुए, भविष्य के बड़े बड़े सपनों का लालच देकर जबरन नशा करवाया और उसका शारीरिक शोषण किया। इस बीच, अनिल मिश्रा भी उससे कई जगह ले जाता था और उसका यौन शोषण भी किया। उन्होंने उसे आर्थिक रूप से भी लूटा। उन्होंने मेरी दोस्त को धोखा दिया यह कहकर कि वे उसे दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित करेंगे।

प्रिया के अनुसार, अभिषेक मिश्रा ने उनकी दोस्त से शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में उसने खुद कबूला कि वह किसी अमीर लड़की से शादी कर ₹500 करोड़ जुटाना चाहता है, और उसके ‘खर्चे भी चला देगा’। यह निर्मम और अपमानजनक धोखा उसे पूरी तरह तोड़ गया।

जब से उसे अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में पता चला है, वह लगातार अभिषेक मिश्रा से संपर्क करने की कोशिश कर रही है, लेकिन अभिषेक उसे अवॉयड कर रहा है। जब उसने इसी बारे में अनिल मिश्रा से संपर्क करने की कोशिश की, तो अनिल मिश्रा और उसके गुंडे उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।

यह पहली बार नहीं है जब मिश्रा परिवार पर उंगलियां उठी हैं। उनके खिलाफ एफआईआर (0192/2025) बांद्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है, जिसमें उन पर सरकारी अधिकारियों के रूप में खुद को प्रस्तुत करने, शाहरुख खान, आलिया भट्ट, शाहिद कपूर, करीना कपूर जैसे सितारों को गुमराह करने, और भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और गृहमंत्री अमित शाह जी जैसे नेताओं के नाम का दुरुपयोग करने का मामला है।

DPIFF स्कैम के जरिए उन्होंने फिल्मी हस्तियों को बुलाकर और नकली सरकारी समर्थन दर्शाकर झूठे आधार पर ब्रांडिंग और फंडिंग की मांग की थी। इस मामले में जांच चल रही है।
अब प्रिया दावे के साथ कहती है कि “मेरी दोस्त को दोनों बाप-बेटे ने यौन संबंधों में फंसाया, इस्तेमाल किया और फिर छोड़ दिया।”

भले ही पीड़िता अभी सामने नहीं आ रही है, लेकिन प्रिया ने प्रशासन से न्याय की मांग की है। उन्होंने गृह मंत्रालय की 16 मई 2019 की एडवाइजरी का हवाला देते हुए कहा कि अगर कोई महिला अपराध की रिपोर्ट दर्ज करवाना चाहती है और पुलिस इंकार करती है, तो यह भारतीय दंड संहिता की धारा 166A के तहत दंडनीय अपराध है।

“वह एक भारतीय नागरिक है। वह वीरा देसाई रोड, मुंबई में रहती है। अगर कानून ऐसे प्रभावशाली लोगों के खिलाफ खड़े नहीं हो सकता, तो फिर आम महिला कहां जाएगी?” प्रिया ने सवाल उठाया।

प्रिया अंत में भावुक होकर ये कहती है कि “मेरी दोस्त पूरी तरह टूट चुकी है, डिप्रेस्ड है, सुसाइडल हो चुकी है और ऊपर से प्रेग्नेंट भी है। वो बेसहारा हो चुकी है। अभिषेक और अनिल मिश्रा को जवाबदेह ठहराना होगा। चाहे वो कितने भी ताकतवर क्यों न हों, सच को दबाया नहीं जा सकता।”

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