टीबी की जांच के लिए अत्याधुनिक कल्चर डीएसटी लैब तैयार

लैब में टीबी मरीजों का होगा निशुल्क गोल्ड स्टैंडर्ड टेस्ट

भास्कर समाचार सेवा
इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान चिकित्सा विश्वविद्यालय सैंफई में कल्चर डीएसटी लैब पूरी तरह तैयार होकर क्षय रोगियों के परीक्षण के लिए काम करने लगी है। इस लैब में क्षय रोगियों के परीक्षण की रिपोर्ट लगभग 12 से 15 दिन में मिल जाया करेगी और उसके बाद क्षय रोगियों का इलाज जल्द से जल्द शुरू हो सकेगा। यह जानकारी उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसपी सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि इस लैब में अत्याधुनिक जांच मशीनें लगाई जा चुकी है जिसकी लागत लगभग एक करोड़ रुपए तक है। लगभग 1 माह से यह लैब कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि कल्चर डीएसटी लैब के द्वारा गंभीर टीबी मरीजों के इलाज में आसानी होगा व इस तरह की जांच कराने के लिए सैंपल को लखनऊ या आगरा भेजा जाता था अब यह सुविधा जनपद में होने से टीबी के इलाज में बहुत सहूलियत मिलेगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ भगवान दास ने कहा कि हर्ष की बात है इस तरह की लैब अब हमारे जनपद में है जिससे टीबी के रोगियों का जल्द से जल्द बेहतर इलाज संभव हो सकेगा।
सैफई मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर व कल्चर डीएसटी लैब प्रभारी डॉ अमित सिंह ने बताया कि इस लैब में टीबी संक्रमित मरीजों के बलगम से जीवित बैक्टीरिया निकाले जाएंगे फिर उन बैक्टीरिया को लैब में ग्रो किया जाएगा। उसके बाद उन बैक्टीरिया पर दवाइयों की सेंसटिविटी देखी जाएगी अगर दवा से बैक्टीरिया मर जाएगा तो उस दवाई को कारगर मानते हुए टीबी मरीजों का इलाज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसीलिए इस लैब से जो परीक्षण किया जाता है वह गोल्ड स्टैंडर्ड टेस्ट कहा जाता है और अब तक 11 क्षय रोगियों का परीक्षण किया जा चुका है। यह जांच टीबी के रोगियों के इलाज के लिए बहुत सहायक सिद्ध होती है।

एक्सडीआर टीबी के इलाज में कारगर

डॉ सिंह ने बताया टीबी संक्रमित गंभीर व जटिल मरीज इन पर टीबी के इलाज से जुड़ी अधिकतर दवाइयां बेअसर साबित होती हैं। उन मरीजों को एक्सडीआर यानी इक्स्टेन्सिव्ली ड्रग रेजिस्टेंस टीबी कहा जाता है इन मरीजों की जांच में कल्चर डीएसटी लैब बहुत ही कारगर सिद्ध होगी जिससे इन मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकेगा।
टीबी की गोल्ड स्टैंडर्ड जांच होगी बिल्कुल निशुल्क
डॉ अमित सिंह ने बताया कि टीबी एक गंभीर मरीजों के इलाज के लिए यह जांच बिल्कुल निशुल्क कराई जाएगी इसलिए में जनपद के सभी डॉक्टरों से अपील करता हूं वह एमडीआर,एक्सडीआर टीबी रोगियों को कल्चरल टेस्ट अवश्य करवाएं जिससे इन रोगियों का सही प्रारूप में इलाज मिले और वह जल्द से जल्द टीबी से मुक्त हों। उन्होंने कहा कि अब टीबी का इलाज संभव है इसीलिए रोगी घबराए नहीं समय अनुसार दवा लेते रहें स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं जिससे वह अवश्य टीबी मुक्त होंगे।

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