टाका हेल्थकेयर भारत में एक किफायती सेकेंडरी सर्जिकल केयर इकोसिस्टम के निर्माण के लिए प्रतिबध्द

कोविड महामारी से ठीक पहले के वर्ष में भारत में की गई अनुमानित दो करोड़ सर्जरी में से 40% सर्जरी शार्ट-स्टे अथवा इलेक्टिव सर्जरी थी। एक हाई डिसीज बर्डन वाले देश के रूप में भारत में वैकल्पिक सर्जरी में वृद्धि देखने की संभावना है, लेकिन किसी तरह वे कभी भी प्राथमिकता नहीं रहीं। वास्तव में कोविड के कारण सभी वैकल्पिक या इलेक्टिव सर्जरी को रद्द करने की वजह से पहले से ही स्थगित सर्जिकल प्रक्रियाओं का एक बड़ा बोझ देश के स्वास्थ्य ढांचे पर पड़ा जिसने लम्बे समय से उपेक्षित इस मुद्दे की तरफ लोगो का ध्यान आकर्षित किया। साथ ही यह जान लेना भी आवश्यक है कि किसी भी कारण से वैकल्पिक या सामान्य सर्जरी तक पहुंच की कमी से रोगियों को बहुत परेशानी हो सकती है और कुछ मामलों में रोगी के जीवन को खतरे में डालने वाली आपात स्थिति पैदा हो सकती है। शार्ट स्टे अथवा इलेक्टिव सर्जरी को अनदेखा किये जाने और सर्जरी को आम जनता के लिए किफायती बनाये जाने जैसे मुद्दों पर हमने टाका हेल्थकेयर कंपनी के संस्थापक और दक्षिण-पूर्वी एशिया, यूएई एवं मध्य पूर्व में लागत प्रभावी चिकित्सा समाधानों के लिए मशहूर बिधान चौधरी से एक खास बातचीत की। पेश हैं उनसे की गयी बातचीत के दौरान किये गये हमारे सवाल और उनके द्वारा दिए गए जबावों के अंश

सवाल:- शार्ट स्टे अथवा इलेक्टिव सर्जरी क्या है और क्यों भारतीय इसे नजरअंदाज कर रहे हैं?

जबाव:- इलेक्टिव सर्जरी सामान्य सर्जरी हैं जिन्हें ज्यादातर मामलों में रोगी की सुविधा के अनुसार निर्धारित किया जा सकता है। वे आम तौर पर जीवन के लिए खतरा नहीं होते हैं, लेकिन अगर इन्हे समय पर नहीं कराया जाये तो वे जटिलताएं पैदा कर सकती हैं। एक उदाहरण के लिए गॉल ब्लाडर पथरी की सर्जरी है, जहां रोगियों को बार-बार दर्द का सामना करना पड़ता है, संक्रमण की संभावना होती है, और संभावित आपात स्थिति भी होती है। इनमें से कुछ सर्जरी जीवन की बेहतर गुणवत्ता की ओर ले जाती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे हमेशा वैकल्पिक होती हैं।
जब सर्जिकल देखभाल आसानी से उपलब्ध नहीं होती है, तो इलाज योग्य स्थितियां भी उच्च मृत्यु दर वाली बीमारियां बन जाती हैं। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार, जीवन बचाने और विकलांगता को रोकने के लिए विश्व स्तर पर हर साल 14.3 करोड़ अतिरिक्त सर्जिकल प्रक्रियाओं की आवश्यकता होती है। इसके लिए देखभाल के सभी स्तरों पर सर्जिकल सेवाओं के एकीकरण और स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में बड़े पैमाने पर निवेश की आवश्यकता होगी।
भारत में रोगियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती इलेक्टिव सर्जरी की उच्च लागत है, जो आबादी के एक बहुत बड़े हिस्से से काफी दूर है। इसके साथी ही सुलभता और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल की कमी के चलते रोगियों को सेकेंडरी केयर सर्जरी विशेष रूप से प्रोक्टोलॉजी, यूरोलॉजी, लैप्रोस्कोपी, नेत्र विज्ञान और दंत चिकित्सा से संबंधित सर्जरी को अनदेखा करने के लिए मजबूर होना पड़ता है ।

सवाल:- भारत में सेकेंडरी हेल्थ केयर को टरशियरी हेल्थकेयर से अलग करने की आवश्यकता क्यों है? सर्जरी को किफायती बनाने के लिए सरकार क्या कर सकती है?

