लखनऊ : भारत बंद में सवर्णों के आंदोलन से जाम हुई यूपी, योगी बोले-SC/ST कानून के दुरूपयोग की इजाजत नहीं

लखनऊ।   पिछले महीने संसद में पारित हुये अनुसूचित जाति/जनजाति संशोधन विधेयक के विरोध में अगणी जातियों के 22 संगठनो के अावाहन पर गुरूवार को भारत बंद का उत्तर प्रदेश में मिला जुला असर दिखायी पड रहा है।
राज्य में पूरब से लेकर पश्चिम तक कई स्थानों पर बाजार बंद रहे जबकि कुछ क्षेत्रों में रेल एवं सडक यातायात को बाधित करने का प्रयास किया गया। इस दौरान अधिसंख्य इलाकों में स्कूल और दफ्तर खुले रहे और कामकाज सामान्य रहा। कुछ एक स्थानों को छोडकर अधिकांश क्षेत्रों में सडकों पर भी यातायात सामान्य रहा।
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने कहा कि बंद शांतिपूर्ण है और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नही है। ऐहतियात के तौर पर पुलिस निगरानी बढा दी गयी है। सुरक्षा बलों को स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि कानून व्यवस्था को बिगाडने की किसी भी प्रयास से सख्ती से निपटा जाये।
सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के बैनर तले बंद समर्थकों ने लखनऊ में 28 सितम्बर को बडा सम्मेलन बुलाया है जिसमें उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ केन्द्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति संशोधन विधेयक पारित किये जाने का विरोध किया जायेगा। प्रदेश सरकार ने लखनऊ समेत 11 जिलों को बंद के लिहाज से बेहद संवेदनशील मानकर अलर्ट जारी किया है।

एटा से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार एससी/एस टी एक्ट में संशोधन के सरकार के फैसले के खिलाफ जलेसर,अवागढ़, अलीगंज और एटा में 70 फीसदी बाजार बंद हैं। इन इलाकों में जगह जगह जलूस निकालकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुयी। जलेसर में सैकड़ो प्रदर्शनकारियों ने जलेसर थाने का घेराव किया और सरकार के खिलाफ नारे लगाये। आक्रोशित भीड को नियंत्रित करने के बजाय पुलिसकर्मी मौके से नदारद हो गये।
सवर्ण समाज के अनेकों संगठनों ने मेहता पार्क से बाजारों में जलूस निकालकर व्यापारियो से बातचीत कर प्रतिष्ठान बंद रखने को कहा। कासगंज में एस सी एस टी एक्ट के विरोध में सवर्ण समाज एवं ओबीसी मोर्चा के लोगों ने रेल रोक कर किया विरोध प्रदर्शन किया। ‘मोदी तेरी ताना शाही नही चलेगी नही चलेगी’ के नारे लगाये गये। सोरों में भी बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
आगरा में बंद का मिला जुला असर देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने आगरा कैंट रेलवे स्टेशन प इटावा जाने वाली डेमू पैसंजर गाडी को रोक कर विरोध का इजहार किया। राजधानी लखनऊ में सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में कामकाज आम दिनों की तरह देखने को मिला। रायबरेली रोड के निगोंहा में बाजार बंद करा रही भीड और पुलिस के बीच तकरार हुयी जिससे क्षेत्र में कुछ देर के लिये अफरातफरी का माहौल रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी बंद का असर देखने को मिला । बीएचयू के हैदराबाद गेट के पास चक्काजाम और आगजनी की छिटपुट घटनाये हुयी वहीं इलाहाबाद-पटना हाईवे पर वाराणसी में डाफी पर चक्का जाम किया गया।
मैनपुरी में बंद समर्थकों ने मोटा रेलवे स्टेशन, भोगांव पर फर्रुखाबाद -शिकोहाबाद पैसेंजर ट्रेन को रोक लिया। यहां पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी इंजन पर चढ़ गए और जमकर नारेबाजी की। ट्रेन इस दौरान 45 मिनट खड़ी रही। इसके बाद पुलिस ने बमुश्किल प्रदर्शनकारियों को समझाया, तब कहीं जाकर ट्रेन रवाना हो सकी।
औरैया जिले में सवर्ण समाज के संगठनों ने बाजार बंद कराया। जिले में दिबियापुर, औरैया तहसील में बंद का व्यापक असर देखने को मिला है। इसके साथ व्यापार मंडल व सवर्ण समाज ने जुलूस निकालकर विरोध जताया है। बंदी के कारण यहां सन्नाटा पसरा है। व्यापार मंडल व सवर्ण समाज ने जुलूस निकालकर विरोध जताया है। भदोही में भी भारत बंद के मद्देनजर प्रमुख बाजारों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
एससी-एसटी एक्ट के विरोध में बंद का हाथरस और अलीगढ़ में मिला जुला असर रहा। अलीगढ़ में सुबह कई बाजार पूरी तरह बंद थे। जिले के अकराबाद, इगलास में बंद सफल है। हाथरस शहर में बंद मिला जुला है। चक्किबाजार में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। सिकन्दराराऊ में धरना दिया गया। सादाबाद के डाकखाना रोड पर लोगों ने प्रदर्शन किया।
आगरा में एससी/एसटी एक्ट के विरोध में आयोजित भारत बंद के दौरान खंदौली कस्बा में यमुना एक्सप्रेस वे पर ग्रामीणों ने जाम लगाया। आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी और अलीगढ़ मंडल के एटा, कासगंज में भारत बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला । कारोबारियों ने स्वेच्छा से ही अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखा है।
एससी/एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में 22 सवर्ण संगठनों ने आज भारत बंद बुलाया है। गौरतलब है कि इसी वर्ष दो अप्रैल को एससी/एसटी में बदलाव को लेकर दलितों ने भारत बंद बुलाया था। उस दौरान जमकर हिंसा, आगजनी और तोडफ़ोड़ हुई थी। इसी को लेकर हर जगह पर प्रशासन ने सभी जिलों को सतर्क रहने को कहा है। 

