बुंदेलखंड की इनामी डकैत दस्यु सुंदरी साधना गिरफ्तार, अपहरण, हत्या और फिरौती के कई मुकदमे थे दर्ज

चित्रकूट । उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे मध्य प्रदेश के मझगवां थाना पुलिस ने इलाके में आतंक का पर्याय बन चुकी 50 हजार की इनामी दस्यु सुंदरी साधना पटेल को गिरफ्तार किया है। करियन के जंगल से गिरफ्तार हुई साधना के पास से 315 बोर की राइफल भी जब्त की गई है।

मध्य प्रदेश के सतना पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल ने रविवार को बताया कि सात लाख के कुख्यात इनामी डकैत बबली कोल गैंग के खात्मे के बाद मध्य प्रदेश पुलिस सीमावर्ती इलाके में आतंक का पर्याय बनी 50 हजार की इनामी दस्यु सुंदरी साधना पटेल गैंग के सफाये के लिए लगातार अभियान चला रही थी। बीते मंगलवार को ही साधना गैंग के सदस्य 10 हजार के इनामी डाकू रिंकू उर्फ रवि शिवहरे को भैरम बाबा के जंगल में घेरकर गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से 12 बोर का एक लोडेड कट्टा और जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया।

वर्ष 2017 की 22 दिसम्बर को दो शिक्षकों रामप्रता पटेल (टेढ़ी) और फूल सिंह गोंड़ (थर पहाड़) को 5 लाख की फिरौती के लिए अगवा करने के मामले में पुलिस को इस बदमाश की करीब दो साल से तलाश थी। रिंकू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को दस्यु साधना गैंग के अहम सुराग मिले और दस्यु सुंदरी की गिरफ्तारी हो सकी। उन्होंने बताया कि दस्यु सुंदरी साधना पटेल की गिरफ्तारी के बाद चित्रकूट और आसपास के इलाकों में दहशत का साम्राज्य खत्म होगा। उन्होंने अभियान ने लगे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौतम सोलंकी समेत सभी अधिकारियों को इस सफलता के लिए बधाई दी है।

अपहरण, हत्या और फिरौती के मुकदमे थे :

साधना पटेल पाठा के जंगलों की पहली महिला दस्यु जिसने क्षेत्र में अपना राज कायम किया और आस-पास के जिलो में एक अलग किस्म का ख़ौफ़ स्थापित किया, साधना के ऊपर हत्या, अपहरण, फिरौती, मारपीट के 2 दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे, लेकिन काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने साधना को अपने कब्जे में लेकर आतंक की यात्रा को समाप्त कर दिया है।

इश्क ने बनाया दस्यु सुंदरी :

बगावत और बागी, मुसीबत और अत्याचार के आधार पर जन्मती है फूलन देवी, अन्य महिला डकैतों के बारे में यही जानकारी मिलती है कि वह किसी न किसी समस्या के कारण बागी बने, लेकिन साधना के मामले में ऐसा नही था, दरअसल साधना ने जंगल का रास्ता इश्क में पड़कर अपनाया।

साधना मूलतः कर्वी ( चित्रकूट) जिले में आने वाले भरतकूप चौकी के अंतर्गत आने वाले गांव बगहिया की निवासी है , साधना की बुआ नयागांव में व्याही थी जिसकी वजह से साधना का ज्यादातर आना-जाना नयागांव होता था, यहाँ पर आपको बताते चले कि साधना की माँ का सम्बंध तराई के डकैत चुन्नीलाल के साथ था जो कि एक पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था, उसी चक्कर मे साधना की माँ भी अपनी ननद के यहाँ अपनी बिटिया साधना को लेकर जाया करती थी, चुन्नीलाल के एनकाउंटर के बाद साधना का विवाह किसी और जगह हो चुका था, लेकिन इससे पहले ही साधना नयागांव के नए नवेले फरार डकैत “नवल” के इश्क में पड़ गयी और मौका पाकर अपनी ससुराल से भागकर जंगलों में पहुच गयी।

इसके बाद साधना का अन्य डकैतों से संपर्क होता रहा चूंकि एक मुठभेड़ में नवल को पकड़ कर जेल भेज दिया गया था, इस पर साधना अन्य दूसरे गिरोहों में जाकर अपना स्थान सुनिश्चित करने लगी ,वर्तमान में साधना सेजवार ( थाना नयागांव) के निवासी दीपक शिवहरे के गैंग में शामिल थी, जिसे पुलिस ने धर दबोचा है।

अलग-अलग थ्योरी :

एक ओर जहां पुलिस साधना को गिरफ्तार करके इसे अपनी कामयाबी घोषित करने पर जुटी है वही जानकार बताते है कि यह एक साठगांठ का काम है , दरअसल साधना पर कब्जे को लेकर डकैतों में काफी विरोध चल रहा था जिसकी वजह से साधना अपनी जान बचाकर करीब दो महीने पहले से ही दूसरे प्रदेश ( मध्यप्रदेश) में कहीं छिपी हुई थी, और मौका पाते ही उसने पुलिस के साथ सरेंडर की यह कहानी रची।

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया बल्कि साधना ने खुद ही सरेंडर किया, लेकिन पुलिस उसकी गिरफ़्तारी दिखाकर अपने बढ़ाने में जुटी है।

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