जबाव:- विगत कुछ वर्षों में भारत ने टरशियरी हेल्थकेयर का एक मजबूत ढांचा स्थापित किया है । आज एम्स जैसे टरशियरी हेल्थकेयर संस्थानों ने दुनिया भर में चिकित्सा के नए मापदंड स्थापित किये हैं । आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एक उत्कृष्ट पहल है जो समाज में समानता को बढ़ाती है और स्थिरता को बढ़ावा देने के साथ ही लाखों लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाती है। लेकिन यह बदलते स्वाथ्य वातावरण की मांग है कि सर्जरी को भी किफायती बनाने पर जोर दिया जाये । इसे प्राप्त करने का एक तरीका यह सुनिश्चित करना है कि स्टैंडअलोन सेकेंडरी केयर सेंटर, टरशियरी हेल्थकेयर सेंटर के अतिरिक्त भार को कम करें । बढ़ी हुई लागत स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए भी एक बड़ी चुनौती है, लेकिन स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे जैसे कि ऑपरेशन थिएटर और सर्जन सहित स्वास्थ्य कर्मियों का समुचित उपयोग सर्जरी को और अधिक किफायती बनाने में मदद कर सकता है। अन्यथा भी, भारत जैसे संसाधन-विवश देश के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य संसाधनों का पूर्ण उपयोग आवश्यक है।
भारत जैसा विशाल और बड़ी आबादी वाला देश ऐसी स्थिति को बर्दाश्त नहीं कर सकता। वर्तमान में न केवल इलेक्टिव सर्जरी को किफायती बनाने (कीमतों को नियंत्रित करके) की आवश्यकता है बल्कि वैकल्पिक सर्जरी को सभी के लिए आसानी से सुलभ (स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करके) बनाने पर भी जोर दिया जान चाहिए। इस प्रकार भारत काफी हद तक उच्च बीमारी के बोझ को कम कर सकता है। यह एक चुनौती है, और बड़ी भी है, लेकिन उदहारण के तौर पर मध्य प्रदेश जैसे कुछ राज्यों ने पहले ही इस चुनौती को स्वीकार कर लिया है। मध्य प्रदेश ने अपने स्वास्थ्य देखभाल बजट में भारी वृद्धि की है और स्वास्थ्य सेवा वितरण सेवाओं में सुधार के लिए अन्य पहल की है। वैकल्पिक सर्जरी सहित स्वास्थ्य सेवाओं को किफायती और सुलभ बनाने के लिए अन्य राज्यों और राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रकार के सराहनीय प्रयासों की आवश्यकता है।

सवाल:- टाका हेल्थकेयर की स्थापना के पीछे आपका क्या उद्देश्य था ?

जबाव:- दक्षिण पूर्व एशिया में किफ़ायती हेल्थकेयर समाधानों पर काम करने के मेरे अनुभव ने मुझे यह सोचने पर विवश किया कि भारत जैसा विशाल और एक बड़ी आबादी वाला देश उच्च लागत पर सर्जिकल केयर को जान मानस तक नहीं पहुंचा सकता है। भारत के हेल्थकेयर इकोसिस्टम में ही आम लोगों के लिए इन सर्जिकल लागतों को कम करने की क्षमता है, लेकिन ऐसा करने के लिए सही इरादे एवं द्रढ़ इच्छाशक्ति का अभाव है।
जनता को विशेष देखभाल प्रदान करने में गुणवत्तापूर्ण हैल्थकेयर की लागत अभी भी सबसे महत्वपूर्ण कारक है। निजी स्वास्थ्य सेवा अधिकांश लोगों की पहुंच से बाहर है। छोटे शहरों में छोटे अस्पतालों और नर्सिंग होम से बनी तथाकथित सस्ती स्वास्थ्य प्रणाली असंगठित, और खराब गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रही है। इसने ‘विश्वास का संकट’ पैदा कर दिया है, जिससे एथिकल हैल्थकेयर ब्रांडों की एक नयी पीढ़ी की आवश्यकता को और प्रबल बना दिया है ।
लैंसेट कमीशन ऑन ग्लोबल सर्जरी के अनुसार, भारत में स्पेशलिस्ट सर्जिकल वर्कफोर्स प्रति 100,000 जनसंख्या पर 7 है। नीति आयोग की एक रिपोर्ट दर्शाती है कि देश के मुट्ठी भर बड़े शहरों में 60% तक स्वास्थ्य सुविधाएं केंद्रित हैं, जिसका अर्थ है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच केवल टियर -1 शहरों तक सीमित है। वर्तमान में, भारत में केवल 30% -35% रोगियों की सर्जरी होती है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 60% -65% तक है और तुलनात्मक रूप से इलेक्टिव सर्जरी की संख्या तो बेहद कम है।
हमने महसूस किया कि भारत में संपूर्ण इलेक्टिव सर्जिकल केयर स्टार्टअप इकोसिस्टम महज हेल्थकेयर एग्रीगेटर के रूप में कार्य कर रहा है । आज के इस दौर में एक सशक्त हेल्थ टेक कंपनी की आवश्यकता है, जो सर्जिकल प्रक्रियाओं में किफ़ायत, विश्वास और सुरक्षा जैसी समस्याओं का समाधान कर स्वास्थ्य सेवा वितरण मॉडल में रियल टाइम इनोवेशन ला सके। हमारे इनोवेशन आधारित हेल्थकेयर मॉडल में भारत तथा अन्य विकासशील देशों में स्वास्थ्य सेवा में क्रांति लाने की क्षमता है। टाका हेल्थकेयर एक स्टैंडअलोन सेकेंडरी केयर इकोसिस्टम के निर्माण में सरकार का समर्थन करने और सबसे किफायती और व्यक्तिगत पेशेंट केयर मॉडल के साथ सेकेंडरी केयर और सामान्य सर्जरी को जन सामान्य के लिए आसानी से उपलब्ध कराने के मिशन पर है।