एससी/एसटी कानून के दुरूपयोग की इजाजत नही : योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति नहीं करती और जाति विशेष को सरंक्षण देने के कानून के दुरूपयोग की कतई इजाजत नही दी जायेगी।  तरबगंज तहसील क्षेत्र में सरयू नदी की बाढ़ से मची तबाही का निरीक्षण और बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करने बाबामठ परिसर में आये श्री योगी ने कहा कि भाजपा धर्म,जाति और मजहब के नाम पर समाज को बांटने के पक्षधर नही है। सभी को संरक्षण देने के लिये कानून बनाया गया है हालांकि किसी को कानून का दुरुपयोग कतई नही करने दिया जायेगा। एससी/एसटी एक्ट के विरोध में सवर्णों द्वारा बुलाये गये भारत बंद के सवाल पर उन्होने कहा कि भारत बंद का कोई औचित्य नही है। भाजपा सरकार देश के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा ,उसकी समृद्धि , खुशहाली के लिये प्रतिबद्ध है। संविधान में सभी को अपनी बात रखने का समान अधिकार है।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ित 50 परिवारों को राहत सामग्री बांटी। उन्होने पीड़ितों को संबोधित करते हुये कहा कि बाढ़ आपदा में राहत के लिये सरकार युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। सरकार ने आपदा में बेघर हुये 1244 पीड़ित और 188 वनटांगिया परिवारों को मुख्यमंत्री आवास के लिये पहली किश्त जारी कर दी है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी राहत कार्यो में लगे है। श्री योगी ने पिछली सरकारों को आड़े हाथों लेते हुये कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में आपदा पीड़ितों को दिखावे के नाम पर मात्र दो किलो राशन ही मिलता था लेकिन अब राहत पैकेट पहले से ही तैयार कर लिये गये है। उन्होने कहा कि सरकार विषैले जंतुओं के काटने से मृत्यु पर चार लाख रूपये मुआवजा दे रही है। बाढ़ राहत कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी दंडित किये जायेंगे।

