सीतापुर : भगवान हनुमान जी का चौथा बड़ा मंगल पर्व बड़े ही श्रद्धा भाव से मनाया गया

नैमिषारण्य-सीतापुर। तीर्थनगरी में आज श्री राम के अनन्य भक्त हनुमान जी की पूजा आराधना को समर्पित चैथे बड़े मंगल का पावन पर्व बड़े ही श्रद्धा भाव से मनाया गया। आज सुबह से ही श्री रामभक्त हनुमान जी का वैदिक सश्वर पाठ के मध्य सनातन रीति से पूजा अर्चना का दौर शुरू हो गया था। तीर्थ में सुबह 5 बजे ही श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू हो गया था।

आज सुबह तीर्थ के प्रसिद्ध हनुमान गढ़ी मन्दिर में महन्त बजरंगदास के सानिध्य में दक्षिणेश्वर हनुमान को परम्परा अनुसार वैदिक रीती से बन्दन घी आदि हनुमत प्रिय सामग्रियों के साथ पारम्परिक चोला सेवा अर्पित की गई साथ ही फूलों व आकर्षक झांकियों से विशेष श्रंगार किया गया

इस मौके पर हनुमान गढ़ी महंत ने सभी भक्तों से प्रभु का सुमिरन , पूजा पाठ करने आवाहन किया। इस अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से महाआरती का सजीव प्रसारण भी आकर्षण का केंद्र रहा , इसी क्रम में आज कालीपीठ स्थित वरदानी हनुमान जी व अयोध्या हनुमान मन्दिर में भी पुजारियों द्वारा रामभक्त हनुमान जी को चोला सेवा कर पूजा अर्चना की गई।

आज तीर्थ के हनुमान मन्दिरों में सुबह शाम आरती के समय राम नाम के जयकारों का दौर चलता रहा , इस अवसर तीर्थ वासियों व श्रद्धालुओं ने हनुमान जी को अर्पित अखण्ड रामायण , बजरंग बाण , श्री सुंदर कांड पाठ , हनुमान चालीसा आदि स्तुतियों का पाठ किया , इस अवसर पर तीर्थ में हनुमान गढ़ी , पंचायती धर्मशाला मोड़ , तीर्थ पुरोहित चैक , ठाकुरनगर तिराहा समेत नगर में कई स्थानों पर प्रसाद व शर्बत वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया ।

प्रदेश में हनुमान जी की तीन है प्रमुख प्रतिमाएं

मान्यता है कि उत्तर प्रदेश में हनुमान जी की तीन प्रमुख प्रतिमाएं हैं जिनमें नैमिषारण्य तीर्थ में राम भक्त हनुमान के दक्षिण की तरफ खड़े हुए मुद्रा में दक्षिण मुखी स्वरूप का दर्शन है , इनके पैरों के नीचे अहिरावण पड़ा हुआ है वहीं दाएं कंधे पर श्रीराम और बाएं कंधे पर लक्ष्मण जी विराजमान है , वही अयोध्या में हनुमान जी की बैठी हुई मुद्रा में दर्शन है इसी कड़ी में प्रयागराज में संगम तट पर श्रीराम भक्त हनुमान जी के लेटी हुई विश्राम अवस्था में दर्शन है।

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