दिल्ली के अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गई सुचिता, आरोपियों ने किया था आग के हवाले

मेरठ,। तमाम प्रयास, दुआएं और दवाएं आखिरकार ‘बेकार’ साबित हुए। सरधना में छेड़छाड़ का विरोध करने पर शोहदों द्वारा जलाई गई छात्रा सुचिता के दर्द बर्दाश्त करने की सीमा मंगलवार को टूट गई और उसने मंगलवार सुबह दिल्ली के अस्पताल में दम तोड़ दिया। छात्रा की मौत की जानकारी मिलते ही कस्बे में मातम पसर गया।

गौरतलब है कि 17 अगस्त को सरधना में छेड़छाड़ का विरोध करने पर शोहदों ने कक्षा दस की छात्रा सुचिता राजपूत पर कैरोसिन उड़ेल कर उसे जिंदा जला दिया था। गंभीर रूप से झुलसी छात्रा दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी। वहीं, घटना के कड़े विरोध और हंगामों के बीच पुलिस ने छह में से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन पुलिस अभी अमन नाम के छठे आरोपी का सुराग नहीं लगा सकी है।
मंगलवार की सुबह दर्द से तड़पती सुचिता ‘काल’ से हार गई और सात बजे उसकी मौत हो गई। छात्रा की मौत की खबर मिलते ही कस्बे में तनावपूर्व शांति और मातम पसर गया।

छात्रा का शव सरधना पहुंचने के बाद किसी हंगामे की आशंका के चलते पुलिस ने कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया है। बताया जाता है कि पोस्टमार्टम के बाद छात्रा का शव दोपहर तक सरधना पहुंचने की उम्मीद है। उधर, चर्चा यह भी है कि प्रशासन छात्रा के परिजनों की सहमति लेकर शव का अंतिम संस्कार जिले से बाहर भी करवा सकता है।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha