Video: 3 बच्चों के बाप को अदालत ने बनवाया दूल्हा, घोड़ी चढ़ कोर्ट से बीवी को विदा करा ले गया

मध्य प्रदेश के देवास जिले में शनिवार को एक अजब नजारा देखने को मिला. जिला न्यायालय देवास में आयोजित नेशनल लोक अदालत में एक पारिवारिक विवाद को अनूठे तरीके से समझौता कर संपन्न करवाया गया.

पति पत्नी जो कि 3 बच्चों के माता-पिता भी थे उनके बीच विवाद चल रहा था. विवाद की शुरुआत इस बात से हुई थी कि शादी के दौरान दूल्हे को घोड़े पर चढ़ने की इच्छा थी. लेकिन शादी एक सम्मेलन में होने के कारण वह घोड़े पर नहीं चढ़ सका. जबकि पत्नी की शिकायत यह थी कि शादी के बाद सास ने उसे एक साड़ी तक नहीं दी.

दरअसल पवन कुमावत का विवाह ग्राम छोटा मालशापुरा की करुणा के साथ 26 अप्रैल 2008 को संपन्न हुआ था. विवाह के उपरांत उन्हें दो पुत्र और एक पुत्र की प्राप्ति हुई. दोनों के बीच विभिन्न बातों को लेकर खूब विवाद हुए. मामला थाने तक जा पहुंचा. तब अनुविभागीय अधिकारी देवास के न्यायालय के माध्यम से सहमति कर बच्चों का बंटवारा उनकी इच्छा के अनुसार किया गया. इसके बाद पति ने तलाक का प्रकरण कुटुंब अदालत देवास में प्रस्तुत किया. जहां से मध्यस्था की कार्यवाही द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश गंगाचरण दुबे के समक्ष रखी गई.

मध्यस्थता के दौरान कई बार बैठकें हुई जो विफल हुई क्योंकि दोनों पति-पत्नी पुरानी बातों को लेकर एक दूसरे से अत्यधिक नाराज थे. दोनों एक दूसरे के प्रति शक का भाव भी रखते थे. करुणा का कहना था कि उसकी मां ने उसे आज तक कोई वस्त्र नहीं दिया, पति उसे प्रेम नहीं करता. वही पति का कहना था कि पत्नी के भाई ने उसे विवाह में घोड़ी पर नहीं बैठने दिया. बारात की वीडियो रिकॉर्डिंग भी नहीं की गई.

न्यायालय ने एक युक्ति सुझाई कि क्यों ना लोक अदालत में पत्नी की इच्छा के अनुसार पति की मां उसे साड़ी पहनाए और पति घोड़ी पर बैठकर पत्नी को अपने मायके ले जाए. जिस पर दोनों पक्ष राजी हो गए.

फिर क्या था, पति पवन बाकायदा घोड़े पर बैठकर बारात लेकर न्यायालय में पहुंचा जहां द्वार पर उसकी अगवानी की गई. न्यायालय कक्ष के अंदर जजों ने वर वधु दोनों को आशीर्वाद दिया. वर वधु ने एक दूसरे को वरमाला पहनाई और दोनों एक साथ हो लिए.

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