सबाल:- स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कंपनी के लिए प्रमुख अवसर क्या हैं?

जबाव:- भारत का हेल्थकेयर बाजार 150 अरब डॉलर का है और 2016 से 22% की सीएजीआर से बढ़ रहा है । 2022 के अंत तक इसके 372 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। इस क्षेत्र में हर साल 500,000 नौकरियां पैदा करने की अपार संभावनाएं हैं। वर्तमान में भारत में सालाना लगभग 20 मिलियन सर्जरी की जा रही हैं, इनमें से 80% सेकेंडरी केयर में हैं। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि अगले 10 वर्षों में लगभग 73 मिलियन परिवार मध्यम आय वर्ग में चले जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य देखभाल खर्च सहित उनकी क्रय शक्ति में वृद्धि होगी।
हम भारत के सर्वाधिक मध्यम और निम्न-आय वाले परिवारों के लिए सस्ती एवं उच्च गुणवत्ता वाली मल्टी स्पेशियलिटी सर्जिकल केयर के लिए एक भरोसेमंद एवं पसंदीदा स्वास्थ्य सेवा प्रदाता बनने का इरादा रखते हैं।

सबाल:- भारत कैसे इलेक्टिव या जनरल सर्जरी को आम जनता के लिए सुलभ और किफायती बना सकता है?