भारत बंद पर केशव बोले, नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए विपक्षी कर रहे साजिश

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भारत बंद आंदोलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्षियों की साजिश बताया है। उनका कहना है जो लोग मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनने से रोकना चाहते हैं, वे ही इस साजिश में शामिल हैं। केशव मौर्य ने गुरुवार को यहां कहा कि भाजपा सबका साथ सबका विकास की नीति में विश्वास करती है। ऐसे में सरकार समाज के हर वर्ग के साथ है। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत बंद के पीछे जो लोग हैं, वे राजनीतिक साजिशकर्ता हैं और अपने सियासी फायदे के लिए इस तरह के आंदोलन में शामिल है। गौरतलब है कि एससी-एसटी एक्ट में हुए संशोधन के खिलाफ आज पूरे देश में बंद का आवाहन है। उत्तर प्रदेश में भी भारत बंद का काफी असर है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य का कहना है कि एससी-एसटी एक्ट में संशोधन लोक सभा और राज्य सभा में सर्वसम्मति से हुआ है। इसे सभी दलों के सांसदों ने मिलकर पारित कराया है। उन्होंने दावा किया कि इस एक्ट का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने भी भारत बंद आंदोलन को राजनैतिक साजिश बताया है। उन्होंने एक बयान में आज यहां कहा कि लोकसभा चुनाव आने वाला है। ऐसे में इस आंदोलन के पीछे राजनैतिक साजिश से इंकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सर्व समाज के साथ है।

वाराणसी में “भारत बंद” समर्थकों ने फूंके मोदी के पुतले

वाराणसी. अनुसूचित जाति एवं जनजाति (संशोधन) विधेयक के खिलाफ गुरुवार को आयोजित ‘भारत बंद’ के समर्थकों ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जगह-जगह प्रदर्शन किया तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले फूंके।
जिला मुख्यालय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-दो, भोजूबीर, पहड़िया, अर्दली बाजार समेत अनेक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किये गए। अखिल भारतीय हिंदू ब्रह्मन सभा, हिंदू युवा शक्ति, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, हिंदू युवा संगठन, हिंदू महासभा समेत अनेक संगठनों के बैनर तले लोग सड़कों पर उतरे।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-दो और शहरी क्षेत्र को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को बीएचयू परिसर के हैदराबाद गेट के सामने घंटों जाम रखा। वे विधेयक वापस लेने तथा नौकरियों में आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था के समर्थन में नारे लगाते रहे। उन्होंने श्री मोदी पर वोट की राजनीति के लिए स्वर्णों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए उनका पुतला फूंका। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सुसुवाहीं एवं आसपास की दुकानें बंद करायीं और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-2 को जामकर सरकार विरोधी नारे लगाये।
हिंदू युवा शक्ति के बैनर तले बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों ने शास्त्री घाट से जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंच गए तथा पुलिस मुकदर्शक बनी रही। पहड़िया इलाके में हिंदू महासभा के बैनर तले प्रदर्शन किया गया। कुछ लोगों ने श्री मोदी का पुतला फूंका।
युवा शक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्भय सिंह समेत कई नेताओं ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति संशोधन विधेयक को “काला कानून” करार देते हुए चेतावनी दी कि उच्चतम न्यायालय के फैसले को पलटने वाले इस विधेयक के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।
गोदौलिया, चौक, दालमंडी जैसे मुख्य बाजारों में अधिकांश दुकानें खुली रहीं लेकिन खरीदारों की संख्या सामान्य से कम नजर आयी। इन क्षेत्रों की सड़कों पर लोगों की आवाजाही आम दिनों की अपेक्षा बेहद कम रही।

 


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