धर्म व संस्कृति की रक्षा के लिए मनुष्य को शस्त्र और शास्त्र का ज्ञान जरूरी : ठाकुर देवकीनंदन महाराज

भास्कर समाचार सेवा

सिकंदराबाद। नगर के रामलीला मैदान में चल रही श्रीराम कथा के सातवें दिन कथावाचक ठाकुर जी अपने प्रवचनों से श्रोताओं का मन मोह लिया । पंडाल में श्रोताओं की काफी भीड़ दिखी । सीता -राम के विवाह के बाद लोग जमकर झूमे और फूलों की वर्षा की। कथा वाचक देवकीनंदन महाराज ने राम सीता का विवाह संपन्न होने के बाद श्रोताओं से कहा की धर्म व संस्कृति की रक्षा के लिए शास्त्र व शास्त्र का ज्ञान हर मनुष्य को जरूरी है क्योंकि शास्त्र मनुष्य को सनातन धर्म के बारे में ज्ञान देते है और साथ व मनुष्य को कर्मो से बांधते है । वह माता पिता की सेवा देश की सेवा परोपकार सिखाते हैं वही शस्त्र देश की रक्षा के लिए अवश्य होनी चाहिए उन्होंने कहा कि जब देश सुरक्षित होगा तभी धर्म सुरक्षित होगा । धर्म के द्वारा ही मनुष्य अपने जीवन में प्राचीन सनातन धर्म के बताए रास्ते पर चलता है । बताया बताया कि वर्तमान युग में युवा पीढ़ी गलत रास्ते पर जा रही है युबा पीढ़ी को कथाओं के माध्यम से शास्त्र पढ़ने की आवश्यकता है। जिससे वह धर्म की रक्षा भी करेगा और सनातनी भी बनेगा । मनुष्य को कभी अपनी संस्कृति को नहीं बोलना चाहिए चाहे वह किसी भी देश में हो उसे अपने धर्म और संस्कृति का हमेशा ज्ञान होना चाहिए। अध्यक्ष हरिओम पंसारी, सचिव सजल गर्ग ,नवनीत सिंघल,तरुण गर्ग गेसुपुर वाले ,सौरव गर्ग पंसारी,तरुण गर्ग बर्तन वाले,सचिन गर्ग,मोनू वर्मा रामप्रकाश बंसल,टीटू वर्मा,मनोज गर्ग ,पंडित मुकेश शर्मा, कमल किशोर गुप्ता का कथा में विशेष सहयोग रहा ।

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