आज भी कोई गांधी पैदा हुआ तो उतार दूँगी मौत के घाट….

उत्तर प्रदेश के मेरठ में गठित पहली ‘हिंदू कोर्ट’ की पहली जज डॉ. पूजा शकुन पाण्डेय के विवादित बयान से पूरे देश में हाहाकार मच गया है। पजा ने कहा कि ‘मैं गर्व से कहती हूं कि यदि नाथूराम गोडसे से पहले मैं पैदा होती तो मैं ही गांधी को मार देती। पूजा शकुन पाण्डेय ने राष्ट्रपति महात्मा गांधी की राह पर चलने वालों को बड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने महात्मा गांधी पर बंटवारे का आरोप लगाया है। और कहा है की आज भी कोई गांधी पैदा हुआ तो उसकी कर हत्या दूंगी।

दरअसल अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव, महंत व हिंदू न्यायपीठ की न्यायधीश डॉ. पूजा शकुन पाण्डेय ने महात्मा गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने देश का बंटवारा कराया था। यदि नाथूराम गोडसे से पहले मैं जन्म लेती तो मैं ही महात्मा गांधी की हत्या कर देती। उन्होंने कहा कि आज भी यदि कोई गांधी जैसा काम करेगा तो मैं उसकी हत्या करने से पीछे नहीं रहूंगी। यह भी सुन लीजिए, अगर आज भी कोई गांधी पैदा होगा जो देश बांटने की बात करेगा तो नाथू राम गोडसे भी इसी पुण्य भूमि पर पैदा होगा।उन्होंने कहा मुझे गर्व है कि मैं और मेरा संगठन अखिल भारत हिंदू महासभा नाथू राम गोडसे की पूजा करता है’। उन्होंने कहा कि ऐसा कहकर मैंने कोई विवादित बयान नहीं दिया है।

महात्मा गांधी देश के राष्टपिता नहीं हो सकते

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी देश के राष्टपिता नहीं हो सकते। हमको तो पता नहीं उन्हें इतनी बड़ी उपाधि कैसे मिल गई। डॉ. शकुन ने कहा कि भारत-पाकिस्तान बंटवारे में 32 लाख लोगों से अधिक मारे गए। इन हत्याओं का आरोपी गांधी नहीं तो और कौन है। उन्होंने कहा था कि पिता कभी भी अपने दो बेटों में बंटवारा नहीं करता है। इतने सारे लोगों को निर्मम तरीके से मारा गया था। इनमें सबसे अधिक हिंदू ही थे। नाथूराम गोडसे सबसे बड़े राष्ट्र भक्त हैं। यदि इस देश में गोडसे से पहले मैं होती तो गांधी की हत्या कर देती। उन्होंने कहा कि मेरा संकल्प हिंदू राष्ट्र की स्थापना करना है। पूजा ने देश की शिक्षा नीति पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को गलत इतिहास पढ़ाया जा रहा है। अब बहुत हो चुका महात्मा गांधी का महिमामंडन। अब यह बंद होना चाहिए। मैं तो नाथूराम गोडसे की पुजारी हूं, उनके पथ चिन्हों पर ही चलती रहूंगी।

संगठन ने किया  दावा

गौरतलब है कि यूपी के मेरठ में देश की पहली कथित ‘हिंदू अदालत’ स्थापित करने का दावा अखिल भारत हिंदू महासभा नामक संगठन ने किया है। संगठन का दावा है कि शरिया अदालतों की तर्ज पर देश में हिंदू अदालतें स्थापित की जाएंगी। संगठन ने अलीगढ़ की डॉ पूजा शकुन पांडे को इस अदालत का पहला जज भी नॉमिनेट किया है। महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक शर्मा का कहना है कि हिंदू अदालतों में जमीन विवाद, मकान और विवाह के मामले आपसी सहमति से सुलझाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को उन नियमों को सार्वजनिक किया जाएगा जिनके अनुसार ‘हिंदू अदालत’ काम करेंगी। हिंदू अदालत बनाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी करते हुए इस मामले पर जानकारी मांगी है। वहीं कोर्ट ने डीएम मेरठ और हिंदू कोर्ट की कथित जज पूजा शकुन पांडे को पक्षकार बनाने का निर्देश देते हुए भी नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 11 सितम्बर को होगी।

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