जबाव:- जनता के लिए शार्ट स्टे या इलेक्टिव सर्जरी को सुलभ बनाने के लिए देश को एक बहु-आयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता है। सबसे पहले, सर्जरी को लोगों के आस-पास उपलब्ध कराया जाना चाहिए। बहुत से लोग, विशेष रूप से छोटे शहरों में, अपने डॉक्टर द्वारा निर्धारित किए जाने के बाद भी सर्जरी से बचते रहते हैं क्योंकि इसके लिए उन्हें इलाज का लाभ उठाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे उनकी जेब पर बोझ बढ़ जाता है और पोस्ट सर्जरी केयर के लिए डाक्टरों से परामर्श एवं उचित सलाह की सम्पूर्ण प्रक्रिया को भी यह बेहद थकाऊ और दुष्कर बना देता है ।
दूसरा, जिनके पास सर्जरी की सुविधा का विकल्प है, वे अक्सर लागत को अत्यधिक पाते हैं। देश के शहरी क्षेत्रों में लोगों को लगता है कि सभी प्रकार की सर्जरी के लिए उन्हें टरशियरी हेल्थकेयर सेंटर अथवा बड़े अस्पतालों की आवश्यकता होती है। यह एक गलत धारणा है। टरशियरी हेल्थकेयर केंद्रों में केवल गंभीर देखभाल की आवश्यकता वाले लोगों का इलाज किया जाना चाहिए। ये केंद्र गंभीर बीमारियों के निदान और उपचार के लिए आवश्यक उच्च तकनीकी उपकरणों से लैस हैं। यह केंद्र गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए बेहद आवश्यक हैं । वे उन लोगों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ डाल सकते हैं जिनका सेकेंडरी हेल्थ केयर केंद्रों में सुरक्षित रूप से इलाज किया जा सकता है।
चिकित्सा सम्बन्धी आवश्यकताओं के आधार पर मरीजों को अलग करना हेल्थकेयर की लागत को कम करने का एक प्रभावी तरीका है। आपके दिन-प्रतिदिन के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों जैसे सर्दी और खांसी, दर्द और बुखार, आदि का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में किया जाना चाहिए – सामान्य चिकित्सकों (जीपी) द्वारा पड़ोस के क्लीनिक इस उद्देश्य की पूर्ति कर सकते हैं। यदि आवश्यकता हो तो यह जीपी आपको सेकेंडरी अथवा टरशियरी हेल्थकेयर स्तर के देखभाल केंद्रों में भेज देगा। टरशियरी देखभाल केंद्रों को अतिरिक्त बोझ से बचाने, सुपर स्पेशलिस्ट्स पर दबाव कम करने और रोगियों के लिए लागत में कमी लाने के लिए मरीजों का इस प्रकार पृथकीकरण करना आवश्यक है।
आपूर्ति और मांग के सिद्धांत बताते हैं कि यदि इलेक्टिव सर्जरी के लिए कई विकल्प आसानी से उपलब्ध हैं, तो लागत में कमी आने की संभावना है और अधिक लोगों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित की जा सकती है । लेकिन अगर इलेक्टिव सर्जरी केवल प्रथम श्रेणी के शहरों में या केवल महंगे अस्पतालों में उपलब्ध है, तो जरूरतमंद मरीजों को इन चिकित्सा सेवाओं से वंचित रहना होगा। इसके बजाय, डिसेंट्रलाइजेशन के माध्यम से लागत को कम कर, स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत हितधारकों के लिए कमाई के नए आयाम खलने के साथ ही देश के बिमारियों के बोझ को भी कम किया जा सकता है।
नवीनतम तकनीक, बेहद प्रभावशाली बिज़नेस मॉडल और चिकित्सा क्षेत्र के अनुभवी दिग्गजों की एक सशक्त टीम की सहायता से टाका हेल्थकेयर भारत में एक किफायती सेकेंडरी सर्जिकल केयर इकोसिस्टम के निर्माण के लिए प्रतिबध्द है ।

सवाल:- मरीजों की सम्पूर्ण इलाज प्रक्रिया और अनुभव को टाका हेल्थकेयर कैसे सरल एवं सुगम बनाता है ?

जबाव:- उन क्षेत्रों की पहचान कर जहां पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणाली रोगियों को किफायती और त्रुटिहीन सर्जिकल केयर प्रदान करने में विफल रहती है जैसे कि लंबी प्रतीक्षा, अस्पताल में भर्ती की अवधि में वृद्धि, सही जानकारी तक पहुंच, मरीजों एवं परिवारजनों के अस्पताल में कड़े अनुभव, लम्बे चौड़े बिल आदि, टाका हेल्थकेयर का लक्ष्य अपने मरीजों को सबसे सस्ती सर्जिकल केयर, फ़ास्ट रिकवरी और 100% संतुष्टि देना है।
टाका हेल्थकेयर मरीजों को उनके घर के पास गुणवत्तापूर्ण सर्जिकल देखभाल उपलब्ध कराता है । नवीनतम तकनीक और आधुनिक सर्जिकल प्रक्रियाओं का उपयोग करके हम उनकी अस्पताल में रहने की अवधि को बेहद कम कर रहे हैं । कंपनी देश के सबसे अनुभवी एवं जाने-माने सर्जनों के साथ जुड़कर मरीजों के बेहतर सर्जिकल परिणाम और तेजी से रिकवरी का लक्ष्य साझा करती है । चिकित्सकीय परामर्श से लेकर सर्जरी तक, सर्जरी के बाद के उपचार तथा जब तक मरीज पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाते तब तक हमारे मरीजों को हम हर कदम पर गुणवत्तापूर्ण देखभाल एवं सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि हमारे सहयोगी अस्पताल अपने परिसर में मरीजों की सुरक्षा के विश्वस्तरीय मानकों का कड़ाई से अनुपालन करें।

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