बाल श्रम कानून का उल्लंघन कर बच्चों से कराई जा रही मजदूरी

पेसिपाह में वन विभाग की नर्सरी मे काम कर रहे बाल मजदूर
क़ुतुब अंसारी / अशोक सोनी
जरवल ( बहराइच ) जरवलरोड थानाक्षेत्र के लखनऊ बहराइच पर तपेसिपाह स्थित वन विभाग के नवनिर्मित नर्सरी में आस पास के गांवों के दो दर्जन बाल मजदूरों से पालीथीन में मिट्टी भराने का  काम लिया जा रहा है।एक तरफ प्रदेश सरकार ने बाल श्रम रोकने के लिए कठोर कानून बनाया है, वहीं दूसरी तरफ जिन बच्चों के हाथ में कापी किताब होनी चाहिए, वह बच्चे घाघराघाट के वन विभाग के नर्सरी में कम मजदूरी पर काम करने को विवश है। जरवलरोड थानाक्षेत्र के लखनऊ बहराइच हाइवे पर घाघराघाट रेलवे स्टेशन के सामने वन विभाग ने लगभग एक एकड रेलवे की भूमि पर पौधों की नर्सरी डालने के बैरीकेटिंग की है।इस नर्सरी मे आम,नीम,पकडिया,अर्जुन, जामुन, गूलर सहित अन्य पेडों के ढाई लाख पौधे घाघराघाट के वन विभाग की नर्सरी मे तैयार किए जाएंगे।
नर्सरी  से तैयार इन ढाई लाख पौधों को वन विभाग और आसपास के गांवों के किसानों को वितरित किया जाएगा।इस नर्सरी में क्यारियां बनाकर पॉलिथीन में मिट्टी भरने का कार्य किया जा रहा है जिसमें खुलेआम बाल श्रम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आस-पास के गांवों के दो दर्जन बच्चे वन विभाग की इस नर्सरी में पालीथीन मे मिट्टी भरने का काम कर रहे हैं। हीरालाल पुरवा के करन,शुकुल ,घाघराघाट के सायरा ,रोशमीन, छोटू ,कासिम अली, शिवम, शान ,आमिना साईं पुरवा के गोलू ,मोहम्मद सलीम आदि बच्चे सामिल है। वन विभाग द्वारा खुलेआम बाल श्रम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है। 6 से 14 साल के जिन बच्चों के हाथों में कॉपी और किताब होनी चाहिए,उन बच्चों से नर्सरी में मिट्टी भराई का काम खुलेआम कराया जा रहा है।
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