UP WEATHER UPDATE : इन जिलों में हुई जोरदार बारिश, धान के साथ में सब्जियों की फसलों को अधिक नुकसान होने की संभावना

लखनऊ: मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर प्रदेश के 30 जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का औरेंज अलर्ट जारी किया है. इसके साथ ही करीब 35 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है. बुधवार से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जोरदार बारिश हो रही है, जिससे कारण जनजीवन अस्त व्यस्त है. इसके साथ ही गुरुवार के लिए भी मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी की है. मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार गुरुवार हुआ शुक्रवार को जोरदार बारिश होने की संभावना है. 

बुधवार को राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो कि सामान्य से 3.3 डिग्री सेल्सियस कम है. वहीं न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस रहा जो कि सामान्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस अधिक है. मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार राजधानी लखनऊ में गुरुवार को बादल छाए रहेंगे तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है. अधिकतम तापमान 29 व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.

बुधवार से ही राजधानी लखनऊ में जोरदार बारिश शुरु हुई बारिश के कारण कई मोहल्लों की गलियां व सड़क पानी से भर गए, कुछ कॉलोनियों में तो पानी घर के अंदर तक चला गया. जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. राजधानी लखनऊ में बुधवार से ही तेज हवाएं चल रही है. गुरुवार को लखनऊ में 27 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पूर्वी उत्तरी हवाएं सक्रिय हैं.

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर प्रदेश के अमेठी, अयोध्या, बाराबंकी, बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कन्नौज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत, बदायूं , कासगंज, एटा, मथुरा, अलीगढ़, गौतम बुध्द नगर व इसके आसपास के जिलों में भारी बारिश होने के साथ ही 87 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है. इसको देखते हुए मौसम विज्ञान विभाग ने लोगों से गुरुवार को पक्के मकानों में शरण लेने की सलाह दी है. साथ ही किसानों को आज के दिन खेती से संबंधित कार्य बंद रखने को कहा है. साथ ही विद्युत पोल व तारों से भी दूर रहने व कच्चे मकानों तथा पेड़ के नीचे शरण ना लेने की सलाह दी है.

येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर प्रदेश के कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, जौनपुर, अंबेडकर नगर, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, बस्ती, गोंडा, श्रावस्ती, फतेहपुर, बांदा, झांसी, महोबा, हमीरपुर, जालौन, इटावा, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, कासगंज, एटा, फिरोजाबाद, आगरा, मथुरा, संभल, अमरोहा, हापुर व इसके आसपास के जिलों में बारिश के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है.इन जिलों में हुई जोरदार बारिश

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में सबसे अधिक 45 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा कानपुर देहात में 10, कानपुर नगर में 6, गोरखपुर में 5, वाराणसी में 24, बलिया में 7, सोनभद्र में 13, प्रयागराज में 21, फतेहपुर में 14 , बांदा में 10, रायबरेली में 18, गाजीपुर में 15, झांसी में 13, उरई में 7, बरेली में 1, लखनऊ में 5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई.

मौसम वैज्ञानिक डॉ जेपी गुप्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बारिश लगातार जारी है. 15 तारीख को भी जोरदार बारिश हुई. इसी तरह 16 व 17 को भी जोरदार बारिश होने की संभावना है. इसके बाद बारिश में कुछ कमी आएगी, लेकिन बारिश सितंबर माह तक जारी रहेगी.

तेज हवा के साथ बारिश से धान के साथ में सब्जियों की फसलों को अधिक नुकसान होने की संभावना

अचानक मौसम में परिवर्तन होने से कुछ क्षेत्रों में गरज चमक के साथ तेज बारिश तथा तेज हवा चलने से फसलों को नुकसान होने का अनुमान है. तेज हवा से धान की फसल गिर गई है. अभी धान दुग्धा अवस्था में ही था, जिससे अधिक नुकसान होने की संभावना है. यदि ऐसे ही निरंतर बारिश होती रही तो धान मे 50 से 70 प्रतिशत तक नुकसान होने की‌ संभावना होती है. जिले के काकोरी, मलिहाबाद एवं माल, इटौंजा के किसानों ने बताया कि अधिक बरसात और तेज हवा के कारण मक्का, बाजरा, ज्वार, सफेद तिल एवं उड़द की फसल भी काफी प्रभावित हुई है. नगर पंचायत बख्शी का तालाब के प्रगतिशील किसान धीरेंद्र कुमार सिंह, सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि अभी शीघ्र ही हम लोगों ने टमाटर की नर्सरी डाली थी, पूरी नर्सरी नष्ट हो गई है अब समय से टमाटर की रोपाई नहीं हो पाएगी.चंद्र भानु गुप्ता कृषि स्नातकोत्तर महाविद्यालय बक्शी का तालाब लखनऊ के सहायक आचार्य डॉ सत्येंद्र कुमार सिंह ने किसानों को सलाह दी. जिन किसान भाइयों ने नर्सरी डाल रखी है, उसको अच्छी तरह से पॉलिथीन से ऊंचा आधार बनाकर ढक दें. प्रमुख रूप से पपीता किसानों को सलाह दी जाती है कि हर स्थिति में खेत से जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें. जिन किसानों ने धनिया, पालक, मेथी तथा सोया की बुवाई की है. जल निकास का प्रबंध करें. बहुत से किसान भाइयों के सब्जियों के मचान टूट गए हैं, मौसम सही होने पर उन्हें पुनः सही करें. केला किसानों को सलाह दी जाती है की पौधों में सहारा देने के लिए मजबूत बांस का प्रयोग करें. चंद्र भानु गुप्त कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर योगेश कुमार शर्मा ने बताया कि तेज बरसात से किसानों का नुकसान हुआ है, जिससे आमजन के ऊपर भी प्रभाव पड़ेगा सब्जियां महंगी होंगी यह समय किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है. जिस कारण किसानों की रबी फसल की बुवाई लेट होगी.

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