सीमा पर तनाव : सिक्किम में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प, ‘लंबे समय बाद पैदा हुए ऐसे हालात’

नॉर्थ सिक्किम के नाकु ला सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प की घटना सामने आई। इस झड़प में दोनों तरफ के जवान घायल हुए। सेना के सूत्रों का कहना है कि दोनों देशों के सैनिकों का इस दौरान काफी आक्रामक रवैया देखने को मिला। हालांकि, बाद में बातचीत के बाद मामले को सुलझा लिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना मुगुथांग के आगे नाकु ला सेक्टर में शनिवार को हुई। यह इलाका 5 हजार मीटर की ऊंचाई पर है। एक अफसर ने बताया कि 4 भारतीय और 7 चीनी सैनिकों को चोट लगी। इस झड़प में दोनों देशों के करीब 150 सैनिक शामिल थे। उधर, आर्मी का कहना है, ‘‘सीमा विवाद को लेकर भारतीय और चीन के सैनिकों के बीच अस्थाई और छिटपुट झड़पें अभी भी होती रहती हैं। हालांकि, इस बार झड़प काफी लंबे समय बाद हुई है। दोनों सेनाएं इस मुद्दे को प्रोटोकॉल के तहत सुलझा लेती हैं।’’

2017 में भारत-चीन के बीच तनाव बढ़ा 

डोकलाम में भारत और चीन के बीच तनाव 72 दिन चला था। 16 जून 2017 को दोनों सेनाएं आमने-सामने आ गई थीं। दोनों सरकारों की कोशिशों के बाद यह 28 अगस्त 2017 को खत्म हुआ। तनाव की शुरुआत डोका ला जनरल इलाके में चीन और भारत की फौजों में हाथापाई से हुई थी। भारतीय सेना ने वहां चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। चीन का दावा था कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा था।

इस एरिया का भारत में नाम डोका ला है, जबकि भूटान में इसे डोकलाम कहा जाता है। चीन दावा करता है कि ये उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है। भारत-चीन का जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक 3488 km लंबा बॉर्डर है। इसका 220 km हिस्सा सिक्किम में आता है।

अगस्त 2017 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच लद्दाख में पैनगॉन्ग झील के पास झड़प हुई थी। दोनों देशों के जवानों ने एक दूसरे पर पत्थरों से हमला किया था।

साल 2017 में बनी थी भीषण तनाव की स्थिति
इससे पहले साल 2017 में दोनों देशों के बीच सिक्किम क्षेत्र में भीषण तनाव देखने को मिला था। तब यह इतना बढ़ा था कि भारत के शीर्ष सैन्य अफसरों ने कई दिनों तक इलाके में कैंपिंग की। इन अधिकारियों में 17वीं डिविजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग भी शामिल थे। दोनों देशों के सैनिकों के बीच धक्कामुक्की की घटना के बाद विदेश मंत्रालय और दिल्ली स्थित सैन्य मुख्यालय तक हलचल रही।

सिक्किम में विवाद की यह है बड़ी वजह

दरअसल चीनी सेना इस इलाके में सड़क निर्माण करने की कोशिश कर रही है। चीन पहले ही सामरिक लिहाज से बेहद अहम माने जाने वाले चुंबी घाटी इलाके में सड़क बना चुका है, जिसे वह और विस्तार देने की कोशिश कर रहा है। यह सड़क भारत के सिलिगुड़ी कॉरिडोर या कथित ‘चिकन नेक’ इलाके से महज पांच किमी दूर है। यह सिलिगुड़ी कॉरिडोर ही भारत को नॉर्थ ईस्ट के राज्यों से जोड़ता है। इसी कारण से भारतीय सैनिकों और चीनी सेना के बीच अक्सर टकराव होता रहता है। साल 2017 में भी टकराव की यही वजह थी जब पीएलए के जवानों को विवादित इलाके में निर्माण कार्य करने से भारतीय सेना ने रोक दिया था।

भारत का चीन के साथ रहा है पुराना सीमा विवाद

भारत का चीन के साथ सीमा विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। अक्सर चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश करते हैं। हालांकि भारतीय सैनिकों की सतर्कता की वजह से वे इसमें कामयाब नहीं हो पाते और इस वजह से सीमा पर ही दोनों में टकराव की स्थिति पैदा हो जाती है। भारत और चीन के बीच चार हजार किलोमीटर से अधिक लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) तीन सेक्टरों पूर्वी, मध्य और पश्चिमी सेक्टर में बंटी है। पूर्वी सेक्टर में अरुणाचल प्रदेश का इलाका पड़ता है जिसके 90 हजार वर्ग किलोमीटर इलाके पर चीन अपना कब्जा बताता है। मध्य सेक्टर में उत्तराखंड, हिमाचल और सिक्किम हैं। इस इलाके में भी उत्तराखंड के बाराहुती क्षेत्र पर चीन दावा बताता है। पश्चिमी सेक्टर में लद्दाख और अक्साई चिन का इलाका है।

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