43 घण्टे काव्य पाठ का वीडियो एलबम विश्व रिकार्ड में सम्मिलित

  • स्थानीय कवि देवेश सिसोदिया को फिर से मिली उपलब्धि पर जनपद में हर्ष

भास्कर समाचार सेवा
हाथरस/सिकन्दराराव। स्थानीय कवि एवं साहित्यकार देवेश सिसोदिया को विश्व रिकार्ड में मिल रही उपलब्धियों से क्षेत्र में हर्ष की लहर दौड़ रही है। इस बार सिसोदिया द्वारा रचित दोहे औऱ चौपाइयाँ की 43 घण्टे 7 मिनट की वीडियो एलबम को ऑफिशियल विश्व रिकार्ड में सम्मिलित किया गया है। इस वीडियो एलबम को तैयार करने में कई देशों के 303 कवियो ने चौपाई औऱ दोहों के माध्यम से भारत के सभी 37 प्रान्तों की जनसांख्यिकी, कला, संस्कृति, उपलब्धियां, इतिहास, प्राकृतिक सौंदर्य, भौगोलिक संरचना तथा प्रमुख व्यक्तित्व को संदर्भित करते हुए गौरव गाथा का वर्णन किया गया है।
जिसमें कवि देवेश सिसोदिया को लद्दाख राज्य का समन्वयक बनाया गया था जिनके नेतृत्व में अन्य छह कवियों ने लद्दाख राज्य के लिए अलग अलग संदर्भ में दोहे और चौपाईयों के माध्यम से राज्य के गौरव गाथा का वर्णन किया। इस प्रकार से 37 राज्यों का देश और विदेश के अलग-अलग कवियों ने वर्णन किया। लेखन कार्य पूर्ण होने के बाद 23 अक्टूबर 2021 से 30 नवंबर 2021 तक लगातार 37 दिनों तक शाम 7:00 से 10:00 रात्रि को ऑनलाइन काव्य पाठ कराया गया संपूर्ण काव्य पाठ में 43 घंटे 7 मिनट लगी। इसे संगीतमय गायन एल्बम के रूप में तैयार किया गया। इस संगीतमय गायन एल्बम का विश्व रिकॉर्ड में सम्मिलित होना भारत के लिए गौरव का विषय है। यह ग्रंथ श्रीरामचरितमानस की तर्ज पर दोहा और चौपाईयों में छंद में लिखा गया है। इस अवसर पर श्री सिसोदिया ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय काव्य प्रेमी मंच की संस्थापिका डॉ ममता सैनी ने तंजानिया में रहते हुए भारत को जाने नामक एक महाकाव्य देश विदेश के कवियों से लिखवाने का कार्य किया। जिसमें स्थानीय कवि देवेश सिसोदिया भी सम्मिलित थे। जिन्हें आज ईमेल के माध्यम से विश्व रिकार्ड का ऑफिसिल सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है। सिसोदिया की इस उपलब्धि से जनपद में हर्ष की लहर दौड़ गई है।

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