
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में प्रशासन का एक नया फरमान सामने आया है। होली पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। अतिसंवेदनशील होली पर्व पर किसी तरह का विवाद न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने रोड पर स्थित धर्मस्थलों को तिरपाल से ढकना शुरू कर दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, होली के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा मस्जिदों के उपर रंग या जूते फेंक दिए जाते हैं। जिससे अक्सर विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है जिससे बचने के लिए पुलिस ने ऐसा कदम उठाया है।
एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि शहर में करीब 41 धर्मस्थल हैं। जिनकी सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। साथ ही पिछले साल होली पर जुलूस में ड्यूटी कराने वाले पुलिसकर्मियों को अनुभव के आधार पर जुलूस में तैनात किया जाएगा।
जूलुस के दौरान हिंसा को रोकने की कवायद
दरअसल 29 मार्च को होली पर्व मनाया जाएगा। होली के दिन सुबह में लाट साहब का जुलूस निकलता है। जिसमें भारी भीड़ इकट्ठा होती है। बेहद संवेदनशील माने जाने वाले लाट साहब के जुलूस को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक महीने पहले से तैयारी करना शुरू कर दी है। किसी तरह का विवाद या हिंसा न हो। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने शहर में स्थित करीब 41 विशेष समुदाय के धर्मस्थलों को तिरपाल से ढकना शुरू कर दिया है।
मस्जिदों को तिरपाल से ढ़कने की कार्रवाई शुरू
चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मोहम्मदजई में स्थित मस्जिद को तिरपाल से छुपाया गया। ताकि होली पर्व पर शरारती तत्व धर्मस्थल पर रंग फेंककर शहर की फीजा को खराब न कर दें। धर्मस्थलों की सुरक्षा के लिए एक धर्मस्थल पर करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।
तनावपूर्ण माहौल से बचने के लिए उठाया गया कदम
बताया जा रहा है कि अक्सर धर्मस्थलों पर रंग फेंकने के बाद तनाव की स्थित उत्पन्न हो जाती थी। जिसके बाद पुलिस प्रशासन को माहौल शांत करने में कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ता था। लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा धर्मस्थलों को तिरपाल से ढकने की पहल रंग लाई और धर्मस्थलों पर रंग फेंकने की घटनाओं पर अंकुश भी लगा है।