मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड:  RJD ने नीतीश से मांगा इस्तीफ, लेफ्ट पार्टियों का बिहार बंद

 मुजफ्फरपुर का बालिका गृह मामला बिहार विधानसभा और लोकसभा होते हुए अब राजभवन भी पहुंच गया है. राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने इसे गंभीरता से लिया और केंद्रीय कानून मंत्री समेत पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को इस संबंध में चिट्ठी लिखी. इसे लेकर विपक्ष एक बार फिर नीतीश सरकार पर हमलावर हो गया है. राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने सीएम नीतीश कुमार पर बड़ा हमला किया है.

राजद के वरीय नेता शिवानंद तिवारी ने लाइव सिटीज से बातचीत में कहा कि हमारी याद में बिहार में इसके पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि विधि-व्यवस्था और आपराधिक कांड को लेकर किसी राज्यपाल ने ऐसी चिट्ठी लिखी हो. उन्होंने कहा कि देश में भी इस तरह का पहला वाकया हो.

उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह की घटना के बाद राज्यपाल सत्यपाल मलिक को नीतीश सरकार पर भरोसा नहीं रहा. उन्हें सरकार के प्रति अविश्वास हो गया है. यही कारण है कि राज्यपाल को इस तरह की चिट्ठी लिखनी पड़ी है. उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल की चिट्ठी के बाद तो सीएम नीतीश कुमार को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. वे राज्यपाल का भरोसा खो चुके हैं.

शिवानंद तिवारी ने कहा कि मुजफ्फरपुर मामले को लेकर पूरा देश शर्मसार है. 34 बच्चियों के साथ रेप की घटना ने नीतीश सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया. मामला पटना हाईकोर्ट पहुंचा तो तब आनन फानन में नीतीश कुमार ने मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा की. जबकि, गृहमंत्री राजनाथ सिंह पहले से ही इसकी सीबीआई जांच करने को तैयार थे. गृहमंत्री ने लोकसभा में उन्होंने राजद व कांग्रेस की मांग को गंभीरता से लिया था. उन्होंने कहा कि अब बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक भी गंभीर हैं.

गौरतलब है कि मुजफ्फपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और केंद्रीय कानून मंत्री को पत्र भेजकर घटना पर चिंता जताई है. इतना ही नहीं, मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को भी पत्र लिखकर कई सुझाव दिए हैं. हालांकि राज्यपाल ने सीबीआई जांच की सराहना की है. राज्यपाल ने बालक-बालिका और महिलाओं के उत्पीड़न के मामलों के निबटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का सुझाव दिया है. कहा है कि बालक-बालिका गृह और नारी अल्पावास की लगातार मॉनिटरिंग भी हो.

 

 

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