ईद की तैयारियों को दरकिनार कर प्रवासी मजदूरों को फल बिस्कुट व पानी की बोतले बाँट रहे सैय्यद सैफ

चित्रपरिचयः कैसरगंज मे बस से अपने घर जाने वाले प्रवासियो को फल बिस्कुट व पानी की बोतले बाॅटते सैय्यद सैफ व उनके सहयोगी

क़ुतुब अन्सारी

बहराइच l कोरोना महामारी के चलते पूरे देश मे चल रहे लाॅकडाउन  की वजह से प्रवासी मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है तथा वे भूखे प्यासे पैदल व गाड़ियों से अपने घर पहुँच रहे है। सरकार भी प्रवासी मजदूरों, व कामगारो, को  बसों से उनके  घर भेजने का प्रबंध कर रही है। इन भूखे प्यासे मजदूरों को कैसरगंज के युवा सामाजिक कार्यकर्ता सैय्यद सैफ, अपनी टीम के सदस्यो अलीम मुखतार, आजम, एजाज, साहिल, जीशान, दिलशाद, फुरकान, कैश बकर, कामरान, सावेज, अरशद, शारिफ, आमिर, नसीम अहमद, वसीम  आदि के सहयोग से बसों, ट्रकों व अन्य साधनों से अपने घर को लौट रहे प्रवासियो, को बिस्कुट, फल, व पानी की बोतले बाँट रहे है। इस काम को करते समय सैय्यद सैफ शारीरिक दूरी,का भी ध्यान रख रहे है। मास्क लगाकर युवाओं की यह टीम लगभग दस दिनों से कैसरगंज कस्बे मे नही मस्जिद के निकट गाड़ियों से घर जाने वाले प्रवासियो को बिस्कुट फल के साथ  मास्क भी वितरित कर रहे है सैय्यद सैफ ने बताया कि ईद मनाने से ज्यादा जरूरी है।*जरूरतमंदो की मदद करना और मैं यह काम करता रहूँगा।उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए हम सभी को बढ चढ़ कर मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना हारेगा। भारत जीतेगा।

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